शहीद दरोगा प्रशांत यादव का अंतिम संस्कार बुलंदशहर जिले के कस्बा छतारी में हुआ। ढाई वर्षीय बेटे ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। शहीद को अंतिम विदाई के लिए उमड़े हुजूम ने यूपी पुलिस बदला लो के नारे भी लगाए। बता दें कि आगरा के गांव नहर्रा में दो भाइयों के बीच खेत का विवाद सुलझाने गए दरोगा प्रशांत की बुधवार को हत्या कर दी गई थी। गुरुवार को पैतृक कस्बे छतारी में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
दरोगा हत्याकांड: बुलंदशहर में शहीद को ढाई साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, भीड़ ने लगाए 'बदला लो' के नारे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मासूम बेटे पार्थ ने पापा-पापा कहते हुए पिता को मुखाग्नि दी तो सबकी आंखें नम हो गईं। शहीद की फुफेरी बहन के पति हुकुम सिंह रोते-बिलखते चिता पर लेट गए और मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग करने लगे। बहन अलका ने भाई की शहादत का बदला लेने की मांग की। बुलंदशहर के प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया, राज्यमंत्री अनिल शर्मा, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने भी अंतिम यात्रा में शामिल होकर शहीद प्रशांत को श्रद्धांजलि दी।
शहीद प्रशांत के पार्थिव शरीर को देखकर बहन अलका चीख पड़ी। शव से लिपट कर रोने लगी। वहां मौजूद महिला पुलिस अफसर और अन्य लोगों ने किसी तरह सांत्वना देते हुए उन्हें वहां से उठाया। बहन अलका रोते हुए बार-बार पुलिस अफसरों से यही कह रही थी मुझे अपने भाई के पास जाना है। साहब मेरे भाई की मौत का बदला जरूर लेना। बहन की हालत देखकर वहां मौजूद हर किसी की आखें नम हो गईं।
दोपहर के समय जब घर पर प्रशांत का शव पहुंचा तो देखकर उनकी पत्नी चीख पड़ीं और बेहोश गईं। मौके पर मौजूद महिलाओं ने उन्हें किसी तरह संभाला। कुछ देर बाद होश में आने पर बार-बार यूपी पुलिस से बदला लेने की बात कह रहीं थीं। चचेरी बहन शालू भी भाई के पार्थिव शरीर को देखकर बदहवास होकर गिर पड़ीं। चीखते हुए बस वह यही कह रहीं थीं कि मुझे भी भाई के साथ जाना है।
अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से की फोन पर बात
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर अरनिया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अमित कुमार उर्फ गौरव ठाकुर, वरिष्ठ सपा नेता विपिन यादव शहीद प्रशांत यादव के घर पहुंचे। पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने अपने मोबाइल फोन से पीड़ित परिवार के सदस्य मनीष यादव की बात पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से करवाई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने इस घटना को काफी दर्दनाक बताते हुए अफसोस जताया। उन्होंने परिवार के बारे में पूरी जानकारी ली और हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।