हेलीकॉप्टर हादसे में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत के साथ आगरा के लाल विंग कमांडर पृथ्वी सिंह भी शहीद हो गए। सरन नगर निवासी पृथ्वी सिंह चौहान ही हेलीकॉप्टर के पायलट थे। हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए पृथ्वी सिंह के सरन नगर स्थित पैतृक घर पर शोक छाया हुआ है। उनके रिश्तेदारों, मित्रों ने बुधवार शाम से ही घर पहुंचकर उनके पिता सुरेंद्र सिंह से शोक संवेदनाएं प्रकट कीं। विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान की मां सुशीला का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बेटियां और आस पड़ोस की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधा रही थीं। बेटे के निधन के सदमे में मां के मुंह से बार बार यही शब्द निकल रहे थे, ओ बेटा, ओ मेरा बच्चा। रोते रोते जब सुशीला की हालत तक खराब होने लगी। परिवार के लोग उन्हें किसी तरह संभालने में लगे रहे। बार बार उन्होंने पलंग पर लिटाते और कहते चुप हो जाओ, तुम्हारी तबीयत खराब हो जाएगी, लेकिन मां तो मां होती है, कैसे भूले अपने बेटे की यादों को।
हेलीकॉप्टर हादसा: बेटे ने आंख का इलाज कराने का किया था वादा, रह गया अधूरा, विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के निधन से मां हैं बदहवास
राखी बंधवाने आए थे पृथ्वी, अब किसे बांधूंगी
विंग कमांडर पृथ्वी चार बहनों के इकलौते भाई थे। उनकी दो बहनें आगरा में ही रहती हैं। हेलिकॉप्टर हादसे में निधन की खबर सुनकर बदहवास दौड़ी चलीं आईं, बहन मीना की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे। मीना ने बताया कि रक्षाबंधन पर पृथ्वी सिंह घर आए थे। तब बहनों ने अपने प्यारे भाई को राखी बांधी। फोन पर वह संपर्क में रहते थे। तीन दिन पहले ही मां सुशीला चौहान की आंख का ऑपरेशन कराने को लेकर पिता से बात हुई थी। पृथ्वी ने आगरा के मिलिट्री हॉस्पिटल में मां के आंख के इलाज के लिए कहा था, लेकिन उससे पहले ही पृथ्वी उनकी आंखों से ओझल हो गए। पिता सुरेंद्र सिंह हाथों में बेटे की तस्वीर लिए सुबकते रहे और बोले कि बेटा बचपन से ही आसमान की ऊंचाईयों को छूना चाहता था। आर्मी स्कूल में दाखिले के बाद एयफोर्स ज्वाइन की। फोन पर मां के इलाज के लिए कहा था।
दोपहर में पृथ्वी की बड़ी बहन शकुंतला ने टीवी पर हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन की खबर देखी तो भाई के नंबर पर कॉल किया तो स्विच ऑफ निकला। इस पर अनहोनी की आशंका पर पृथ्वी की पत्नी कामिनी से संपर्क किया, जिन्होंने पृथ्वी के हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हो जाने की जानकारी दी। यह सुनते ही शकुंतला के पैरों से मानो जमीन खिसक गई। उनके परिजनों ने उन्हें संभाला।
हवा धोखा दे गई मेरे भाई को: संजय चौहान
विंग कमांडर पृथ्वी की पसंदीदा बाइक पल्सर थी। उनके पारिवारिक मित्र संजय चौहान का कहना है कि पृथ्वी को पल्सर बाइक काफी पसंद थी। वह कहते थे कि भैया मुझे पल्सर चलाकर हवा से बात करना अच्छा लगता है। मैं चाहता हूं कि मैं हवा के साथ आसमान से भी बात करूं। मुझे क्या मालूम था कि हवा से बात करने वाला मेरा भतीजे को हवा धोखा दे जाएगी।
सरन नगर में पड़ोसी शोक में डूबे
सरन नगर में बीटा ब्रेड के मालिक सुरेंद्र सिंह के पुत्र विंग कमांडर पृथ्वी सिंह के हेलीकॉप्टर हादसे में निधन के बाद उनके पड़ोसियों में शोक की लहर है। पृथ्वी के पड़ोसी नीरज श्रीवास्तव बताते हुए भावुक हो जाते हैं कि पृथ्वी उनसे चाचा कहते थे। उनके घर की दीवार मिली हुई है। जब भी घर आते तो चाचा कहकर अभिवादन करते। बेहद जांबाज और खुशमिजाज व्यक्तित्व थे। बचपन से अब तक उन्हें देखा तो निधन की खबर पाते ही धक्का लगा। सरन नगर में ही अजय निगम के मुताबिक बेहद सरल और सहज स्वभाव के पृथ्वी बहादुर थे।
हेलीकॉप्टर हादसा: शहीद हुआ आगरा का लाल, बेटे पृथ्वी का दिया तोहफा देख बार-बार रो रहे पिता, कहा था-ये घड़ी आपके लिए, कभी नहीं रुकेगी

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