गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास की शुरुआत पर गुरुवार की सुबह मानसरोवर मंदिर में जनकल्याण के लिए रुद्राभिषेक किया। एक घंटे तक चले अनुष्ठान में उन्होंने आम के रस, 11 लीटर दूध, जल, दही, घी, शक्कर, शहद, गंगा जल और गन्ने के रस से महादेव भगवान शिव का अभिषेक किया। उन्हें बेलपत्र, सफेद कमल, लाल कमल, कनेर, शमी पत्र, दूब, कुशा, राई, गुड़हल, धतूरा, भांग और श्रीफल भी चढ़ाया।
Sawan 2022: सीएम योगी ने मानसरोवर मंदिर में किया रुद्राभिषेक, जनकल्याण के लिए मांगी मन्नत
रुद्राभिषेक अनुष्ठान की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ हुई। उसके बाद मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और द्वादश ज्योतिर्लिंग का पूरे विधि-विधान के साथ षोडशोपचार पूजन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को गोरखनाथ मंदिर में सावन के पहले दिन रुद्राभिषेक किया।#YogiAdityanath pic.twitter.com/52OjW0Uwg2— Amar Ujala Gorakhpur (@AU_GKPNews) July 14, 2022
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी ने पहले मानसरोवर मंदिर और मानसरोवर रामलीला मैदान में पर्यटन विकास एवं जीर्णोद्धार कार्यक्रम का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस दौरान सांसद रवि किशन शुक्ला, मेयर सीताराम जायसवाल, विधायक विपिन सिंह, पुष्पदंत जैन व अन्य लोग मौजूद रहे।
परंपरागत रही मुख्यमंत्री की दिनचर्या
गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। तड़के पांच बजे उन्होंने सबसे पहले बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और उनकी पूजा-अर्चना की। उसके बाद अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। हमेशा की तरह मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद वह गोशाला में गए और आधे घंटे गायों के बीच रहे। उन्हें दुलारा-पुचकारा और अपने हाथ से गुड़-चना भी खिलाया।
इसी क्रम में लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए वह हिंदू सेवाश्रम गए, जहां तड़के से अपनी समस्या कहने के लिए गोरखपुर और उसके आसपास के जिलों के फरियादी पहुंचे हुए थे।