फिरोजाबाद में बारिश के कारण प्रकाश टॉकीज के समीप संचालित पार्किंग जलमग्न हो गई। पार्किंग के अंदर खड़ी कारें पानी में डूब गई। इसकी जानकारी कार स्वामियों को हुई तो वह मौके पर पहुंचे। कारें पूरी तरह से पानी में डूबी होने के कारण वह कारों को निकाल नहीं सके। इससे उनमें आक्रोश फैल गया। दोपहर बाद उन्होंने प्रकाश टॉकीज के बाहर सर्विस रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित कार स्वामियों को समझाकर जाम खुलवा दिया।
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Firozabad: बारिश बनी आफत, पार्किंग में जलमग्न हो गईं कारें, दिख रही सिर्फ छतें, देखें तस्वीरें
Thu, 22 Sep 2022 08:22 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 22 Sep 2022 08:22 PM IST
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पार्किंग में जलमग्न हो गईं कारें, दिख रही सिर्फ छतें
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश के पानी से गुजरती कार
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने पार्किंग स्थल के बाहर सर्विस रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर उत्तर थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार शर्मा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाकर जाम खुलवा दिया। कार स्वामी जय प्रकाश बघेल, अर्जुन सिंह, मनोज कुमार और अंकित मित्तल ने बताया कि सुबह अगर पार्किंग संचालक द्वारा सूचना दे दी जाती तो कारों को बचा लिया जाता। लेकिन पार्किंग संचालक द्वारा न तो सूचना दी गई और पानी निकासी को भी कोई व्यवस्था की गई।
जिधर देखो पानी ही पानी
- फोटो : अमर उजाला
बारिश ने यमुना की तलहटी के ग्रामीणों की बढ़ाई चिंता
बारिश ने यमुना की तलहटी के गांवों के वाशिंदों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश होने के साथ ही यमुना का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ा है। ग्रामीणों को चिंता है कि यमुना की तलहटी में बोई बाजरा, तिलहन एवं दलहन की फसल कहीं बर्बाद न हो जाए। अगस्त माह में औसत से कम बारिश होने के साथ 15 सितंबर तक मौसम काफी गरम रहा। बारिश कम होने के कारण सूखे के चलते जिला प्रशासन फसलों में हानि का आकलन कर रहा था। यमुना के किनारे के गांव के किसान परेशान थे कि उनकी बाजरा के साथ तिलहन, दलहन की फसलें नहीं बोई जा सकेंगी।
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बारिश के पानी में डूबी मिर्च की फसल
- फोटो : अमर उजाला
अब सता रही डूबने की चिंता
मौसम ने ऐसी करवट बदली कि जिन फसलों के सूखने की आशंका थी उनके डूबने की चिंता सताने लगी है। यमुना की तलहटी के गांव सोफीपुर, चंद्रवाड़, शंकरपुर, उस्मानपुर, फरौल नगरिया, कुर्रीकूपा, नादन, माली पट्टी, बांस झरना, भीकनपुर बझेरा, ग्वारई नगला सिंघी, गुदाऊं, वाजिदपुर कुतुकपुर, मुबारकपुर, ततारपुर, गढ़ी दानसहाय, मड़वा, उरावर हस्तर्फ, धीरपुरा, रुधऊ मुश्तकिल सहित आसपास के कई गांव शामिल हैं। ग्रामीण बारिश होने के साथ ही बाजरा, अरहर एवं अन्य फसलों में भरे पानी को निकालने में जुटे हैं।
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खेतों में भरा पानी
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