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तस्वीरें: ब्रज से जीतकर ये नेता पहुंचे संसद, छह सीटों पर जानिए किसकी चमकी थी 'किस्मत'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 23 May 2019 07:07 AM IST
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Hema Malini
कान्हा की नगरी में 'सपनों की नगरी' से आई एक अभिनेत्री को संसद भेजा। पहली बार राजनीति में कदम रखने वाली हेमा मालिनी को जाटलैंड में भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवार बनाया। मथुरा में हेमामालिनी को 2014 में 5,74633 वोट मिले थे जबकि रालोद से जयंत चौधरी 2,43890 मत प्राप्त कर सके। इससे पहले 2009 के चुनाव में रालोद के जयंत चौधरी ने यहां से जीत हासिल की थी। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने पांच बार जीत दर्ज की है।
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राम शंकर कठेरिया
सुरक्षित सीट आगरा लोकसभा से भारतीय जनता पार्टी ने पांच बार जीत दर्ज की है। वहीं दो बार समाजवादी पार्टी की टिकट से राजबब्बर ने जीत का परचम फहराया है। 1999 से 2004 तक राजबब्बर को आगरा की जनता ने दो बार संसद भेजा। 1991 से 1998 तक भारतीय जनता पार्टी के भगवान शंकर रावत ने जीत की हैट्रिक लगाई थी। वहीं 2009 और 2014 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से प्रो.रामशंकर कठेरिया ने चुनाव जीता।
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चौधरी बाबूलाल
परिसीमन के बाद पहली बार 2009 में अस्तित्व में आई फतेहपुरसीकरी सीट पर पहला चुनाव बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी ने जीता। इस सीट से बसपा की टिकट पर सीमा उपाध्याय ने कांग्रेस के दिग्गज नेता राजबब्बर को हराकर सभी को चौंका दिया था। राजबब्बर को इस चुनाव में 1,99,530 वोट मिले। जबकि सीमा उपाध्याय को 2,09,466 मत प्राप्त हुए। वहीं मोदी लहर में हुए 2014 के चुनाव में यहां भाजपा के चौधरी बाबूलाल ने बड़ी जीत दर्ज की। बाबूलाल ने 4,26,589 मत प्राप्त करते हुए सीमा उपाध्याय को हराया। इस चुनाव में 2,53,483 मत लेकर सीमा उपाध्याय दूसरे स्थान पर थीं। वहीं अमर सिंह को महज 24,185 मत प्राप्त हुए थे।
अक्षय यादव
- फोटो : amar ujala
फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने 1999 में अपना कब्जा जमाया था। लेकिन, 2009 के उपचुनाव में राजबब्बर ने यहां समाजवादी पार्टी को पटखनी दी। इससे पहले 1991 से 1998 तक भारतीय जनता पार्टी के प्रभुदयाल कठेरिया इस सीट पर सांसद रहे। 2014 लोकसभा चुनाव में इस सीट से समाजवादी पार्टी से अक्षय यादव सबसे कम उम्र के सांसद बनकर संसद गए। अक्षय ने 5,34,583 मत प्राप्त किए जबकि भाजपा के प्रो.एसपी सिंह बघेल ने 4,20,524 मत प्राप्त किए। 2009 के उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी के राजबब्बर ने 3,12,728 मत प्राप्त कर जीत हासिल की वहीं समाजवादी पार्टी से डिंपल यादव को 2,27,385 मत प्राप्त हुए थे।
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सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
मैनपुरी लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा है। 1996 से लेकर अब तक ये सीट समाजवादी पार्टी के पास रही है। इस सीट पर चार बार मुलायम सिंह यादव ने चुनाव लड़ा। एक बार धर्मेंद्र यादव भी संसद गए। 2014 के उपचुनाव में मुलायम सिंह ने ये सीट छोड़ी। इसके बाद तेजप्रताप सिंह को यहां से सपा ने टिकट दिया। मुलायम के पौत्र ने इस सीट पर बड़ी जीत हासिल की। इस उपचुनाव में तेज प्रताप सिंह यादव को 6,53,786 और भाजपा के प्रेम सिंह शाक्य को 3,32,537 मत प्राप्त हुए थे।