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तस्वीरें: जल तांडव की तरफ बढ़ी राप्ती नदी, 1998 जैसी बाढ़ की आ सकती है नौबत, तमाम परिवारों ने बांध को बनाया आशियाना
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 02 Sep 2021 01:59 PM IST
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : राजेश कुमार।
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गोरखपुर जिले की राप्ती नदी 23 साल पहले के जल तांडव की तरफ बढ़ गई है। शहर से होकर गुजरने वाली इस नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.23 मीटर ऊपर पहुंच गया है। यदि 33 सेंटीमीटर जलस्तर और बढ़ गया तो बांधों के कटने का खतरा रहेगा। साल 1998 में राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.56 मीटर ऊपर पहुंचा था तो बाढ़ ने तबाही मचाई थी। शहरी क्षेत्र के बांध भी टूट गए थे। तारामंडल व रूस्तमपुर सहित तमाम मोहल्ले जलमग्न हो गए थे। दूसरी तरफ देर रात नौसड़ सहित शहर व देहात क्षेत्र के तमाम बांधों से पानी का रिसाव होने का सिलसिला जारी रहा। इससे दहशत रही। बांधों के कटान का खतरा भी है। नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश से गोरखपुर की नदियां उफान पर हैं। सहजनवां क्षेत्र से होकर बहने वाली आमी नदी के बाढ़ का पानी कौड़ीराम से करीब तीन किलोमीटर पहले बगहा बीर बाबा मंदिर और नकबैठा पुल के पास गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : राजेश कुमार।
इससे कौड़ीराम के पास से बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। बैरियर लगाकर पुलिस निगरानी कर रही है। अब बड़े वाहनों को डायवर्ट करके खजनी और बांसगांव के रास्ते से निकाला जा रहा है। अगर पानी बढ़ा तो राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से बंद करना पड़ेगा। इससे पहले गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बाढ़ का पानी चढ़ा था। इस कारण एसबीएम स्कूल के सामने की एक लेन की सड़क बंद की गई है। नदियों से जुड़े ज्यादातर बांधों से पानी का रिसाव हो रहा है। कई बांधों के कटने का खतरा बना हुआ है। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग सहमे हुए हैं। तमाम परिवारों ने बांध को ही आशियाना बना लिया है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
खतरनाक स्थिति में राप्ती, बांधों से पानी का रिसाव
राप्ती नदी का जलस्तर खतरनाक स्थिति की तरफ बढ़ चला है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार शाम चार बजे तक नदी का जलस्तर 77.21 मीटर रिकार्ड किया गया था, जो खतरे के निशान से 2.23 मीटर ज्यादा है। खतरनाक स्तर तक जलस्तर बढ़ने से राप्ती नदी से जुड़े बांधों पर जबरदस्त दबाव है। बेला मलांव बांध से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे कटान का खतरा बढ़ गया है। लिहाजा, मलांव, बेला और देवकली गांव के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। सोहगउरा, बरहीं, और चनेऊर बांध से भी पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे कटान का खतरा बरकरार है।
राप्ती नदी का जलस्तर खतरनाक स्थिति की तरफ बढ़ चला है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार शाम चार बजे तक नदी का जलस्तर 77.21 मीटर रिकार्ड किया गया था, जो खतरे के निशान से 2.23 मीटर ज्यादा है। खतरनाक स्तर तक जलस्तर बढ़ने से राप्ती नदी से जुड़े बांधों पर जबरदस्त दबाव है। बेला मलांव बांध से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे कटान का खतरा बढ़ गया है। लिहाजा, मलांव, बेला और देवकली गांव के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। सोहगउरा, बरहीं, और चनेऊर बांध से भी पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे कटान का खतरा बरकरार है।
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
जिले के 243 गांवों में भरा बाढ़ का पानी, 2.09 लाख की आबादी प्रभावित
नदियों के उफनाने से 62 और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अब गोरखपुर में बाढ़ग्रस्त गांवों की संख्या 243 हो गई है। मंगलवार तक 181 गांव बाढ़ की चपेट में थे। जिला प्रशासन की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ से 2.09 लाख आबादी प्रभावित है। 31,690 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव गोला और सदर तहसील क्षेत्र में है। इन तहसीलों के क्रमश: 57 और 55 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सहजनवां के 36, कैंपियरगंज के 31, चौरीचौरा के 11, खजनी के 25 और बांसगांव के 28 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
नदियों के उफनाने से 62 और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अब गोरखपुर में बाढ़ग्रस्त गांवों की संख्या 243 हो गई है। मंगलवार तक 181 गांव बाढ़ की चपेट में थे। जिला प्रशासन की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ से 2.09 लाख आबादी प्रभावित है। 31,690 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव गोला और सदर तहसील क्षेत्र में है। इन तहसीलों के क्रमश: 57 और 55 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सहजनवां के 36, कैंपियरगंज के 31, चौरीचौरा के 11, खजनी के 25 और बांसगांव के 28 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
रोहिन-सरयू नदी का जलस्तर कुछ कम
रोहिन नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है। बावजूद वह खतरे के निशान से 2.28 मीटर ऊपर बह रही है। सरयू नदी का पानी मंगलवार से कम हुआ है। यह नदी बुधवार को स्थिर रही। हालांकि खतरे के निशान से 46 सेमी ऊपर बह रही है। जबकि गोर्रा नदी खतरे के निशान से 1.30 सेमी ऊपर बह रही है। कुआनो नदी ने खतरे के निशान को पार नहीं किया है। आमी नदी भी डरा रही है। इसकी बाढ़ की वजह से कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं।
रोहिन नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है। बावजूद वह खतरे के निशान से 2.28 मीटर ऊपर बह रही है। सरयू नदी का पानी मंगलवार से कम हुआ है। यह नदी बुधवार को स्थिर रही। हालांकि खतरे के निशान से 46 सेमी ऊपर बह रही है। जबकि गोर्रा नदी खतरे के निशान से 1.30 सेमी ऊपर बह रही है। कुआनो नदी ने खतरे के निशान को पार नहीं किया है। आमी नदी भी डरा रही है। इसकी बाढ़ की वजह से कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं।

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