यूपी: दरोगा की बेटी के प्यार में पागल हुआ था ये बदमाश, लोग डर से उसे बुलाते थे 'डॉक्टर'
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बताया जाता है कि एक बरात में मारपीट की सूचना पर पुलिस पहुंची। इस दौरान पन्ना सिपाही से भिड़ गया। इससे खार खाए (नाराज होना) पुलिसवालों ने उसे जमकर पीटा। इस घटना के बाद लोग उसे जानने लगे थे। वह इलाके में 'डॉक्टर' के उपनाम से कुख्यात हो गया। इसके बाद कई वारदातों में उसका नाम सामने आया।
जेलर पर हमले के बाद सुर्खियों में आया
इस मामले में जेल से छूटने के बाद पन्ना लौटा तो फिर से वारदातों को अंजाम देने लगा। इस बीच उसने बदमाशों की फौज तैयार कर ली। उसने संतोष पांडेय, बबलू यादव, इंद्रपाल सिंह, नागेंद्र चौधरी, श्यामसुंदर, पिंटू और तेज प्रताप को साथ जोड़ लिया। पन्ना और उसके साथियों ने गोरखपुर और महराजगंज जिले में ताबड़तोड़ आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। ताबड़तोड़ लूट की घटनाएं कर वह पुलिस को चुनौती देने लगा।
उसने दर्जन भर से अधिक लूट की घटनाएं कीं। गोरखपुर के कैंट थाना इलाके में वर्ष 2014 में उसने जय साहनी की अपहरण के बाद हत्या कर दी। क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था। उसके ऊपर कैंट पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की थी। इसी दौरान जेल में रहते हुए उसने जेलर पर हमला भी किया था। हालांकि इस मामले में जेलर ने पन्ना पर कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, पन्ना यादव एक बार गोरखपुर जेल से फरार भी हो गया था।
बड़े भाई की मौत के बाद तोड़ लिया गांव से नाता
जानकारी के मुताबिक, पन्ना के बड़े भाई साधू जब जिंदा थे, तो वह अक्सर गांव आता था। वर्ष 2015 में बड़े भाई की मौत हो गई तो उसने गांव से नाता तोड़ लिया। इधर, पुलिस की सख्ती बढ़ गई तो वह बहराइच शिफ्ट हो गया। पन्ना ने यहां गांव में अपना मकान बेच दिया था। अब गांव में उसकी 12 से 13 डिस्मिल भूमि बची है।