कुन्नूर हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए आगरा के विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। जब से पृथ्वी के निधन की खबर मिली है, तब से उनकी मां और बहनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। विंग कमांडर चार बहनों के इकलौते भाई थे। उनकी दो बहनें आगरा में ही रहती हैं। भाई को याद कर बहनें फफक पड़ती हैं। कहती हैं कि अब वह किसे राखी बांधेंगी। विंग कमांडर पृथ्वी ने इस बार 31 साल बाद घर पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया था। तीन बहनों ने एक साथ उनको राखी बांधी थी। बड़ी बहन नहीं आ पाई थीं। रक्षाबंधन के बाद पृथ्वी सिंह ने फैमिली व्हाट्सएप ग्रुप पर प्यारा सा मैसेज भी लिखा था। परिवार के साथ बिताए उन पलों को महान अनुभव बताया था। पृथ्वी ने परिवार के साथ नए साल का जश्न मनाने और पिता के जन्मदिन पर आने के लिए कहा था, लेकिन इससे पहले ही काल के क्रूर हाथों ने उन्हें छीन लिया। इससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान
- फोटो : ANI
विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान आगरा के सरन नगर (दयालबाग) के रहने वाले थे। सीडीएस बिपिन रावत के साथ वह भी बुधवार को हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हो गए थे। पृथ्वी सिंह पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनसे बड़ी चार बहनें हैं। बड़ी बहन मीना ने बताया कि रक्षाबंधन पर पृथ्वी सिंह घर आए थे। तब बहनों ने अपने प्यारे भाई को राखी बांधी। फोन पर वह संपर्क में रहते थे।
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आगरा:विलाप करतीं विंग कमांडर की मां
- फोटो : अमर उजाला
पृथ्वी सिंह ने तीन दिन पहले ही मां सुशीला चौहान की आंख का ऑपरेशन कराने को लेकर पिता से बात की थी। उन्होंने आगरा के मिलिट्री हॉस्पिटल में मां की आंख का इलाज कराने के लिए कहा था, लेकिन उससे पहले ही पृथ्वी उनकी आंखों से ओझल हो गए। बहादुर बेटे को खोने के गम में मां बदहवास है। बहनों के भी आंसू नहीं थम रहे हैं।
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भाई की तस्वीर को सीने से लगाकर रोतीं बहन
- फोटो : अमर उजाला
विंग कमांडर पृथ्वी सिंह की बहन मीना ने बताया कि जब से भाई ग्वालियर के सैनिक स्कूल में पढ़ने गए थे, तब से वह उनको राखी नहीं बांध पाई थीं। इस बार 31 साल बाद रक्षाबंधन पर ऐसा मौका आया था, जब पृथ्वी ने घर पर बहनों से राखी बंधवाई थी। हालांकि बड़ी बहन नहीं आ पाई थी। पृथ्वी ने फैमिली ग्रुप पर मैसेज लिखा था, जिसे पढ़कर मीना फफक पड़ीं।
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हेलीकॉप्टर हादसा: पृथ्वी के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के ममेरे भाई पुष्पेंद्र सिंह जादौन ने अमर उजाला को बताया कि 31 दिसंबर को उनका आगरा आने का कार्यक्रम था। पूरी प्लानिंग हो गई थी। 31 दिसंबर को ही फूफा सुरेंद्र सिंह चौहान (पृथ्वी सिंह के पिता) का जन्मदिन है। सरप्राइज पार्टी की तैयारी की जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही पृथ्वी दुनिया छोड़कर चले गए।
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