मेरा पास सुबह चार बजे अस्पताल से फोन आया, ऑक्सीजन खत्म हो गई है... मरीज को ले जाइए या सिलिंडर का इंतजाम करिए। फतेहाबाद से सिलिंडर लेकर शाम तीन बजे अस्पताल पहुंचे। उस समय वहां बहुत अफरातफरी मची थी। लोग रो रहे थे। चीख रहे थे। हमने अपने मरीज से मिलने के लिए कहा तो स्टाफ ने पीपीई किट लाने को बोल दिया। पीपीई किट लेकर आए तो स्टाफ ने मरीज से मिलाने से मना कर दिया। रात आठ बजे हमें बताया कि तुम्हारा मरीज नहीं रहा। ये बयान मंगलवार को मालवीय कुंज निवासी गीतिमा ग्रोवर ने एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी को दर्ज कराया है। श्री पारस अस्पताल की दमघोंटू मॉकड्रिल मामले की जांच में मंगलवार को दूसरे दिन तीन मृतकों के परिजनों ने बयान दर्ज कराए हैं। सुबह 11 बजे गीतिमा ग्रोवर ने सबसे पहले बयान दर्ज कराए।
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श्री पारस अस्पताल प्रकरण: छह मृतकों के परिजनों ने बताया भयावह दिन का सच, ऑक्सीजन खत्म हो गई मरीज ले जाइए...
Wed, 16 Jun 2021 12:55 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 16 Jun 2021 12:55 PM IST
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श्री पारस अस्पताल में जांच के लिए आए अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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श्री पारस अस्पताल आगरा
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एडीएम सिटी को बताया कि मेरी 61 वर्षीय ननद गुदड़ी मंसूर खां स्थित जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाचार्या थीं। नौ अप्रैल को चुनाव ड्यूटी की ट्रेनिंग के बाद उन्हें बुखार आया था। सांस लेने में दिक्कत होने पर 21 अप्रैल को उन्हें श्री पारस अस्पताल में भर्ती कराया था। उनकी स्थिति गंभीर नहीं थी। रोज वीडियो कॉल से बात होती थी। 25 अप्रैल को दोपहर में उन्होंने वीडियो कॉल से बात की। उन्होंने कहा था कि यहां पीने को पानी नहीं देते। मेरा पेट फूल रहा है। मुझे यहां से ले चलो...। 26 को सुबह चार बजे अचानक अस्पताल से फोन आया।ऑक्सीजन सिलिंडर लाने को कहा। शाम तीन बजे सिलिंडर दिया। रात आठ बजे उनकी मृत्यु हो गई। गीतिमा ने कहा मेरी ननद की मृत्यु अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से हुई है। एडीएम सिटी ने पूछा, आप क्या कार्रवाई चाहती है तो जवाब में गीतिमा ने कहा, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। गीतिमा ने बताया कि मॉकड्रिल की घटना 100 फीसदी सच है।
श्री पारस अस्पताल: सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
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भर्थना निवासी रिंकू उर्फ रजनीश यादव की 27 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल में मौत हो गई। उनके साले राजू यादव ने बयान दर्ज कराए। उन्होंने एडीएम सिटी को बताया कि मैं अस्पताल के बाहर खड़ा था। दोपहर एक बज रहे थे। अस्पताल में ऑक्सीजन के लिए अफरातफरी थी। उन्होंने बहनोई की मौत के लिए चिकित्सक को जिम्मेदार ठहराया है।
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शिकायतकर्ता सौरभ और श्री पारस अस्पताल
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तीसरा बयान सौरभ अग्रवाल का दर्ज हुआ। उनकी पत्नी राधिका अग्रवाल की 27 अप्रैल को मृत्यु हुई थी। सौरभ ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन कमी से पत्नी की जान गई।
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श्री पारस अस्पताल: मुख्य दरवाजे पर तैनात पुलिसकर्मी
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एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि सात शिकायत आई थीं जिनमें आठ मरीजों की मौत का जिक्र था। छह लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। पश्चिमपुरी निवासी लक्ष्मी नारायण के बयान भी दर्ज होंगे।
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