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तस्वीरें: पुराणों में वर्णित ब्रज के 36 वन होंगे साकार, छह जगह काम हुआ शुरू; कदंब-तमाल की बिखरेगी महक

अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 26 May 2026 12:55 PM IST
सार

ब्रज के 36 पौराणिक वनों को पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए वन विभाग और ब्रज तीर्थ विकास Council ने बड़ा अभियान शुरू किया है। इस परियोजना के तहत विलायती बबूल हटाकर कदंब, तमाल, पीपल और बरगद जैसे देसी पौधे लगाए जाएंगे तथा आगरा मंडल में 1.64 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है।

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Ancient Braj Forests to Be Revived Under Massive Green Restoration Project
पुराणों में वर्णित ब्रज के 36 वन होंगे साकार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ब्रज के पौराणिक 36 वनों को पुराने स्वरूप में लाने की कवायद शुरू हो गई है। वन विभाग ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सहयोग से 36 वनों को जीवंत करने का काम शुरू कर दिया है। 10 साल के इस प्रोजेक्ट में इस साल छह साइट पर काम किया जा रहा है, जहां विलायती बबूल को हटाकर यहां ब्रज के कृष्णा फाइकस, कदंब, तमाल, बरगद, पीपल, आंवला, बेलपत्र आदि पौधों को लगाया जाएगा जो कभी ब्रज के वनों की पहचान थे।


वन विभाग के वन संरक्षक अनिल कुमार पटेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने ब्रज के 36 पौराणिक वनों को पुराने स्वरूप में लौटाने का यह प्रोजेक्ट तैयार किया था। इनमें से 25 साइट वन विभाग और 11 साइट राजस्व गांव में शामिल हैं। 10 साल का समय इस पूरे प्रोजेक्ट में लगेगा। सुप्रीम कोर्ट से विलायती बबूल हटाकर चौड़ी पत्ती वाले देसी प्रजाति के पौधे लगाने की अनुमति मिलने के बाद काम शुरू करा दिया गया है। पहले चरण में वृंदावन और गोवर्धन क्षेत्र में सांस्कृतिक महत्व के 4 वन ब्लॉक में 50 हेक्टेयर क्षेत्र में विलायती बबूल हटाने और चौड़ी पत्ती वाले पौधों को लगाने का काम शुरू किया गया है। इनके अलावा जतीपुरा, नंदगांव, शेर नगर और रूप नगर वन ब्लॉक में 45 हेक्टेयर क्षेत्रफल में भी इसी वर्ष काम शुरू कराया जाएगा। इन सभी योजनाओं पर करीब 16.63 करोड़ रुपये खर्च होंगे।




 
Ancient Braj Forests to Be Revived Under Massive Green Restoration Project
ब्रज के वन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन प्रजातियों के लगेंगे पौधे
 कृष्ण कदंब, तमाल, पीपल, मौलश्री, अर्जुन, पलास, बरगद, पाकड़, पीलू, बेल, आंवला, बहेड़ा, अर्जुन, नीम आदि देसी प्रजातियों के पौधों को इन पौराणिक वनों में लगाया जाएगा।

आगरा तक थे 91 वन : मत्स्य पुराण के अनुसार आगरा और इसके आगे तक ब्रज क्षेत्र में 91 वन थे, जिनमें अग्रवन भी था, जिसे आगरा के नाम से जानते हैं। मत्स्य पुराण में दर्ज 91 वनों में अग्रवन 84 वें नंबर पर है। अन्य ग्रंथों में ब्रज में 137 पौराणिक वन बताए गए हैं, जिनमें से ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने 36 वनों को पुनर्जीवित करने के लिए चुना है।


 
Ancient Braj Forests to Be Revived Under Massive Green Restoration Project
आगरा वन क्षेत्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन जगहों पर तैयार होंगे पौराणिक वन
सुनरख, अहिल्यागंज, धौरेरा, कराह वन, फरह, वृषभानुपुर, शेरनगर, बराल, रूपनगर, अगरवाना, नंदगांव, कामर, चटेन कलां, कोटवन, आजहाई, अजनौठी, बनेड़ा, भदीश्वर, गाजीपुर, कुरकंडा, कोयला अलीपुर, जतीपुरा, मकीतरा, राधाकुंड, गोवर्धन गोरवा, मांट, मुबारकपुर, गोकुल, बरसाना, बड़हरा, कमई, अजनोख, तारमी, ऊंचागांव, सिहोरा, खेड़िया।

