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बालक का अपहरण कर हत्या का मामला: शव पहुंचते ही चीखों में बदलीं सिसकियां, मुख्यमंत्री ने जताया दुख
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 22 Jan 2021 12:11 AM IST
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मृतक बच्चे का फाइल फोटो, घटनास्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज के पिथनपुर में अपहरण के बाद हुई बालक की हत्या ने सभी को हैरान कर दिया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद बालक का शव गांव पिथनपुर में पहुंचा तो परिजनों की सिसकियां चीखों में बदल गईं। चीत्कार मच गया। पिथनपुर निवासी दस वर्षीय बालक लोकेश का शव मिलने बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। इधर गांव पिथनपुर के ग्रामीण और आस पास के गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों को सांत्वना दी। बालक की हत्या को लेकर हर किसी की जुबां पर दर्द था। लोग कह रहे थे कि बेरहमी से नन्हीं जान ले ली। लोगों की आंखें नम थी और वे द्रवित दिखाई दे रहे थे। इधर एसडीएम शिव कुमार, सीओ पटियाली गवेंद्र गौतम कई थानों के पुलिसबल के साथ गांव में पहुंचे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात रहीं। शाम को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच बालक के शव को गांव के समीप एक तालाब किनारे दफनाया गया।
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कासगंज के पिथनपुर गांव में बालक की हत्या के बाद तैनात पुलिसबल
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि गांव पिथनपुर निवासी किशनवीर का दस वर्षीय बेटा लोकेश सोमवार सुबह लापता हो गया। मंगलवार को जब फिरौती के लिए फोन आया तो अपहरण की पुष्टि होते ही खलबली मच गई। इधर पुलिस और एसटीएफ की टीम तलाश में जुटी रही। बुधवार रात बालक का शव बरामद करने के बाद पड़ताल तेज की गई। हत्या के मामले में गांव के ही राजबहादुर, अजय कुमार एवं गांव मनगई के अमरपाल के नाम सामने आया। पुलिस और एसटीएफ ने उनकी तलाश शुरू की। बुधवार की देर रात मुखबिर की सूचना पर लगभग 3:40 बजे सिढ़पुरा-अमांपुर मार्ग से आरोपी अजय कुमार के होने की जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने पुलिस टीम की ओर फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी वह गिर पड़ा। पुलिस आरोपी को चिकित्सालय ले गई जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया। आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस व बाइक बरामद हुई है।
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कासगंज के पिथनपुर में बालक की हत्या के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
पूरे गांव में शोक की लहर
पीड़ित परिवार में बीते सोमवार से चूल्हे नहीं जले हैं वहीं गांव में भी शोक की लहर है। शव पहुंचने के बाद ग्रामीण शोकाकुल थे। उनके घरों में भी चूल्हे नहीं जले थे। इस घटना की ग्रामीण निंदा कर रहे थे। जब बालक का शव दफनाने के लिए ले जाया गया तो फिर सैंकड़ों की संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
पहुंचे अफसर और नेताओं, दी सांत्वना
बालक के परिवार को सांत्वना देने के लिए अफसर और नेता भी पहुंचे। डीएम सीपी सिंह, एसपी मनोज सोनकर, भाजपा जिलाध्यक्ष केपी सिंह सोलंकी, अमांपुर विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह, ब्रज क्षेत्र मंत्री पूर्णेंद्र सोलंकी सहित अन्य कई नेताओं ने भी पीड़ित परिवार को सांत्वना दी है।
पीड़ित परिवार में बीते सोमवार से चूल्हे नहीं जले हैं वहीं गांव में भी शोक की लहर है। शव पहुंचने के बाद ग्रामीण शोकाकुल थे। उनके घरों में भी चूल्हे नहीं जले थे। इस घटना की ग्रामीण निंदा कर रहे थे। जब बालक का शव दफनाने के लिए ले जाया गया तो फिर सैंकड़ों की संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
पहुंचे अफसर और नेताओं, दी सांत्वना
बालक के परिवार को सांत्वना देने के लिए अफसर और नेता भी पहुंचे। डीएम सीपी सिंह, एसपी मनोज सोनकर, भाजपा जिलाध्यक्ष केपी सिंह सोलंकी, अमांपुर विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह, ब्रज क्षेत्र मंत्री पूर्णेंद्र सोलंकी सहित अन्य कई नेताओं ने भी पीड़ित परिवार को सांत्वना दी है।
कासगंज के पिथनपुर में बालक की हत्या के बाद तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मेरे लाड़ले के हत्यारों को मिले फांसी
मृतक बालक की मां देवकी का रो रोकर बुरा हाल है। वह बेसुध हो चुकी है और बार बार शासन प्रशासन से एक ही मांग कर रही है कि हत्यारों को सख्त से सख्त सजा मिले। उन्हें फांसी दी जानी चाहिए। मृतक के पिता किशनवीर सिंह का कहना है कि आरोपी उसके द्वारा लगाए जा रहे समर के कारण रंजिश मान रहे थे। पिछले 5-6 महीने से वे पानी की समरसर्बिल लगवाने का काम रोक रहे थे। अभी समर लगने का सामान पहुंचा ही था कि अगले दिन ही बच्चे का अपहरण कर लिया। बताया कि खेत में समर सिंचाई के लिए लगाई जा रही थी। क्योंकि उसके खेत में पानी सिंचाई के लिए समय से नहीं मिल पा रहा था। इसी बात को लेकर आरोपी रंजिश मानते थे। वे अपने खेत में समर लगवाना चाहते थे।
मृतक बालक की मां देवकी का रो रोकर बुरा हाल है। वह बेसुध हो चुकी है और बार बार शासन प्रशासन से एक ही मांग कर रही है कि हत्यारों को सख्त से सख्त सजा मिले। उन्हें फांसी दी जानी चाहिए। मृतक के पिता किशनवीर सिंह का कहना है कि आरोपी उसके द्वारा लगाए जा रहे समर के कारण रंजिश मान रहे थे। पिछले 5-6 महीने से वे पानी की समरसर्बिल लगवाने का काम रोक रहे थे। अभी समर लगने का सामान पहुंचा ही था कि अगले दिन ही बच्चे का अपहरण कर लिया। बताया कि खेत में समर सिंचाई के लिए लगाई जा रही थी। क्योंकि उसके खेत में पानी सिंचाई के लिए समय से नहीं मिल पा रहा था। इसी बात को लेकर आरोपी रंजिश मानते थे। वे अपने खेत में समर लगवाना चाहते थे।
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कासगंज के पिथनपुर में बालक की हत्या के बाद गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज के सिढ़पुरा के गांव पिथनपुर में बालक की हत्या के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिलाधिकारी को पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री की ओर से 5 लाख रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाने की घोषणा की है। सोमवार को अपहृत हुए बालक की हत्या के बाद जहां एक ओर परिवार टूट गया है। वहीं शासन, प्रशासन भी इस घटना को लेकर बेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने बृहस्पतिवार सुबह जिलाधिकारी सीपी सिंह से वीडियो कांफ्रेंसिंग की। पूरी घटना के बारे में जिलाधिकारी से जानकारी ली। परिवार के प्रति सहानुभूति दिखाई। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि मृत बालक के पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। मुख्यमंत्री से निर्देश मिलने के बाद डीएम ने परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है। परिवार के खाते में प्रशासन जल्द ही धनराशि भेजेगा।