खूंखार महिला की कहानी: प्यार में रोड़ा बने पति को तड़पा-तड़पा कर मारा, फिर बेटे को दी थी रूह कंपा देने वाली मौत
पति को शक होने के बाद घटना की रात अजय वहां पहुंचा। अर्चना ने दरवाजा खोला फिर अजय घर के अंदर दाखिल हुआ। दोनों ने मिलकर घर में सो रहे ओमप्रकाश की हथौड़े से मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस दौरान बेटा नितिन जग गया। वह पिता को खून से लथपथ देख मां की गोद में छिप गया। लेकिन अर्चना ने उसका भी गला घोंटकर मार डाला। तभी से अर्चना और उसका प्रेमी अजय जेल में हैं। इनकी जमानत भी नहीं हुई।
साक्ष्य के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश शुक्ला ने 17 अक्तूबर 2020 को दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी और आर्थिक जुर्माना भी लगाया था। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भी दी गई है।
पछतावा नहीं, जेल में भी एक-दूसरे से मिलने की देते रहे अर्जी
इस घिनौने कृत्य के बाद भी अर्चना और अजय को कोई पछतावा नहीं है। दोनों ने जेल में भी एक-दूसरे से मुलाकात करने के लिए कई बार अर्जी दी, लेकिन कानूनन दोनों के बीच कोई रिश्ता न होने के कारण कभी अनुमति नहीं दी गई।
अर्चना और अजय जिस झूठे प्रेम में पड़कर कातिल तक बन गए, वह अब कभी पूरा नहीं हो पाएगा। वारदात के चार साल बाद तक जेल में होने के कारण दोनों की कभी मुलाकात नहीं हो सकी। वहीं अब बाकी बचा जीवन भी जेल में गुजरना है। कोई रिश्ता न होने के कारण दोनों को मिलने की इजाजत कानून भी नहीं देता है।