1.64 करोड़ पौधे चारों जिलों में लगाए जाएंगे
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भीम सेन ने बताया कि इस मानसून में आगरा मंडल में 1.64 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इनमें 1.08 करोड़ पौधे अन्य विभागों को लगाने हैं, जबकि वन विभाग को 55.87 लाख पौधे लगाने होंगे। इनमें आगरा में 53.34 लाख, फिरोजाबाद में 44.13 लाख, मथुरा में 33.04 लाख और मैनपुरी में 34.07 लाख पौधे लगाए जाएंगे। आगरा में वन विभाग को 19 लाख फिरोजाबाद में 22.35 लाख, मथुरा में 4.52 लाख और मैनपुरी में 10 लाख पौधे लगाने होंगेا

 
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Ancient Braj Forests to Be Revived Under Massive Green Restoration Project
हरियाली - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन जगहों पर तैयार होंगे पौराणिक वन
सुनरख, अहिल्यागंज, धौरेरा, कराह वन, फरह, वृषभानुपुर, शेरनगर, बराल, रूपनगर, अगरवाना, नंदगांव, कामर, चटेन कलां, कोटवन, आजहाई, अजनौठी, बनेड़ा, भदीश्वर, गाजीपुर, कुरकंडा, कोयला अलीपुर, जतीपुरा, मकीतरा, राधाकुंड, गोवर्धन गोरवा, मांट, मुबारकपुर, गोकुल, बरसाना, बड़हरा, कमई, अजनोख, तारमी, ऊंचागांव, सिहोरा, खेड़िया।

1.64 करोड़ पौधे चारों जिलों में लगाए जाएंगे
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भीम सेन ने बताया कि इस मानसून में आगरा मंडल में 1.64 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इनमें 1.08 करोड़ पौधे अन्य विभागों को लगाने हैं, जबकि वन विभाग को 55.87 लाख पौधे लगाने होंगे। इनमें आगरा में 53.34 लाख, फिरोजाबाद में 44.13 लाख, मथुरा में 33.04 लाख और मैनपुरी में 34.07 लाख पौधे लगाए जाएंगे। आगरा में वन विभाग को 19 लाख फिरोजाबाद में 22.35 लाख, मथुरा में 4.52 लाख और मैनपुरी में 10 लाख पौधे लगाने होंगे।


 
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Ancient Braj Forests to Be Revived Under Massive Green Restoration Project
बबूल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन जगहों पर तैयार होंगे पौराणिक वन
सुनरख, अहिल्यागंज, धौरेरा, कराह वन, फरह, वृषभानुपुर, शेरनगर, बराल, रूपनगर, अगरवाना, नंदगांव, कामर, चटेन कलां, कोटवन, आजहाई, अजनौठी, बनेड़ा, भदीश्वर, गाजीपुर, कुरकंडा, कोयला अलीपुर, जतीपुरा, मकीतरा, राधाकुंड, गोवर्धन गोरवा, मांट, मुबारकपुर, गोकुल, बरसाना, बड़हरा, कमई, अजनोख, तारमी, ऊंचागांव, सिहोरा, खेड़िया।

1.64 करोड़ पौधे चारों जिलों में लगाए जाएंगे
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक भीम सेन ने बताया कि इस मानसून में आगरा मंडल में 1.64 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इनमें 1.08 करोड़ पौधे अन्य विभागों को लगाने हैं, जबकि वन विभाग को 55.87 लाख पौधे लगाने होंगे। इनमें आगरा में 53.34 लाख, फिरोजाबाद में 44.13 लाख, मथुरा में 33.04 लाख और मैनपुरी में 34.07 लाख पौधे लगाए जाएंगे। आगरा में वन विभाग को 19 लाख फिरोजाबाद में 22.35 लाख, मथुरा में 4.52 लाख और मैनपुरी में 10 लाख पौधे लगाने हैं। 
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