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मैली यमुना, सड़कों के गड्ढे व पीने को गंदा पानी- ये भी देख लीजिए प्रधानमंत्रीजी!
Mon, 09 Sep 2019 12:10 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 09 Sep 2019 12:10 AM IST
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PM Modi
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 सितंबर को मथुरा आ रहे हैं। ऐसे में मथुरा-वृंदावन वासी चाहते हैं कि काश पीएम भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली का हाल भी जरा करीब से देख लें। यहां यमुना मैली है। सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। यहां तक कि घरों तक पहुंच रहा पीने का पानी पीने योग्य नहीं है। इन हालातों से हर साल वह श्रद्धालु भी रूबरू होते हैं जो भगवान के दर्शनों को आते हैं।
सड़कों पर गड्ढे और भरा हुआ गंदा पानी
- फोटो : अमर उजाला
धर्म और आस्था की भूमि मथुरा-वृंदावन के लोग प्रधानमंत्री के आगमन से बहुत सी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। इनकी भावना है कि प्रधानमंत्री एक नजर योगीराज श्रीकृष्ण की जन्म और लीला भूमि की हालत पर भी डाल लें। भले ही भाजपा के लिए अयोध्या, काशी और मथुरा प्रमुख धार्मिक एजेंडे का हिस्सा हों, लेकिन केंद्र, राज्य और नगर निगम पर भाजपा का शासन होने के बावजूद यहां कुछ भी नहीं बदला है। राज्य सरकार में दो कैबिनेट मंत्रियों का प्रतिनिधित्व और संसद में अभिनेत्री हेमामालिनी जैसा व्यक्तित्व मथुरा का प्रतिनिधित्व कर रहा है, फिर भी स्थितियों को लेकर मथुरावासी निराश हैं।
मथुरा निवासियों ने बताईं समस्याएं
- फोटो : अमर उजाला
जिला क्रिकेट संघ के सचिव कमल चावला कहते हैं कि मथुरा हेरिटेज शहरों में शामिल है, लेकिन हेरिटेज जैसा यहां कुछ भी नहीं है। बाहर से आने वालों को लगता ही नहीं है कि ये भगवान श्रीकृष्ण की नगरी है। न सफाई है, न सड़के अच्छी हैं। सीए अभिषेक गर्ग का भी मानना है कि पर्यटन विकास की संभावनाएं मथुरा-वृंदावन में बहुत ज्यादा हैं, लेकिन सुविधाओं का अभाव इन संभावनाओं पर पानी फेर रहा है। श्रीजी मंदिर गताश्रम टीला निवासी भोला बाबा कहते हैं कि धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र यमुना का ही बुरा हाल है। शहर के नाले इसी यमुना में वर्षभर गिरते हैं। बरसात को छोड़ तो यमुना मथुरा में आचमन योग्य नहीं रही है। अभिषेक अग्रवाल का मानना है कि यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है, लेकिन सुविधाओं का अभाव भी निरंतर बढ़ रहा है।
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डॉ. कुलदीप भार्गव
- फोटो : अमर उजाला
किशोरी रमण डिग्री कालेज के प्राचार्य डॉ. कुलदीप भार्गव का कहना है कि मथुरा को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने की आवश्यकता है। यह संभावना यहां के लोगों को अपार रोजगार दिला सकती है। शहर को सुंदर बनाने बनाया जा सकता है।
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यमुना में मिलता मसानी नाला
- फोटो : अमर उजाला
देश के हेरिटेज शहरों की दशा बदलने के लिए क्रियान्वित की गई हेरिटेज सिटी योजना मथुरा में दम तोड़ गई है। तीन साल के बाद भी इस योजना का एक भी प्रोजेक्ट मथुरा में पूरा नहीं हो सका है। यही कारण है कि देश के 12 शहरों में क्रियान्वित हेरिटेज सिटी योजना की प्रगति में मथुरा सबसे पीछे है। कुछ ऐसा ही हाल इससे पूर्व जेनर्म योजना का मथुरा में हुआ था।