गोरखपुर में स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ एवं साफ सुथरी हवा को काफी बेहतर माना जाता है। इसी वजह से कहा जाता है कि 'सुबह-शाम की हवा, लाख टके की दवा।' लेकिन इन दिनों हवा में प्रदूषण की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ने की वजह से सुबह की सैर करना खतरे से खाली नहीं है। स्थिति यह है कि गोरखपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स रेड जोन में पहुंच चुका है। शनिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 337 दर्ज किया गया।
Air pollution: गोरखपुर में खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण, सुबह-शाम की हवा भी हुई जहरीली
हवा में काफी ज्यादा प्रदूषण की वजह से सुबह की सैर पड़ सकती है सेहत पर भारी
दीपावली के बाद से गोरखपुर की आबोहवा कुछ बिगड़ गई है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में तो गोरखपुर में हवा की गुणवत्ता उतनी खराब हो गई, जितनी इन दिनों दिल्ली की है। 09 नवंबर को गोरखपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 398 दर्ज किया गया था।
अत्यंत खराब स्थिति होने पर डीएम ने शहर के विभिन्न विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और निर्माण कार्य स्थलों पर पानी का छिड़काव करने का निर्देश दिया। इसके बाद नगर निगम और लोक निर्माण विभाग द्वारा कुछ दिन पानी का छिड़काव कराया गया। इसके बाद गोरखपुर की हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ, लेकिन अब छिड़काव बंद होने के बाद फिर से हवा की सेहत बिगड़ने लगी है।
इसमें धीरे-धीरे सुधार होते हुए 168 तक हो गया। लेकिन धीरे धीरे फिर से एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब होता चला जा रहा है। शनिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 337 दर्ज किया गया।
पिछले कुछ दिनों से यूं था एक्यूआई
21 नवंबर- 168
22 नवंबर- 170
23 नंवबर- 168
24 नवंबर- 199
25 नवंबर- 242
26 नवंबर- 299
27 नवंबर- 337