सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को खाद कारखना परिसर में सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान एक हजार नव विवाहित दंपतियों को आशीर्वाद दिया। समाज कल्याण विभाग की तरफ से आयोजित इस समारोह में एक हजार जोड़े विवाह के पावन बंधन में बंधे। नवयुगलों में हिन्दू, मुस्लिम दोनों शामिल रहे। सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए मुख्यमंत्री ने उनके सुखमय जीवन की कामना की।
गोरखपुर में सामूहिक विवाह: सीएम योगी से मिले शगुन ने विवाह को बना दिया यादगार, देखें तस्वीरें
इस अवसर पर उन्होंने मंच से 10 नवयुगलों को प्रमाणपत्र और उपहार-शगुन किट भेंट किए।- प्रमाणपत्र देने के दौरान मुख्यमंत्री ने जोड़ों से आत्मीय संवाद भी किया। नवदंपितयों ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों मिले शगुन नै उनके जीवन के इस विशेष लम्हे और और भी विशेष बना दिया।
इस दौरान योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार सामूहिक विवाह योजना के तहत वर्ष 2017 से अब तक तीन लाख से अधिक शादियां करा चुकी है। प्रति जोड़े विवाह पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें 35 हजार रुपये कन्या के खाते में भेजे जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि गरीब के साथ संपन्न परिवारों के बच्चे सामूहिक विवाह के कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।
बाल विवाह, दहेज और तलाक की कुप्रथा अमानवीय
सीएम योगी ने कहा कि एक सदगृहस्थ के लिए विवाह भी एक संस्कार है और उस संस्कार से वह पैतृक परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करता है। समय के अनुरूप विकृतियां भी आईं। कहीं बाल विवाह, तो कहीं दहेज जैसी कुप्रथाएं हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों को संकल्प दिलाया कि बाल विवाह नहीं होने देना है। दहेज |न लेना है, न देना है।
शुद्ध जल से स्वास्थ्य पर खर्च होगा कम
सीएम योगी ने कहा कि सामूहिक विवाह के कार्यक्रम के साथ आज 252 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उपहार भी मिल रहा है। इसमें सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाढ़ बचाव, पेयजल के कार्य शामिल हैं। पेयजल की परियोजना से हर घर नल से शुद्ध जल मिलेगा। शुद्ध जल से मनुष्य स्वस्थ होगा। बीमारियों से बचाव होगा और स्वास्थ्य पर खर्च बचेगा।