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फिरोजाबाद बस हादसा: वो खौफनाक मंजर...जिसे देखकर सहम गई जिंदगी
Fri, 14 Feb 2020 12:43 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 14 Feb 2020 12:43 AM IST
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हादसे के बाद सहमे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात हुए भीषण हादसे का मंजर जिसने भी देखा उसका कलेजा कांप उठा। स्लीपर बस में फंसे यात्रियों के सामने मौत थी। जिसकी सांसें चल रही थीं, वो मौत के मुंह से बाहर निकलने को छटपटा रहे थे। जो लोग सुरक्षित बच गए थे, वो भी स्तब्ध थे।
फिरोजाबाद बस हादसा
- फोटो : अमर उजाला
स्लीपर बस दिल्ली से 90 यात्रियों को लेकर बिहार जा रही थी। फिरोजाबाद के सिरसागंज क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई और 31 लोग घायल हो गए। घटना स्थल पर यात्रियों का सामान बिखरा पड़ा था। यात्रियों के जूते, बच्चों के खिलौने, टूटे मोबाइल फोन हादसे के भयावह मंजर की गवाही दे रहे थे।
फिरोजाबाद बस हादसा
- फोटो : अमर उजाला
'मैं गहरी नींद में था तभी तेज धमाका हुआ'
बिहार निवासी यात्री हरीशंकर गुप्ता ने बताया कि मैं गहरी नींद में था। अचानक तेज धमाका हुआ। नींद टूटी तो चीखें सुनाई दे रही थी। कोई कराह रहा था। कई तो सोते रह गए। हादसे देख पहले रोंगटे खड़े हो गए। मेरा ध्यान पत्नी आरती गुप्ता एवं बच्चों की ओर गया। देखा हमारी साइड बच गई। मैंने चार वर्ष का बेटा आशु कुमार, बेटी आरुषि को पहले खिड़की से बाहर निकाला। चंदा गुप्ता (23), कलही देवी(45) बस से बाहर निकाला।
बिहार निवासी यात्री हरीशंकर गुप्ता ने बताया कि मैं गहरी नींद में था। अचानक तेज धमाका हुआ। नींद टूटी तो चीखें सुनाई दे रही थी। कोई कराह रहा था। कई तो सोते रह गए। हादसे देख पहले रोंगटे खड़े हो गए। मेरा ध्यान पत्नी आरती गुप्ता एवं बच्चों की ओर गया। देखा हमारी साइड बच गई। मैंने चार वर्ष का बेटा आशु कुमार, बेटी आरुषि को पहले खिड़की से बाहर निकाला। चंदा गुप्ता (23), कलही देवी(45) बस से बाहर निकाला।
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हादसे के बाद सहमी महिला
- फोटो : अमर उजाला
लोग बहुत बुरी तरह फंसे थे
यात्री मुकेश पंडित ने बताया कि हादसे के बाद चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। लोग इतनी बुरी तरह फंसे थे कि हम इंसान होने के बाद भी निकालने में असमर्थ थे। कुछ को बचाने का प्रयास किया। मेरा साथी मुन्ना ठाकुर भी घायल हो गया। वहीं धर्मेंद्र ठाकुर ने बताया कि मैं सो रहा था। धमाके से नींद टूट गई। बस में हमारी दूसरी वाली साइड पर लोगों की मौत हो गई थी। किसी के खून बह रहा था। मैं तो घबरा गया। जैसे-तैसे बाहर निकला।
यात्री मुकेश पंडित ने बताया कि हादसे के बाद चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। लोग इतनी बुरी तरह फंसे थे कि हम इंसान होने के बाद भी निकालने में असमर्थ थे। कुछ को बचाने का प्रयास किया। मेरा साथी मुन्ना ठाकुर भी घायल हो गया। वहीं धर्मेंद्र ठाकुर ने बताया कि मैं सो रहा था। धमाके से नींद टूट गई। बस में हमारी दूसरी वाली साइड पर लोगों की मौत हो गई थी। किसी के खून बह रहा था। मैं तो घबरा गया। जैसे-तैसे बाहर निकला।
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पीड़ित से जानकारी लेते एसएसपी फिरोजाबाद
- फोटो : अमर उजाला
यात्री मेघनाथ ने कहा कि हम तीन लोग बस की केबिन में थे। तेज आवाज हुई। केबिन से कूद कर बाहर आए। हम तीनों सुरक्षित थे। बाहर का नजारा देखा तो दंग रह गए। मुंह से बस यही निकला, अरे ये क्या हो गया।