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नागरिकता कानून पर बोले नड्डा- गांधी, नेहरू ने जिसकी वकालत की, आज उसका विरोध कर रही कांग्रेस

Fri, 24 Jan 2020 09:48 AM IST
मुकेश कुमार चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला, आगरा
चंद्रमोहन शर्मा, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 24 Jan 2020 09:48 AM IST
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JP Nadda targets Congress over CAA in Agra
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा - फोटो : अमर उजाला
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद आगरा में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में आयोजित अपनी पहली जनसभा में जेपी नड्डा के निशाने पर कांग्रेस रही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू ने शरणार्थियों को भारत में बसाने की बात कही थी, आज जब यह होने जा रहा है, तो कांग्रेस सीएए का विरोध कर रही है। 
JP Nadda targets Congress over CAA in Agra
नागरिकता कानून पर भाजपा अध्यक्ष की रैली - फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को कोठी मीना बाजार मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों में 70 फीसदी अनुसूचित जाति हैं। उन्होंने आंकड़े पेश कर बताया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की आबादी लगातार घटती जा रही है।
JP Nadda targets Congress over CAA in Agra
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि आज अनूसूचित जाति के जो नेता नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं, वे पश्चिम बंगाल, दिल्ली, इंदौर आदि शहरों में रह रहे शरणार्थियों की हालत देखें। जिनके पास डॉक्टर की डिग्री पाकिस्तान की है, वे यहां प्रैक्टिस नहीं कर सकते। उनके बच्चों को स्कूलों में दाखिला नहीं मिल सकता। गरीब हैं, पर आयुष्मान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे।
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JP Nadda targets Congress over CAA in Agra
नागरिकता कानून समर्थन रैली में भाजपाई - फोटो : अमर उजाला
'पाकिस्तान में 23 फीसदी से तीन फीसदी रह गए अल्पसंख्यक' 
नड्डा ने कहा कि 1947 में जब देश आजाद हुआ तो पाकिस्तान में 23 फीसदी अल्पसंख्यक (हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध) थे, आज इनकी संख्या तीन फीसदी रह गई। इसी तरह जो बांग्लादेश बना, उस क्षेत्र में 1947 में 30 फीसदी अल्पसंख्यक थे, आज सात फीसदी रह गए। आखिर इन दोनों देशों से हिंदू, सिख, ईसाई और बौद्ध कहां गए। नड्डा ने कहा कि इन लोगों ने प्रताड़ना सहन की, बहन, बेटियों की आबरू बचाने के लिए भारत में शरण ली।
 
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JP Nadda targets Congress over CAA in Agra
भाजपा की रैली में भीड़ - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि 1947 में आजादी के समय लियाकत अली-नेहरू पैक्ट हुआ था। उसके अनुसार पाकिस्तान से आए मुस्लिमों की रक्षा भारत को और पाकिस्तान में रह गए हिंदू, ईसाई, सिख और बौद्धों की रक्षा पाकिस्तान को करनी थी। भारत में संविधान लागू हुआ, हमने अपना वादा निभाया लेकिन पाकिस्तान इस्लामिक स्टेट बन गया। बाद में उसमें से बांग्लादेश बना तो वह भी इस्लामिक स्टेट बना। उन्होंने कहा कि देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ। उस समय जो नरसंहार हुआ, वह 20वीं सदीं का सबसे जघन्य नरसंहार था।
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