यूपी के एटा स्थित गांव नगला प्रेमी में दवा कारोबारी कमल सिंह ने ही बुजुर्ग माता-पिता, बेटी और पत्नी की ईंट से वार कर हत्या की थी। पुलिस ने मंगलवार को हत्याकांड का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। छोटी बेटी ज्योति की शादी के लिए चार लाख रुपये का इंतजाम न होने से कमल परेशान था। सोमवार दोपहर इसी बात पर पत्नी रत्ना देवी से उसका विवाद हुआ, जिसके बाद उसने एक-एक कर चारों की हत्या की। नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सबको ईंट मारी: 100 मिनट में मां-बाप-पत्नी और बेटी को मार खत्म कर दिया परिवार, क्यों था कमल के सिर पर खून सवार?
हत्याकांड में मृत चारों लोगों के शव का तीन चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट चीख-चीख कर गवाही दे रही है कि किस क्रूरता से इन सबके सिर और चेहरे कुचले गए। इसकी वजह से दिमाग की नसें फट गईं, चेहरे व सिर की कई हड्डियां टूट गईं।
सीसीटीवी फुटेज में सिर्फ कमल ही दिखाई दिया
डीआईजी अलीगढ़ रेंज प्रभाकर चौधरी ने मंगलवार को पुलिस लाइन में बताया कि सीसीटीवी फुटेज में घटना के समय घर के अंदर और बाहर किसी अन्य व्यक्ति की आवाजाही नहीं पाई गई। मृतक गंगा सिंह शाक्य का बेटा कमल सिंह ही आता-जाता दिखा। शक के आधार पर जब जांच की गई तो उसके कपड़ों और जूतों पर खून के निशान मिले। मृतका ज्योति के मोबाइल फोन से आखिरी चैटिंग का समय सामने आया। इससे घटना का समय भी स्पष्ट हो गया।
10 फरवरी को होनी थी बेटी की शादी
डीआईजी के अनुसार, पूछताछ में कमल सिंह ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि छोटी बेटी ज्योति की शादी 10 फरवरी को होनी थी। इसके लिए लड़का पक्ष को चार लाख रुपये देने थे। सोमवार दोपहर वह खाना खाने घर आया था। इस दौरान रुपयों की व्यवस्था न हो पाने पर पत्नी से विवाद हुआ। पत्नी ने काफी कुछ सुनाया और गाली-गलौज की। इस पर आवेश में आकर कमल ने छत पर पड़ी इंटरलॉकिंग ईंट से पहले पत्नी, फिर बेटी और उसके बाद मां के सिर व चेहरे पर प्रहार किए। बाद में नीचे आकर पिता पर भी ईंट से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
यह है पूरा मामला
गांव नगला प्रेमी में सोमवार दोपहर करीब 2:35 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक मकान में कई लोगों की हत्या हो गई है। सूचना मिलते ही पहले एएसपी श्वेताभ पांडेय पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे। घर के अंदर भूतल पर गंगा सिंह शाक्य (70) जबकि पहली मंजिल पर उनकी पुत्रवधू रत्ना देवी (40), पौत्री ज्योति (23) के शव पड़े हुए थे। वहीं, गंगा सिंह की पत्नी श्यामा देवी (65) गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी भेजा गया जहां 10 मिनट बाद उनकी भी मौत हो गई। घटना को गंभीरता से लेते हुए एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआईजी आलीगढ़ रेंज प्रभाकर चौधरी व एसएसपी श्याम नारायण सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से सबूत जुटाए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में पूरी स्थिति साफ हो गई।
फट गईं दिमाग की नसें, टूट गईं हड्डियां...पोस्टमार्टम रिपोर्ट दे रही क्रूरता की गवाही
हत्याकांड में मृत चारों लोगों के शव का तीन चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट चीख-चीख कर गवाही दे रही है कि किस क्रूरता से इन सबके सिर और चेहरे कुचले गए। इसकी वजह से दिमाग की नसें फट गईं, चेहरे व सिर की कई हड्डियां टूट गईं।
पुलिस ने सोमवार की शाम करीब 5 बजे पोस्टमार्टम हाउस पर चारों शव को पहुंचाया। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद करीब 11 बजे पोस्टमार्टम शुरू किए गए। यह प्रक्रिया मंगलवार सुबह 5 बजे तक पूरी हो पाई। इस दौरान श्यामा देवी, रत्ना देवी और ज्योति के शव का पोस्टमार्टम डॉ. राजीव किशोर एवं डॉ. श्वेता राजपूत ने किया।
वहीं बुजुर्ग गंगा सिंह के शव का पोस्टमार्टम डॉ. उत्सव जैन और डॉ. राजीव जैन की टीम ने किया। पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चारों लोगों की मौत का कारण चेहरे व सिर पर भारी चीज से किया गया प्रहार पाया गया। उसकी वजह से दिमाग की नसें फट गईं और चेहरे व गर्दन की कई हड्डियों में फ्रैक्चर हुए हैं।
बिसरा की कराई जाएगी जांच
मृतकों का बिसरा सुरक्षित रखा गया है। इससे पता किया जाएगा कि कहीं हत्याकांड से पहले कोई नशीला पदार्थ तो मृतकों को नहीं खिलाया गया था।
