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कोई प्रकृति प्रेमी तो किसी को पशु-पक्षियों से है बेहद प्यार, अनोखा है यह मुस्लिम परिवार
Tue, 10 Sep 2019 05:15 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, एटा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 10 Sep 2019 05:15 PM IST
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जमालउद्दीन के परिवार के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
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हर आदमी को कुछ खास चीजों से लगाव होता है, जिनसे उसे खुशी मिलती है। एटा जिले के मारहरा कस्बे में भी एक ऐसा परिवार है, जिसके हर सदस्य को अलग-अलग चीजों से लगाव है। कोई प्रकृति प्रेमी है तो कोई पक्षियों के बिना नहीं रह सकता तो एक सदस्य बिल्लियों से बेइंतहा मुहब्बत करता है। वहीं सबसे छोटे बेटे को देश-विदेश की मुद्रा संग्रहीत करने में मजा आता है। इस परिवार के इन शौक के बारे में जो भी सुनता है, हैरान रह जाता है।
बिल्लियों के साथ अमीना बेगम
- फोटो : अमर उजाला
मारहरा के बड़ा बाजार स्थित रेडीमेड गारमेंट व्यापारी जमालउद्दीन का सात सदस्यीय परिवार है। इसमें उनकी पत्नी और चार बेटे हैं जिसमें से सबसे बड़ा बेटा उमर जमाल और बहू पौलेंड में रहते हैं। बड़ा बेटा टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देता है। परिवार की मुखिया अनीसा बेगम को बिल्लयां पालने का बहुत शौक है। उनके पास वर्तमान में 12 से अधिक बिल्लियां हैं। वो कहती हैं कि शादी के बाद से ही बिल्लियां पाल रहे हैं।
बिल्लियों के साथ अमीना बेगम
- फोटो : अमर उजाला
अनीसा बेगम ने बताया कि जब तक इन्हें खाना नहीं खिला देती तब तक मुझे न तो भूख लगती है और न ही दूसरे सदस्यों को खाना मिलता है। मेरी बिल्लियां बहुत ही अनुशासित हैं। घर में कोई गंदगी नहीं करती। टायलेट के लिए भी बाथरूम का इस्तेमाल करती हैं। मेरे पास जो भी बिल्ली लेने आता है तो पहले मैं ये पड़ताल करती हूं कि बिल्ली मांगने वाला मेरी बिल्लियों को पाल पाएगा या नहीं।
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अजमल जमाल को पक्षियों से मुहब्बत
- फोटो : अमर उजाला
अजमल को पक्षियों से मुहब्बत है। वो बताते हैं कि एक बार घर की बॉलकनी में चिड़ियों के अंडों को टूटा देखा तो उन्होंने ठाना कि पक्षियों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने बॉलकनी में लकड़ी के बॉक्स और घोंसले बनवाए। इनमें आकर पक्षी बैठने लगे। जब इन्हें रोजाना दाना डालने का सिलसिला शुरू हुआ तो पक्षियों को भी मुझसे लगाव हो गया। अब तय समय पर जब सड़क या छत पर दाना डालता हूं तो सैकड़ों पक्षी मेरे पास दाना खाने के साथ खेलते हैं।
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पकृति प्रेमी मंसब जमाल
- फोटो : अमर उजाला
मंसब जमाल ने छत को पूरा गार्डन बना दिया है। नई-नई किस्म के पौधे लगाना अच्छा लगता है। मोबाइल पर यूट्यूब की मदद से बागवानी करने का शौक बढ़ गया। मंसब ने बताया कि वो हर दिन टीवी, मोबाइल पर पौधों को जिंदा करने की तकनीकी सीखते हैं। जहां भी जात है कि पौधे जरूर लेकर आत हैं। कोलकाता, जयपुर, दिल्ली, हरिद्वार, हल्दवानी, नैनीताल के अलावा कासगंज के ढोलना से भी पौधे मंगाए हैं। पढ़ाई के अलावा मंसब ज्यादातर इन पौधों के साथ गुजरता है।