एक लाख के इनामी रहे परवेज के गोरखपुर में भी कई शरणदाता हैं। पुलिस उसके नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। परवेज नेपाल से यूपी में वसूली का सिंडिकेट चलाता था। उसने गोरखपुर में भी पांव जमा लिए थे। सूत्रों की माने तो वह नेपाल में गोरखपुर के रास्ते नकली नोटों के कारोबार से भी जुड़ा था। हालांकि गोरखपुर में उसने कोई आपराधिक वारदात नहीं की थी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक यहां के कुछ लोग उसके संपर्क में थे। वह गोरखपुर में किसी सफेदपोश से रविवार को मिलने आया था।
तस्वीरें: मुख्तार गैंग को आर्थिक मदद पहुंचाता था परवेज, एसटीएफ की चार गोली ने कर दिया ढेर
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पहले तो उसने कैंपियरगंज इलाके में पनाह ली। शनिवार को परवेज की चिलुआताल इलाके के नकहा में एक नेता से मुलाकात तय थी। देर शाम अचानक उसकी मीटिंग कैंसिल हो गई। रविवार दोपहर फिर मीटिंग का समय तय हुआ। दोपहर में वह अपने एक साथी के साथ बाइक से नकहा इलाके में आ रहा था। एसटीएफ ने भी उसकी लोकेशन ट्रेस करते हुए चिउटहा पुल के पास घेराबंदी की थी। बताया तो यह भी जा रहा है कि उसने गोरखपुर में भी किसी की हत्या करने की सुपारी ली थी। हालांकि एसटीएफ ने अब उस नेता की तलाश शुरू कर दी है। उसके पकड़े जाने के बाद कई और शरणदाता का नाम सामने आ सकता है।
अंडरवर्ल्ड डान जफर सुपारी का भाई है खान मुबारक
गोरखपुर में मारा गया परवेज खान मुबारक के लिए काम करता था। खान मुबारक अंडरवर्ल्ड डॉन जफर सुपारी का भाई है। उस पर 35 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस समय वह हरदोई जेल में बंद है।
गवाह की कर देता था हत्या
परवेज खान मुबारक के खिलाफ गवाही देने वाली की हत्या कर देता था। करीब डेढ़ साल पहले उसने बसपा नेता जुरगाम की हत्या भी परवेज ने की थी। बताया जाता है कि जुरगाम भी खान मुबारक के खिलाफ चल रहे एक मामले में गवाही देने के लिए घर से निकले थे। इसी के बाद इस पर इनाम की राशि बढ़ा दी गई थी।
डेढ़ साल बाद पुलिस की गोली से मारा गया बदमाश
- 11 जनवरी 2020 को मेडिकल कॉलेज के पीछे मारा गया था बदमाश विपिन सिंह
- इसके बाद मुठभेड़ तो कई हुई, लेकिन सिर्फ पैर में लगती रही गोली
गोरखपुर जिले में करीब डेढ़ साल बाद पुलिस की बंदूक से किसी बदमाश की मौत हुई है। इससे पहले 11 जनवरी 2020 को मेडिकल कॉलेज के पीछे मुठभेड़ में बदमाश विपिन सिंह मारा गया था। विपिन ने छह साल के बच्चे समेत दो लोगों को गोली मारी थी। गोली लगने से घायल विपिन सिंह की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
जानकारी के मुताबिक, गुलरिहा इलाके के टॉप टेन बदमाश राकेश यादव के करीबी विपिन सिंह ने मेडिकल कॉलेज रोड पर एक दुकानदार को गोली मारी थी। इस मामले में केस दर्ज कराने पर उसने दुकानदार के घर पर चढ़कर फायरिंग की और छह साल के बच्चे तक को गोली मार दी थी। सरेशाम वारदात होने की सूचना पर गई पुलिस से विपिन सिंह की मुठभेड़ हो गई थी। अब रविवार को एसटीएफ से मुठभेड़ में कोई बदमाश मारा गया है।
मुख्तार गैंग को आर्थिक मदद पहुंचाता था परवेज
एसटीएफ की माने तो शातिर परवेज खान मुबारक की मदद से मुख्तार गैंग को आर्थिक मदद पहुंचाया करता था। उसके तार कई अंडरवर्ल्ड डान से जुड़ने लगे थे। परवेज से संपर्क रखने वालों की कुंडली खंगाली जा रही है।