आगरा के बल्केश्वर के भगवान नगर स्थित शिव अपार्टमेंट में फैक्टरी मैनेजर सुनील सिंघल के घर से 12 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने 20 सीसीटीवी की फुटेज खंगाली है। 12 संदिग्धों से पूछताछ की गई है। वारदात को 24 घंटे बीतने के बावजूद बदमाशों को पुलिस पकड़ नहीं पाई है, जबकि एक सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों के चेहरे दिखाई दिए हैं। वारदात के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है। पूरी रात परिवार सो नहीं सका।
आगरा लूटकांड: 20 सीसीटीवी की फुटेज खंगाली, 12 लोगों से पूछताछ, बदमाश नहीं लगे पुलिस के हाथ
एसएसपी ने घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें लगाई हैं। पूरी रात टीमों ने बल्केश्वर इलाके में छानबीन की। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए गए। इनमें बदमाश आधा किलोमीटर दूर तक भागते हुए नजर आए। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चल सका। घर से एक मोबाइल फोन भी लेकर गए हैं जो कि 500 मीटर के दायरे में ही स्विच ऑफ हो गया। एसपी सिटी विकास कुमार का कहना है कि टीमें लगी हुई हैं। कुछ जानकारियां मिली हैं। उन पर काम किया जा रहा है। जल्द ही सफलता मिलेगी।
12 लाख की लूट के मामले में पुलिस ने सुनील सिंघल से कई बार पूछताछ की। इतना कैश घर में क्यों रखा हुआ था? फैक्टरी का टर्नओवर कितना है? अगर कैश ज्यादा था तो बैंक में क्यों नहीं लेकर गए? जमा क्यों नहीं कराया? इस तरह के सवाल किए। सुनील ने बताया कि पुलिस ने पहले घर पर घटना के संबंध में पत्नी, बच्चों, पड़ोसी, कॉलोनी के लोगों सहित उनसे पूछताछ की। इसके बाद थाने पर बुलाया।
सुनील सिंघल से तीन घंटे तक पुलिस सवाल करती रही। इसके बाद उनका मोबाइल भी कब्जे में ले लिया। उन्होंने यही बताया कि फैक्टरी मालिक अक्सर उनके घर में कैश रख देते हैं। इसे बाद में व्यापार से संबंधित कार्य में लगाया जाता है। बैंक में भी जमा किया जाता है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से उनका परिवार डरा हुआ है। पत्नी रेनू रात भर सो नहीं सकीं। बेटा भी डरा हुआ है। बदमाशों ने उसे भी पीटा था।
तीन साल पहले भेजा था जेल
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया था कि वर्ष 2018 में सुनील के खिलाफ जुआ अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ था। उसे जेल भेजा था। मामले में सुनील ने बताया कि फैक्टरी मालिक हिमांशु उर्फ चिल्ली जगनेर के नोनी के रहने वाले हैं। वहीं का रहने वाला अंकुश मंगल भी है। अंकुश क्रिकेट सट्टा करता है, जिसके खिलाफ कई मुकदमे हैं। इसी वजह से पुलिस ने उनको पकड़ लिया था। फैक्टरी मालिक को फरार दिखाया था। यह केस कोर्ट में चल रहा है। तब उन्हें फंसाया गया था। पुलिस की पूछताछ में इस संबंध में भी जानकारी ली गई। उन्होंने यही कहा कि वह किराए के मकान में रहते हैं। बाहर से आए हैं। सट्टे का आरोप गलत लगाया गया था।