आगरा रेल मंडल ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर 28 आइसोलेशन कोचों को फिर से तैयार कर दिया गया है। एक साल से बंद रहने के कारण इनमें 8-10 कोच की खिड़कियों के टेप उखड़ गए थे। साफ सफाई नहीं हुई थी। ड्रिप वगैरह चढ़ाने के लिए भी उपकरण लगाए गए हैं। आगरा रेल मंडल के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन के मांगने पर कोच उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इन कोचों में 560 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है।
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आगरा में कोरोना: रेलवे के 28 आइसोलेशन कोच फिर तैयार, 560 मरीजों को किया जा सकता है भर्ती
Sat, 08 May 2021 01:56 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 May 2021 01:56 PM IST
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ट्रेन की बोगी को बनाया गया आइसोलेशन कोच
- फोटो : अमर उजाला
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ट्रेन का आइसोलेशन कोच
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना की शुरुआत के बाद संक्रमण के मामले बढ़ने पर रेलवे ने सभी मंडलों में ट्रेनों के पुराने कोचों को आइसोलेशन वार्ड के रूप में तब्दील किया था। कैरिज एंड वैगन विभाग की टीम ने आगरा में भी 28 कोच तैयार किए थे। अप्रैल से शुरू हुई संक्रमण की दूसरी लहर में मरीजों की तादाद बढ़ने पर अब तक 17 स्टेशनों पर 298 कोच तैनात किए जा चुके हैं। इनमें मरीजों का भर्ती किया गया है।
आगरा कैंट स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
हाल ही में असोम के गुवाहाटी में 21, सिल्चर के पास बदरपुर में 20 कोच लगाए गए हैं। गुजरात के साबरमती व चंडोलोडिया, नागालैंड के दीमापुर में भी कोच उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बाद आगरा मंडल में भी इन कोचों में साफ सफाई, टेपिंग आदि करके दोबारा से तैयार कर दिया गया है। एक कोच में 20 मरीजों आइसोलेट किए जा सकते हैं। वाराणसी, भदोई जिलों में 10-10 कोच तैनात भी किए हैं, हालांकि इनका उपयोग अभी वहां के प्रशासन ने नहीं किया है।
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आगरा: आइसोलेशन कोच में जम गई थी धूल
- फोटो : अमर उजाला
कैंट स्टेशन के यार्ड में एक साल से धूल जमे खड़े थे
आगरा रेल मंडल के आगरा कैंट स्टेशन के यार्ड में बगैर उपयोग में लाए गए इन कोचों पर धूल जम गई थीं। हर कोच को तैयार करने में करीब डेढ़ लाख की लागत आई थी, मगर इनका उपयोग नहीं हो सका था। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया था। इस बार संक्रमण के फैलाव के बाद देश के कई हिस्सों में इन कोचों का इस्तेमाल किया गया है।
आगरा रेल मंडल के आगरा कैंट स्टेशन के यार्ड में बगैर उपयोग में लाए गए इन कोचों पर धूल जम गई थीं। हर कोच को तैयार करने में करीब डेढ़ लाख की लागत आई थी, मगर इनका उपयोग नहीं हो सका था। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया था। इस बार संक्रमण के फैलाव के बाद देश के कई हिस्सों में इन कोचों का इस्तेमाल किया गया है।
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आगरा: आइसोलेशन कोच
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मामला
पिछले साल भी रेलवे ने आइसोलेशन कोच तैयार कराए थे, जिनका उपयोग नहीं हो पाया था। यार्ड में खड़े-खड़े ये बदहाल हो गए थे। इसकी खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
पिछले साल भी रेलवे ने आइसोलेशन कोच तैयार कराए थे, जिनका उपयोग नहीं हो पाया था। यार्ड में खड़े-खड़े ये बदहाल हो गए थे। इसकी खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी।