जोंस मिल में बम विस्फोट कांड के आरोपियों पर शिकंजा कस गया है, लेकिन जिन्होंने अकूत संपत्तियां कमाई उन्हें छह महीने बाद भी प्रशासन ने भूमाफिया घोषित नहीं किया। न इनके कब्जे से सरकारी जमीन छुड़ाई। 15 दिसंबर को एडीएम प्रशासन ने जांच रिपोर्ट में जमीन खुदबुर्द करने वालों को भूमाफिया घोषित करने की संस्तुति जिलाधिकारी को भेजी थी। जोंस मिल मामले में प्रशासन का रवैया लचर है। पहले जांच में छह महीने लगे। अब कार्रवाई में छह महीने लग गए। रज्जो जैन की संपत्ति जब्त की गई है। हिमांशु अग्रवाल उर्फ चुनमुन और कंवलदीप सिंह की संपत्तियां जब्त नहीं की गई। जबकि बम विस्फोट कांड में तीनों शामिल थे। इनके अलावा जोंस मिल में बड़े पैमाने पर जमीनों को कूटरचित दस्तावेजों से बेचा गया। एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव ने इसके लिए 15 दिसंबर को हीरालाल पाटनी और उनके पुत्रगण, गंभीर मल पांडया एवं उनके पुत्रगण और मुन्नी लाल मेहरा व उनके वारिशों को भूमाफिया घोषित करने की रिपोर्ट डीएम प्रभु एन सिंह को भेजी थी। जांच में तीनों को षडयंत्रकारी रज्जो जैन का सहयोगी माना गया था। परंतु जिला प्रशासन ने भूमाफिया घोषित करना तो दूर इनके विरुद्ध जांच तक नहीं की।
जोंस मिल प्रकरण: 2596 करोड़ रुपये की जमीनें खुदबुर्द, भूमाफिया घोषित करने में लापरवाही, पढ़िए क्या है मामला!
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने जोंस मिल, घटनवासन मौजा के खसरा संख्या 1735,1736,1738, 1740, 1741, 2065, 2068, 2070, 2071, 2072, 2076, 2077, 2079, 2082, 2084, 2087, 2088, 2089 और 2090 की जांच कराईं। जांच में बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन मिलने पर यहां 19 खसरों में जमीनों की खरीद-फरोख्त, बिजली व पानी कनेक्शन, निर्माण एवं मानचित्र पास करने पर रोक लगाई। छह महीने से रोक बरकरार है।
आरोपियों के नाम चार्जशीट में शामिल किए जाएंगे। तहसील टास्क फोर्स इन्हें भूमाफिया चिह्नित करेगी। टास्क फोर्स बैठक में भूमाफिया घोषित करेंगे। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
जोंस मिल लाइन में बम धमाके के मुख्य आरोपी रज्जो जैन की 5.50 करोड़ रुपये की संपत्ति शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने जब्त कर ली थी। पुश्तैनी घर सहित 1.30 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने के लिए नोटिस चस्पा किया गया। तीन घरों में परिवार रह रहे हैं। इस कारण इन संपत्ति को जब्त करने में अभी वक्त लग सकता है। घरों को खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया गया है। अधिकारी घरों के खाली होने का इंतजार कर रहे हैं। जोंस मिल में सोढ़ी ट्रांसपोर्ट के गोदाम के पीछे 19 जुलाई 2020 को बम धमाका हुआ था। पुलिस ने राजेंद्र उर्फ रज्जो जैन सहित नौ आरोपियों को जेल भेजा था। मुकदमे के आधार पर पुलिस ने रज्जो जैन और उसके साथियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी पीएन सिंह के आदेश पर शुक्रवार को रज्जो जैन की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई थी। पुलिस और प्रशासन की टीम ने फतेहाबाद रोड पर सागा एंपोरियम के पास स्थित निर्माणाधीन राजकमल अपार्टमेंट और फाउंड्री नगर में स्थित एक प्लॉट को जब्त कर लिया था। इनकी कीमत 5.50 करोड़ रुपये है। आरोपी की छत्ता क्षेत्र स्थित तीन घरों को भी जब्त किया जाना है। इनमें एक पुश्तैनी मकान है, जबकि दो मकान भी पास हैं। पुश्तैनी मकान में रज्जो जैन परिवार सहित रहते हैं, जबकि दो मकान में किरायेदार रह रहे हैं। इस कारण इनको जब्त करने की कार्रवाई नहीं हो सकी। घरों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। घरों को खाली करने के लिए समय दिया गया है। थाना छत्ता के प्रभारी निरीक्षक राजकमल ने बताया कि रज्जो जैन की तीन संपत्ति को जब्त करने के लिए एसीएम द्वितीय ने नोटिस चस्पा कर दिए हैं। घरों के खाली होते ही जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।