कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए ताजनगरी में नया चलन शुरू हुआ है। परिवार की सेहत के लिए महिलाएं घर के बगीचे और छत पर सब्जियों को उगाकर उनका उपयोग कर रही हैं। घर के बगीचे में जगह नहीं है तो छतों पर सब्जियां उगाई जा रही हैं। घरों के कोने में गमले रखकर भी बैगन, भिंडी, करेला, हरी मिर्च, पत्ता गोभी, फूल गोभी, पालक, हरा धनिया, पुदीना, मिर्च आदि उगाई जा रही है।
एक पंथ दो काज: छतों पर सब्जियां उगा रहीं ताजनगरी की महिलाएं, गर्मी में ठंडक और महंगाई से भी राहत
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प्लांट लवर्स ग्रुप
व्हाट्स एप पर प्लांट लवर्स ग्रुप नाम से एक समूह है। इसमें शामिल सभी महिलाएं घरों के बगीचे में उगी सब्जियों का रोजमर्रा में उपयोग करती हैं। ग्रुप में लगभग 80 महिलाएं जुड़ी है। ग्रुप की सदस्य प्रेरणा खंडेलवाल ने बताया कि पहले सब्जी उगाने के बारे में सोचती थी लेकिन पता नहीं था कैसे क्या करना है। ग्रुप से जुड़ने के बाद जानकारी मिलती गई और किचन गार्डन तैयार हो गया।
कोरोना काल में सब्जी नहीं मिली तो शुरू किया किचन गार्डन
ऋतु गोयल अब घर में उगाई गई सब्जियों का ही खाने में प्रयोग करती हैं। उनके घर की छत पर गमलों में भी बैंगन, करेले और खीरे की बहार आई हुई है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान सब्जी का संकट हुआ तो उन्होंने घर में ही सब्जियां उगाना शुरू किया। घर की सब्जियों का स्वाद इतना भाया कि यह बंद नहीं हुआ। इन सब्जियों को खाने के बाद सभी का स्वास्थ्य ठीक रहने लगा तो घरवाले भी साथ देने लगे। ऋतु गोयल के परिवार में पति-पत्नी सहित छह लोग हैं।
पेट खराब रहता था, घर में उगाई सब्जियां खाईं तो सेहत सुधरी
रेनू कुमारी ने बताया कि वे अपने घर के गार्डन में पांच साल से सब्जियां उगा रही हैं। उनका पेट खराब रहता था। स्वास्थ्य पत्रिकाएं पढ़ने पर घर में उगाई सब्जियों का उपयोग करने का विचार आया। घर में सब्जियां उगाईं। उनका उपयोग किया तो पेट की समस्या खत्म हो गई। अब पांच साल से घर में इन्हीं बिना किसी रासायनिक खाद के उगाई सब्जियों का उपयोग कर रही हैं। परिवार में स्वास्थ्य समस्याएं कम हो गई हैं। रेनू कुमारी के परिवार में पांच लोग हैं, सभी के लिए सब्जी उनके किचन गार्डन में उगाई ही उपयोग होती है।
एक पहल यह भी पौधे ही देती हैं उपहार में
पर्यावरण संरक्षण के लिए विनीता मित्तल ने एक शुरुआत की है। वह उपहार में पौधे देती हैं। आठ साल पहले उन्होंने इसकी शुरुआत की। बोलीं कि विचार एकाएक डिवाइडर पर सूखे हुए पौधे देखकर आया कि इससे तो अच्छा लोगों को घर में लगाने के लिए पौधे दे देते तो देखभाल तब भी होती। अब तक एक से अधिक पौधे उपहार में दे चुकी हैं। लोग इसे पसंद भी करते हैं।