सब्सक्राइब करें

तस्वीरें: मुगल बादशाह अकबर की नगरी में दफन 4000 साल पुराना इतिहास, पुरातत्व संग्रहालय खोल रहा अतीत के कई राज

प्रमोद सिंघल, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 18 May 2026 11:53 AM IST
सार

फतेहपुर सीकरी का पुरातत्व संग्रहालय उत्खनन में मिले ऐसे अवशेषों को प्रदर्शित करता है जो मुगलकाल से भी पहले की प्राचीन सभ्यता की कहानी बताते हैं। यहां जैन प्रतिमाओं से लेकर घरेलू बर्तनों और मुगलकालीन वस्तुओं तक ऐतिहासिक धरोहरों का समृद्ध संग्रह संरक्षित है।

विज्ञापन
Fatehpur Sikri Archaeological Museum Reveals Ancient History Beyond the Mughal Era
फतेहपुर सीकरी संग्रहालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुगलकालीन इतिहास, भव्य महलों और बुलंद दरवाजे के साए में छिपा एक ऐसा स्थान भी है, जो सीकरी की प्राचीन सभ्यता की दुर्लभ धरोहरों को अपने सीने में संजोए हुए है। यह है फतेहपुर सीकरी का पुरातत्व संग्रहालय। यहां हुए पुरातात्विक उत्खनन (खुदाई) से निकलीं दुर्लभ वस्तुएं न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, बल्कि इतिहास के जिज्ञासुओं और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए ज्ञान का अनमोल भंडार भी हैं।


पुरातत्व संग्रहालय में फतेहपुर सीकरी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, मुगल सम्राट अकबर की ओर से बसाए गए नगर तथा यहां हुए पुरातात्विक उत्खननों से प्राप्त प्राचीन अवशेषों को प्रदर्शित किया गया है। संग्रहालय में जैन तीर्थंकरों एवं देवी-देवताओं की प्रतिमाएं, मिट्टी एवं पत्थर की कलाकृतियां, आभूषण, धातु की वस्तुएं और अन्य पुरावशेष सुरक्षित रखे गए हैं, जो क्षेत्र की लगभग चार हजार वर्ष पुरानी सभ्यता की कहानी बयां करते हैं।
Fatehpur Sikri Archaeological Museum Reveals Ancient History Beyond the Mughal Era
फतेहपुर सीकरी संग्रहालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर सीकरी नगर का निर्माण मुगल बादशाह अकबर ने वर्ष 1572 से 1585 के बीच कराया और इसे अपनी राजधानी बनाया था। बाद में अन्य कारणों से यह नगर वीरान हो गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में यहां 1976-77 में एवं 1999-2000 में व्यापक उत्खनन कार्य कराया गया, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण पुरावशेष प्राप्त हुए।
 
Fatehpur Sikri Archaeological Museum Reveals Ancient History Beyond the Mughal Era
फतेहपुर सीकरी संग्रहालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वीर छबीली टीले से मिले जैन पुरावशेष
उत्खनन में सबसे महत्वपूर्ण खोज वीर छबीली टीला रहा। यहां से 1010 ईस्वी में निर्मित श्रुति देवी की भव्य प्रतिमा मिली, जो विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इसके अलावा जैन तीर्थंकरों भगवान कुंथुनाथ, संभवनाथ, शांतिनाथ, नेमिनाथ एवं पार्श्वनाथ की प्राचीन प्रतिमाएं भी मिलीं, जो वर्तमान में ज्यादातर खंडित अवस्था में यहां संरक्षित हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Fatehpur Sikri Archaeological Museum Reveals Ancient History Beyond the Mughal Era
फतेहपुर सीकरी संग्रहालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
12वीं से 16वीं सदी के घरेलू अवशेष
संग्रहालय में चाक से निर्मित प्राचीन मृदभांड (मिट्टी के बर्तन), मृण्मय मूर्तियां, कीमती मनके, आभूषण बनाने के सांचे, लघु पात्र और धातु के उपकरण रखे गए हैं।
 
विज्ञापन
Fatehpur Sikri Archaeological Museum Reveals Ancient History Beyond the Mughal Era
फतेहपुर सीकरी संग्रहालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुगलकालीन वैभव की झलक
खुदाई में मिले बड़े-बड़े भंडारण पात्र, चीनी मिट्टी के बर्तन, ग्लेज्ड बेयर की थालियां, टोंटीदार कलश, गोल आधार की हांडी, हत्थेदार ढक्कन और बहुरंगी चित्रकारी युक्त ठीकरे (बर्तन के टुकड़े) तत्कालीन समृद्ध जीवनशैली को दर्शाते हैं। इसके अलावा प्राचीन तलवारें, धातु के दीपक, चक्की पाट, सिलबट्टा और फारसी में लिखे दुर्लभ शिलालेख भी यहां प्रदर्शित हैं।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed