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तस्वीरें: एक घर में सात लाशों को देख पैरों तले खिसक गई थी जमीन, फर्श पर फैला खून बयां कर रहा था हैवानियत
Wed, 23 Jun 2021 04:54 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 23 Jun 2021 04:54 PM IST
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एक ही परिवार में सात लोगों की हुई थी हत्या।
- फोटो : अमर उजाला।
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आज हम आपको उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। यह उस काली रात की खौफनाक कहानी है, जब एक ही परिवार के सात लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड से पूरा जिला दहल उठा था। जिस घर में हत्या हुई थी, वहां आस पड़ोस के लोगों के लिए यकीन करना मुश्किल था कि जिस घर में देर रात तक चहल-पहल थी, उस घर में सुबह होते ही लाशों का ढेर लग गया। उस समय पूरा इलाका सहमा हुआ था। इस घटना में एक अकेली जिंदा बची थी मासूम बच्ची, जिसको हत्यारों ने मृत समझकर छोड़ दिया था।
एक ही परिवार में सात लोगों की हुई थी हत्या।
- फोटो : अमर उजाला।
लगभग 20 साल पहले गोरखपुर शहर के रूस्तमपुर के शिवाजी नगर कॉलोनी में बैंककर्मी राकेश राय के परिवार के सात लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था। बेरहमी ऐसी कि देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। तीन मासूम बच्चों को दीवार पर पटक-पटक कर मारा गया था। अगली सुबह जब छठ पर्व को लोग घरों से निकले और राकेश राय के घर का खुला दरवाजा देखकर जो भी अंदर गया उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पड़ोसी अमित सिंह बताते हैं कि यकीन मानिए बच्चों की लाश देखकर गश आ गया था। फर्श पर फैला खून देखकर बस एक ही सवाल उठता था, कौन हो सकता है, इतना बड़ा दरिंदा?
एक ही परिवार में सात लोगों की हुई थी हत्या।
- फोटो : अमर उजाला।
इन सब के बीच एक कोने पर राकेश की बेटी पड़ी थी। सिर से खून बह रहा था, सांसें उखड़ी-उखड़ी चल रही थी। किसी की हिम्मत नहीं थी कि वह उसके पास तक जा सके। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसको अस्पताल में भर्ती कराया। सिर पर चोट आने की वजह से होश आने में भी लंबा समय लग गया था। कई महीनों तक वह सदमे में रही।
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एक ही परिवार में सात लोगों की हुई थी हत्या।
- फोटो : अमर उजाला।
मौत को खुद बुलाया था
पुलिस की जांच में सामने आया था कि बदमाश वारदात के लिए जगह चिह्नित करने दोपहर में राकेश के घर भीख मांगने के बहाने गए थे। भूखा समझकर उनकी पत्नी ने घर में दो लोगों को बुलाकर भर पेट भोजन कराया था तब उन्हें भी नहीं पता था कि जिसे वह निवाला दे रही हैं वहीं रात में उन्हें और परिवार को मौत के घाट उतार देगा।
पुलिस की जांच में सामने आया था कि बदमाश वारदात के लिए जगह चिह्नित करने दोपहर में राकेश के घर भीख मांगने के बहाने गए थे। भूखा समझकर उनकी पत्नी ने घर में दो लोगों को बुलाकर भर पेट भोजन कराया था तब उन्हें भी नहीं पता था कि जिसे वह निवाला दे रही हैं वहीं रात में उन्हें और परिवार को मौत के घाट उतार देगा।
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इसी घट में हुई थी घटना।
- फोटो : अमर उजाला।
बेबस भरी नजरों से बच्चों की मौत को देखा था परिवार
पोस्टमार्टम में जो जिक्र था उसके मुताबिक राकेश को मारने के बाद बच्चों को मारा गया था फिर परिवार के अन्य सदस्यों को मौत के घाट उतारा गया था। उस समय को सोचिए जब सिर पर मौत खड़ी हो मालूम हो कि मरना ही है और सामने ही छोटे छोटे बच्चों को बेरहमी से मारा जा रहा हो। मौत से पहले की क्रूरता ने उस परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया था। बाद में होश में आई बेटी ने भी इसकी पुष्टि की थी कि हम लोगों के सामने ही बच्चों को मारा गया था।
पोस्टमार्टम में जो जिक्र था उसके मुताबिक राकेश को मारने के बाद बच्चों को मारा गया था फिर परिवार के अन्य सदस्यों को मौत के घाट उतारा गया था। उस समय को सोचिए जब सिर पर मौत खड़ी हो मालूम हो कि मरना ही है और सामने ही छोटे छोटे बच्चों को बेरहमी से मारा जा रहा हो। मौत से पहले की क्रूरता ने उस परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया था। बाद में होश में आई बेटी ने भी इसकी पुष्टि की थी कि हम लोगों के सामने ही बच्चों को मारा गया था।