दिल और किडनी के हजारों मरीजों को अगले साल से अच्छे इलाज के लिए दिल्ली तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। एसएन मेडिकल कॉलेज में ही अगले साल मार्च से उन्हें इलाज मिलना शुरू हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज में बनाए जा रहे सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण जनवरी तक पूरा करने का दावा किया गया है, जिसके बाद इसे मार्च से शुरू कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 200 करोड़ रुपये से परिसर में बनाए जा रहे 8 मंजिला सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में ह्रदय, किडनी, फेंफडों के साथ कैंसर रोग का अत्याधुनिक इलाज हो पाएगा। आठ मंजिला सेंटर की हर मंजिल पर एक-एक विभाग होगा, जिसमें कुल 160 बेड और 32 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी बनाए जाएंगे। इस सेंटर के निर्माण के बाद गंभीर रोगों का आगरा में ही बेहतर इलाज मुहैया हो जाएगा।
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आगरा का 'एम्स': दिल और गुर्दा रोगियों को मार्च से एसएन में ही मिलेगा इलाज, जल्द पूरा होगा सुपर स्पेशियलिटी सेंटर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 22 Jul 2021 09:59 AM IST
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एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी
- फोटो : अमर उजाला
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एसएन: सुपर स्पेशियलिटी सेंटर
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हर विभाग में 20-20 बेड और चार-चार ऑपरेशन थिएटर
सेंटर में हृदय रोग, किडनी रोग, उदर रोग, मस्तिष्क एवं तंत्रिका तंत्र रोग, हार्मोंस रोग, गठिया एवं जोड़ रोग, फेफड़े एवं सांस रोग और कैंसर रोग विभाग खोले जाएंगे। हर विभाग में 20-20 बेड की व्यवस्था होगी। ऑपरेशन के लिए चार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें ऑपरेशन के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इसी तरह का सुपर स्पेशियलिटी सेंटर दिल्ली एम्स में खुला है, जहां नई इमारत में हर मंजिल पर एक-एक विभाग खोला गया है।
सेंटर में हृदय रोग, किडनी रोग, उदर रोग, मस्तिष्क एवं तंत्रिका तंत्र रोग, हार्मोंस रोग, गठिया एवं जोड़ रोग, फेफड़े एवं सांस रोग और कैंसर रोग विभाग खोले जाएंगे। हर विभाग में 20-20 बेड की व्यवस्था होगी। ऑपरेशन के लिए चार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें ऑपरेशन के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इसी तरह का सुपर स्पेशियलिटी सेंटर दिल्ली एम्स में खुला है, जहां नई इमारत में हर मंजिल पर एक-एक विभाग खोला गया है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला
- फोटो : अमर उजाला
6 माह में कर लेंगे निर्माण कार्य पूरा
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण छह महीने में पूरा करने का भरोसा कार्यदायी संस्था ने दिया है। इस सेंटर के बनने से गंभीर रोगों का उपचार आगरा में ही हो सकेगा।
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण छह महीने में पूरा करने का भरोसा कार्यदायी संस्था ने दिया है। इस सेंटर के बनने से गंभीर रोगों का उपचार आगरा में ही हो सकेगा।
एसएन मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
जून में होना था पूरा, 50 फीसदी ही बन सका
जनवरी 2020 में एसएन मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। अब तक 18 माह में भवन निर्माण का 50 फीसदी काम हो सका है। अभी इसके निर्माण में छह महीने से अधिक समय लगेगा। जून 2021 में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन कोरोना महामारी और एनओसी से जुड़ी परेशानियों के कारण निर्माण में देरी हुई है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. संजय काला के मुताबिक अगले 6 माह में पूरा काम करने के लिए कहा गया है ताकि जल्द सेंटर शुरू किया जा सके।
जनवरी 2020 में एसएन मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। अब तक 18 माह में भवन निर्माण का 50 फीसदी काम हो सका है। अभी इसके निर्माण में छह महीने से अधिक समय लगेगा। जून 2021 में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन कोरोना महामारी और एनओसी से जुड़ी परेशानियों के कारण निर्माण में देरी हुई है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. संजय काला के मुताबिक अगले 6 माह में पूरा काम करने के लिए कहा गया है ताकि जल्द सेंटर शुरू किया जा सके।
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एसएन मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
इन गंभीर मरीजों का होगा इलाज
- हृदय रोगियों के लिए एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी।
- हार्मोंस की जांच, हार्मोंस से जुड़ी बीमारियों का इलाज।
- फेफड़ों की जांच, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का इलाज।
- मस्तिष्क की बीमारियों की जांच समेत उनका इलाज।
- गठिया और जोड़ों की गंभीर बीमारियों का उपचार।
- किडनी और लिवर के गंभीर रोगों की जांच और इलाज।
- मधुमेह रोग के दुष्प्रभाव से होने वाले गंभीर रोगों का इलाज।
आगरा का 'एम्स': एसएन मेडिकल कॉलेज की बदलेगी सूरत, 45 एकड़ में बनेगा इंटीग्रेटेड कैंपस
- हृदय रोगियों के लिए एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी।
- हार्मोंस की जांच, हार्मोंस से जुड़ी बीमारियों का इलाज।
- फेफड़ों की जांच, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का इलाज।
- मस्तिष्क की बीमारियों की जांच समेत उनका इलाज।
- गठिया और जोड़ों की गंभीर बीमारियों का उपचार।
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