गोरखपुर जिले में 14 और 15 अप्रैल को मिले चार संक्रमितों के रिपोर्ट में बड़ी लापरवाही सामने आई है। रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) के कर्मचारियों की लापरवाही से चार लोगों की निगेटिव रिपोर्ट पोर्टल पर पॉजिटिव अपलोड कर दी गई थी। इससे पूरा परिवार दो दिनों तक परेशान रहा। परिजनों ने बताया कि कि उन्होंने सैंपल निजी अस्पताल में दिए थे। आरएमआरसी की लैब में सैंपल कैसे पहुंचे? इसकी जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी होने पर आरएमआरसी ने जांच भी शुरू कर दी है।
गोरखपुर: कोरोना जांच में निगेटिव रिपोर्ट को पोर्टल पर चढ़ा दिया पॉजिटिव, दंपती और मां-बेटा हुए परेशान
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जानकारी के मुताबिक, 14 और 15 अप्रैल को जिले में दो-दो संक्रमितों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग ने जारी की थी। यह संक्रमित महानगर के सिंघड़िया स्थित आदर्श नगर और खोवा मंडी गली के रहने वालों की थी। आदर्शनगर में पति-पत्नी और खोवा मंडी गली के रहने वाले मां-बेटा को संक्रमित बताया गया था। खोवा मंडी गली स्थित संक्रमित बताए गए मरीजों के परिजनों ने बताया कि छह दिन पहले मां-बेटे की तबीयत खराब हुई। सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत थी। घर के पास निजी अस्पताल में जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई।
इसी तरह आदर्श नगर में भी दंपती ने निजी अस्पताल में ही सैंपल दिया था। दपंती की भी रिपोर्ट पॉजटिव आई। बताया जा रहा है कि निजी अस्पताल ने यह सैंपल जुगाड़ के बल पर आरएमआरसी को भेज दिया था। जहां पर जांच के दौरान रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन कर्मियों ने गलती से चारों की रिपोर्ट पोर्टल पर पॉजिटिव अपलोड कर दी। इसके बाद परिजन परेशान हो गए।
आरएमआरसी की जांच में मिले थे संक्रमित
आरएमआरसी ने बृहस्पतिवार को मां-बेटा और शुक्रवार को पति-पत्नी की जांच की थी। इसके बाद जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या पांच हो गई है। इससे पूर्व पांच दिनों तक कोई संक्रमित नहीं मिले थे। जिले में सिर्फ दो सक्रिय संक्रमित ही रह गए थे। सिर्फ आरएमआरसी से नए संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अधिकारी चिंतित हो गए। उन्होंने दोबारा सैंपल की जांच कराई, दोबारा जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद परिजनों को निगेटिव रिपोर्ट की जानकारी दी गई। इस पर परिजनों ने राहत की सांस ली।