ताजगंज में शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह को अंतिम विदाई आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा बनवाए गए नए मोक्षधाम में दी गई। इसके बाद इसका नामकरण शहीद के नाम पर करने की घोषणा की गई। इसका नाम शहीद पृथ्वी सिंह अंतिम विश्राम स्थल रखा गया है।विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने बताया कि शहीद की अंत्येष्टि के लिए नए मोक्षधाम को चुना गया। क्षेत्र बजाजा कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुनील विकल ने ताले खुलवाकर सफाई करवाई। कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि नए मोक्षधाम का नाम शहीद पृथ्वी सिंह चौहान अंतिम विश्राम स्थल रखा गया है। आठ चिता स्थलों वाले इस मोक्षधाम को अब सभी के लिए खोल दिया गया है। कमेटी के टीएन अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, ऋषि मित्तल, राजेंद्र गोयल, मनोज शर्मा, नंदकिशोर गोयल, कृष्ण कुमार अग्रवाल, राकेश कुमार अग्रवाल, अनुज राठी ने अंतिम विदाई से पहले श्रद्धांजलि दी।
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शहादत को सलाम: शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह नगर होगा सरन नगर का नाम, अंत्येष्टि स्थल का नाम भी शहीद को समर्पित, रात में बनाई सड़क
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 12 Dec 2021 09:29 AM IST
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विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान (फाइल फोटो)
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शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान
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दयालबाग स्थित आवास से अपराह्न 1.20 मिनट पर पृथ्वी सिंह की पार्थिव देह अंतिम संस्कार के लिए ताजगंज मोक्षधाम पहुंची। यहां गार्ड ऑफ ऑनर देने के लिए पहले ही वायु सेना के जवान पहुंच चुके थे। पहले पुराने अंत्येष्टि स्थल पर तैयारियां की गईं। वहां अन्य चिताएं जल रही थीं। गीली लकड़ियों के धुएं में वहां खड़े होना मुश्किल हो गया। फिर अचानक अंत्येष्टि स्थल बदला गया। नव निर्मित परिसर में अंतिम संस्कार की सफाई कराई गई। पानी का छिड़काव हुआ। दोपहर करीब 1.48 मिनट पर नए अंत्येष्टि स्थल पर पृथ्वी सिंह की पार्थिव देह रखी गई। फिर यहां अंतिम विदाई के लिए नेताओं, अधिकारियों, पूर्व सैनिकों व विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की। करीब एक घंटे बाद तीन बजे पृथ्वी के भतीजे सोनू व पुत्र अविराज ने मुखाग्नि दी। इस दौरान वायु सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य सम्मान के साथ शहीद की अंतिम विदाई हुई।
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आगरा: शहीद पृथ्वी का घर
- फोटो : अमर उजाला
सरन नगर का नाम होगा शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह नगर
आगरा महापौर नवीन जैन ने दयालबाग में सरन नगर स्थित शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के निवास स्थान का नाम शहीद के नाम पर रखे जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नगर निगम बोर्ड में सरन नगर का नाम विंग कमांडर पृथ्वी सिंह के नाम पर रखे जाने का प्रस्ताव लाकर इसे पारित कराया जाएगा। महापौर ने कहा कि यह हमारे शहर के लिए गौरव की बात है कि वर्ष 2002 में वायु सेना में शामिल हुए पृथ्वी सिंह चौहान एक अनुभवी और बहादुर पायलट थे।
आगरा महापौर नवीन जैन ने दयालबाग में सरन नगर स्थित शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के निवास स्थान का नाम शहीद के नाम पर रखे जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नगर निगम बोर्ड में सरन नगर का नाम विंग कमांडर पृथ्वी सिंह के नाम पर रखे जाने का प्रस्ताव लाकर इसे पारित कराया जाएगा। महापौर ने कहा कि यह हमारे शहर के लिए गौरव की बात है कि वर्ष 2002 में वायु सेना में शामिल हुए पृथ्वी सिंह चौहान एक अनुभवी और बहादुर पायलट थे।
सरन नगर
- फोटो : अमर उजाला
रात में ढाई घंटे में बना दी सड़क
12 साल से खराब पड़ी सड़क सिर्फ ढाई घंटे में बनकर तैयार हो गई। हालांकि अभी खड़ंजा बनना बाकी है। यह सड़क न्यू आगर की मुख्य रोड से शहीद पृथ्वी सिंह के घर की ओर जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर सड़क की दुर्दशा छिपाने के लिए इस पर लाल कारपेट बिछाया गया था। जिसका लोगों ने विरोध किया था। क्षेत्रीय निवासी दीपू ने बताया कि सड़क पूरी नहीं बनाई है। खड़ंजा छोड़ दिया गया है। पहले सड़क सीमेंट की बनी थी।
12 साल से खराब पड़ी सड़क सिर्फ ढाई घंटे में बनकर तैयार हो गई। हालांकि अभी खड़ंजा बनना बाकी है। यह सड़क न्यू आगर की मुख्य रोड से शहीद पृथ्वी सिंह के घर की ओर जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर सड़क की दुर्दशा छिपाने के लिए इस पर लाल कारपेट बिछाया गया था। जिसका लोगों ने विरोध किया था। क्षेत्रीय निवासी दीपू ने बताया कि सड़क पूरी नहीं बनाई है। खड़ंजा छोड़ दिया गया है। पहले सड़क सीमेंट की बनी थी।
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बेटे को गले लगाए शहीद की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
अभि को गले से लगाकर रोई वीरनारी कामिनी
पृथ्वी सिंह चौहान की पत्नी वीरनारी कामिनी सिंह भी अपने पति की विदाई के लिए बच्चों के साथ पहुंची। उनके साथ पृथ्वी सिंह के दोस्त थे, जो वायु सेना में पृथ्वी के साथी थे। मुखाग्नि के बाद आठ साल के अवि (अविराज) को कामिनी गले से लगाकर रोई। बेटी आराध्या और पृथ्वी के पिता सुरेंद्र सिंह की आंखों से भी आंसुओं की धार बहती रही।
पृथ्वी सिंह चौहान की पत्नी वीरनारी कामिनी सिंह भी अपने पति की विदाई के लिए बच्चों के साथ पहुंची। उनके साथ पृथ्वी सिंह के दोस्त थे, जो वायु सेना में पृथ्वी के साथी थे। मुखाग्नि के बाद आठ साल के अवि (अविराज) को कामिनी गले से लगाकर रोई। बेटी आराध्या और पृथ्वी के पिता सुरेंद्र सिंह की आंखों से भी आंसुओं की धार बहती रही।