गोरखपुर यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रा प्रियंका की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के परीक्षण के लिए डॉक्टरों की पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। डीएम के आदेश पर सीएमओ ने दो एससी-एसटी के डॉक्टरों को शामिल करते हुए टीम बनाई है। इस टीम को विवेचक वीडियो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपेंगे। कमेटी परीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रा की मौत मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का परीक्षण करेगी पांच सदस्यीय कमेटी, किया गया अंतिम संस्कार
गुलरिहा थानेदार ने भी उनकी बात दोहरा दी थी। इसके बाद ही प्रियंका के पिता ने कैंट थाने में हत्या की तहरीर दे दी थी। जिसके आधार पर पुलिस ने गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष और उनके अज्ञात सहयोगियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया था। इसके साथ ही परिजनों ने कैंट इलाके में ही यूनिवर्सिटी होने की वजह से विवेचना प्रभावित होने की आशंका जताई थी। इस वजह से एसएसपी ने मामले की विवेचना सीओ चौरीचौरा जगत नारायण कन्नौजिया को सौंप दी है।
डीएम-एसएसपी के पहुंचने पर माने परिजन, की गई अंत्येष्टि
सोमवार की सुबह ही डीएम विजय किरण आनंद और एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु छात्रा के घर पर पहुंच गए। परिजनों ने अपनी मांगे अफसरों के सामने रखीं और फिर अफसरों के आश्वासन पर वे मान गए। सुबह करीब 8:30 बजे परिजन प्रियंका का अंतिम संस्कार करने चले गए। डीएम ने परिवार की आर्थिक मदद के लिए छात्रा के पिता के बैंक खाते की पासबुक, आधार कार्ड की फोटोकॉपी और चार फोटो भी लिया। मौके पर पुलिस-प्रशासन ने परिजनों की सभी मांगें मान लीं, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
थानेदार की जांच सीओ चौरीचौरा को सौंपी गई
छात्रा के घर पर रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर छात्रा की हत्या की बात कहने वाले गुलरिहा थानेदार की जांच भी शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने सीओ चौरीचौरा को मामले की जांच सौंपी है। एसएसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, छात्रा के घर पर कानून व्यवस्था को संभालने के लिए गुलरिहा थानेदार को भेजा गया था और नगर विधायक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट पढ़ने के बाद थानेदार ने भी रिपोर्ट पढ़कर हत्या की बात कही थी।
यूनिवर्सिटी में सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने को लिखेंगे पत्र
एसएसपी ने कहा कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के लिए पत्र लिखा जाएगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन से मांग की जाएगी कि परिसर में चप्पे-चप्पे पर कैमरे लगवा लें, ताकि कोई भी गतिविधि होने पर संदेह की स्थिति ही न हो।
इन तथ्यों की वजह से पुलिस ने माना खुदकुशी
- छात्रा की चप्पलें सीधी थीं, यानी वह खुद उतारकर टेबल पर चढ़ी थी
- टेबल इस तरह से मिला है जैसे छात्रा ने खुदकुशी के समय उसे अपने पैरों से धकेला हो
- छात्रा की जीभ का बाहर होना, शरीर पर कोई चोट के निशान ना होना
- कमरे में फर्श पर धूल थी, मौके पर कोई और फुटप्रिंट नहीं मिला है, जिससे साफ है कि कमरे में वह अकेले ही गई थी
- फंदा लंबा होने से मौत के बाद लटककर शव नीचे आया होगा
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग (लटकने से) का उल्लेख है। मृत्यु पूर्व किसी चोट का उल्लेख नहीं है।
एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने कहा कि जल्द ही पूरे मामले की जांच कर घटना का सच सामने लाया जाएगा। वैसे, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ तौर पर लटकने से मौत की बात कही गई है। पांच सदस्यीय डॉक्टरों की एक टीम भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वीडियो के परीक्षण के लिए गठित की गई है। वह भी अपनी रिपोर्ट जल्द सौंप देगी। इससे दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।
फिलहाल, तहरीर के आधार पर पुलिस हत्या का केस दर्ज कर जांच कर रही है। परिवार वालों ने कैंट इलाके में यूनिवर्सिटी होने की वजह से विवेचना प्रभावित होने की आशंका जताई थी, इस वजह से विवेचना को सीओ चौरीचौरा जगत नारायण कन्नौजिया को सौंप दी गई है। मौत के मामले में अंतिम निष्कर्ष आने के बाद, जिन लोगों ने भी अफवाह फैला कर इस प्रकरण में माहौल बिगाड़ने का काम किया है, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
