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बेटे ने देखा 'मिसाइल' बनाने का सपना, साकार करने को मां ने बेच दी पुरखों की जमीन

लोकेंद्र नरवार, अमर उजाला, नौहझील (मथुरा) Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 22 Oct 2019 01:32 PM IST
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Model Of Missile Made By Intermediate Student In Mathura
मिसाइल मॉडल के साथ गौतम चौधरी - फोटो : अमर उजाला
देश की सीमाओं को दुश्मन से सुरक्षित करने के लिए मिसाइल बनाने का जुनून लेकर चल रहे गौतम चौधरी ने इसका मॉडल तैयार कर लिया है। गौतम का दावा है कि इस मॉडल पर काम किया जाए तो अब तक की सभी मिसाइलों की क्षमता को पीछे छोड़ सकती है। बेटे के इस सपने को साकार करने में जुटी उसकी मां कुंती देवी ने अपनी पुरखों की जमीन को बेच दिया।
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मिसाइल मॉडल बनाने वाला गौतम और उसकी मां - फोटो : अमर उजाला
नौहझील के गांव जटपुरा निवासी कुंती देवी के बेटे गौतम चौधरी को पढ़ाई के साथ साल 2015 में मिसाइल बनाने का जुनून सवार हुआ और फिर वो इसे पूरा करने में जुट गया। तीन साल तक विभिन्न विशेषज्ञों की सहायता से उसने मिसाइल का मॉडल तैयार किया है। 
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मिसाइल मॉडल - फोटो : अमर उजाला
गौतम चौधरी का कहना है कि उसने एक ऐसी मिसाइल का मॉडल तैयार कर लिया है, जो देश की जरूरत में निर्णायक बनेगी। इस मॉडल पर तैयार होने वाली मिसाइल एक साथ कई निशाने साध सकेगी। इससे 10 स्थानों पर हमला किया जा सकता है। इसमें सॉलिड बूस्टर और जेट जैसे दो इंजन हैं। गौतम के अनुसार वर्तमान में इसका वजन 35 से 40 किलोग्राम है। गौतम बताते हैं अब तक इस पर 22 लाख रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके  हैं। इसके लिए उसकी मां कुंती देवी ने अपनी पुरखों की जमीन बेच दी। चार लाख रुपये साहूकार से कर्ज भी लिया है।
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मिसाइल मॉडल बनाने वाला गौतम - फोटो : अमर उजाला
गौतम का कहना है कि इसे तैयार करने के लिए उसने आईआईटी की कोचिंग भी की है। इसमें लेजर मशीन, एंटीना, आरडीनो का भी प्रयोग किया गया है। गौतम ने बताया कि उसने इंटर तक की पढ़ाई की है। वर्तमान में वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
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मिसाइल मॉडल बनाने वाले गौरव के घर लगे विभिन्न उपकरण - फोटो : अमर उजाला
एक सैन्य विशेषज्ञ ने बताया कि पीएमओ, स्टार्ट अप व मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत या फिर डीआरडीओ व इसरो के माध्यम से उसका परीक्षण कराया जा सकता है। यदि मॉडल सही और उपयोगी लगा तो डीआरडीओ व इसरो इसे अपने कार्यक्रम में शामिल कर सकता है।
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