यूपी एसटीफ ने गोरखपुर के कुख्यात माफिया विनोद उपाध्याय को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। बताया जा रहा है कि गुरुवार की रात सुल्तानपुर में एसटीफ और माफिया के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई, जिसमें पुलिस की जवाबी कार्रवाई में माफिया ढेर हो गया।
Vinod Upadhyay: माफिया विनोद उपाध्याय की राजनीति में थी धमक, बसपा के टिकट पर लड़ा था विधानसभा का चुनाव
विनोद, माफिया सत्यव्रत राय का भी करीबी रह चुका है, लेकिन जमीन और रुपयों के लेनदेन को लेकर दोनों में विवाद हो गया था। इसी बीच विनोद के करीबी गंगेश पहाड़ी और दीपक सिंह की हत्या हो गई। इस हत्याकांड में सत्यव्रत और सुजीत चौरसिया समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद सत्यव्रत और सुजीत, विनोद को भी मारने के लिए ढूंढने लगे। जबकि विनोद अपने साथियों की हत्या का बदला लेने के लिए सुजीत को ढूंढने लगा। उस समय भी पुलिस ने विनोद को दबोचा था।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में इस कांड के बाद चर्चा में आया माफिया, दिनदहाड़े इस नेता को मारी थी गोली
थप्पड़ के बदले कर दी थी हत्या
दरअसल, 2004 में गोरखपुर जेल में बंद रहने के दौरान नेपाल के अपराधी जीत नारायण मिश्र ने विनोद को एक थप्पड़ मारा था। जिसके बाद 7 अगस्त 2005 को संतकबीरनगर में विनोद ने जीत नारायण की हत्या कर थप्पड़ का बदला लिया था। इस घटनाक्रम में जीत नारायण और उसका बहनोई गोरेलाल भी मारा गया था।
इसे भी पढ़ें: एसटीएफ ने मुठभेड़ में माफिया विनोद उपाध्याय को किया ढेर, सिर पर था एक लाख रुपये का इनाम
मुठभेड़ में हुआ ढेर
उत्तर प्रदेश के टॉप 61 माफिया की सूची में शामिल माफिया विनोद उपाध्याय पर एडीजी जोन गोरखपुर ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। गुरुवार की रात बदमाश विनोद उपाध्याय और एसटीएफ के मध्य सुल्तानपुर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में मुठभेड़ हो गई।
इस मुठभेड़ में विनोद उपाध्याय गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसको इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर लाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अभियुक्त विनोद के ऊपर कुल 35 मुकदमें विभिन्न जनपदों के भिन्न-भिन्न थानों में दर्ज हैं, जिसमें हत्या व हत्या के प्रयास के कई मुकदमें भी शामिल हैं।