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UP: दबे पांव आई मौत... नींद में ही छीन ले गई मासूम बहनों की जिंदगी; दीपक बोले- बहन को क्या जवाब दूंगा
Mon, 16 Jun 2025 03:22 PM IST
शाहरुख खान
अम्बर अग्निहोत्री, अमर उजाला, मथुरा
अम्बर अग्निहोत्री, अमर उजाला, मथुरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 16 Jun 2025 03:22 PM IST
सार
Mathura House Collapse: मथुरा के गोविंदनगर थाना इलाके में कच्ची सड़क स्थित सिद्ध बाबा मंदिर के पास रविवार सुबह माया टीला काटकर दीवार बनाए जाने के चलते बड़ा हादसा हो गया। 70 फुट ऊंचा टीला ढहने के साथ ही टीले पर बने छह मकान भी जमींदोज हो गए।
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mathura building collapse
- फोटो : अमर उजाला
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Maya Teela Accident In Mathura: मथुरा में माया टीला और उस पर बने मकान ढहने से हुए हादसे में मामा के घर आईं दो मासूम बहनों की जान चली गई। नींद के आगोश से मौत ने एक ही झपट्टे में उन्हें अपने आगोश में ले लिया। बेटियों की मौत पर माता और पिता बिलख रहे हैं। उन्हें यही अफसोस है कि अगर बेटियां घूमने अपने ननिहाल न आतीं तो शायद उनकी जान बच जाती।
मथुरा में बड़ा हादसा, छह मकान ढहे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'दोनों भांजी दोबारा कभी नहीं उठेंगी'
दीपक को क्या पता था कि अब उसकी दोनों भांजी दोबारा कभी नहीं उठेंगी। दोपहर 12 बजे हादसे के बाद दो घंटे तक दोनों बहनें मकान के मलबे में दबी रहीं। दोपहर दो बजे के करीब उन्हें पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम ने दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक जिंदगी हार गई और मौत जीत गई थी। बेटियों की मां सीमा और पिता मोहन का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों को इसी बात का अफसोस है कि अगर बेटियां घूमने न आतीं तो शायद यह हादसा नहीं होता।
दीपक को क्या पता था कि अब उसकी दोनों भांजी दोबारा कभी नहीं उठेंगी। दोपहर 12 बजे हादसे के बाद दो घंटे तक दोनों बहनें मकान के मलबे में दबी रहीं। दोपहर दो बजे के करीब उन्हें पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम ने दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक जिंदगी हार गई और मौत जीत गई थी। बेटियों की मां सीमा और पिता मोहन का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों को इसी बात का अफसोस है कि अगर बेटियां घूमने न आतीं तो शायद यह हादसा नहीं होता।
मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दीपक बोले बहन को क्या जवाब दूंगा
मामा दीपक दोनों बेटियों की मौत से सदमे में हैं। वह बार-बार एक ही बात कह रहे हैं कि अब बहन को क्या जवाब दूंगा, उसकी बेटियां कहां से वापस करूंगा। लोग उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
मामा दीपक दोनों बेटियों की मौत से सदमे में हैं। वह बार-बार एक ही बात कह रहे हैं कि अब बहन को क्या जवाब दूंगा, उसकी बेटियां कहां से वापस करूंगा। लोग उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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मथुरा में बड़ा हादसा, छह मकान ढहे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मलबे में मिला चांदी से भरा थैला
पीड़िता ललिता का कहना है कि हादसे में उनके मकान का एक हिस्सा भी ढह गया है। उनके घर में करीब 30 हजार रुपये और चांदी से भरा एक थैला रखा था। वह भी मलबे में दब गया है। हालांकि बचाव कार्य के दौरान टीम ने एक चांदी से भरा थैला भी बरामद किया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह थैला उन्हीं का है या किसी और का। फिलहाल यह जांच के बाद भी स्पष्ट हो सकेगा।
पीड़िता ललिता का कहना है कि हादसे में उनके मकान का एक हिस्सा भी ढह गया है। उनके घर में करीब 30 हजार रुपये और चांदी से भरा एक थैला रखा था। वह भी मलबे में दब गया है। हालांकि बचाव कार्य के दौरान टीम ने एक चांदी से भरा थैला भी बरामद किया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह थैला उन्हीं का है या किसी और का। फिलहाल यह जांच के बाद भी स्पष्ट हो सकेगा।
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मृतक बच्ची काजल का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ लोग पहले ही छोड़ गए थे मकान
प्लॉट की बाउंड्री निर्माण से पहले टीले पर रहने वाले कुछ लोग जान की सुरक्षा के लिए अपने-अपने मकानों को छोड़कर वहां से चले गए थे। इससे बड़ी जनहानि होने से बची है। वर्तमान में कुछ ही लोग वहां रह रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वर्तमान में कुछ लोग किराये के माकन में भी रह रहे थे।
प्लॉट की बाउंड्री निर्माण से पहले टीले पर रहने वाले कुछ लोग जान की सुरक्षा के लिए अपने-अपने मकानों को छोड़कर वहां से चले गए थे। इससे बड़ी जनहानि होने से बची है। वर्तमान में कुछ ही लोग वहां रह रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वर्तमान में कुछ लोग किराये के माकन में भी रह रहे थे।