मुख्यमंत्री ने वनटांगिया बस्तियां के पूर्व के हालात और वर्तमान के विकास का तुलनात्मक खाका भी सबके सामने रखा। कहा कि दस-पंद्रह साल पहले आरपीएसएफ के साथ एक विवाद हुआ था तब भी हम लोग आए थे और उस समय आंदोलन करना पड़ा था।
PHOTOS: सीएम योगी का संघर्ष आया काम, वनटांगियां के लिए करना पड़ा आंदोलन; आज अपनी है ग्राम पंचायत
कहा कि कभी वन विभाग तो कभी पुलिस या प्रशासन के लोग यहां के लोगों को परेशान करते थे। इन वनटांगिया गांव में जहां पहले कोई जाता नहीं था, आज उनकी अपनी ग्राम पंचायतें हैं। वहां पर हर योजना का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रजही गांव 2009 में गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में आया। इससे पहले यह बांसगांव संसदीय क्षेत्र का हिस्सा था। गोरखपुर महानगर क्षेत्र से सटे होने के बावजूद यह सुविधाओं से पूरी तरह वंचित था। यहां पक्का मकान बनाना भी लोगों के लिए कठिन था।
वनटांगिया गांव में वर्ष 2009 से ही बतौर सांसद यहां दीपावली मनाते रहे हैं और सात साल पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने खुद द्वारा शुरू की गई परंपरा में रुकावट नहीं आने दी।
अब इस गांव में आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, जैसे संसाधनों के साथ ही यहां रहने वालों को जनहित की सभी योजनाओं से आच्छादित कर दिया।