आगरा श्री पारस अस्पताल में हुए मॉकड्रिल व 22 मरीजों की मौत मामले में सोमवार को तीन मृतकों के परिजनों ने एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए हैं। जीवनी मंडी निवासी अशोक चावला ने मॉकड्रिल की घटना व वीडियो को सत्य बताते हुए चिकित्सक पर भर्ती मरीजों का नसंहार करने का बयान दिया है। मृतक आशा देवी की पुत्री प्रियंका ने भी बयान दर्ज कराते हुए चिकित्सक के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि सात मृतकों के परिजनों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। सोमवार को तीन मृतकों के परिजन आए हैं। जिनमें दो के बयान दर्ज हो सके। एडीएम सिटी ने बताया कि अशोक चावला व प्रियंका के बयान दर्ज हुए हैं। बाकी लोगों के बयान मंगलवार को दर्ज होंगे। पिता वासुदेव चावला और छोटे भाई की बहू मनीषा चावला की श्री पारस अस्पताल में 26 अप्रैल को मृत्यु हो गई। दोनों मृतकों की तरफ से अशोक चावला ने शिकायत दर्ज कराई थी।
श्री पारस अस्पताल प्रकरण: पीड़ित बोले-अस्पताल में हुआ नरसंहार, शादी की वर्षगांठ पर ऑक्सीजन की कमी ने छीना था सुहाग
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अशोक चावला ने बताया कि 28 अप्रैल को जो वीडियो सामने आया है वह पूरी तरह सत्य है। 26 अप्रैल की सुबह हॉस्पिटल में गंभीर मरीजों की ऑक्सीजन बंद कर नरसंहार किया गया। उन्होंने कहा, अस्पताल ने हमसे सिलिंडर मंगाए। अशोक चावला ने बताया कि पिता का इलाज कोरोना गाइडलाइन के तहत किया गया था। सात रेमेडिसिविर इंजेक्शन लगाए थे। परंतु पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र पर कोविड नहीं लिख गया। जबकि कोरोना संक्रमण से उनके पूरे फेफड़े खराब हो गए थे। वहीं, मेरे छोटे भाई की बहू नेगेटिव थी, उसके प्रमाण पत्र पर कोविड लिखा है। अस्पताल की तरफ से जारी सात कोविड मृतकों की सूची में मनीषा का नाम शामिल नहीं हैं।
वहीं प्रियंका ने मां मुन्नी देवी की मौत के लिए श्री पारस अस्पताल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, अस्पताल में मेरी मां को ऑक्सीजन नहीं मिली। जिससे उनकी मृत्यु हो गई। मैनपुर बेवर निवासी क्षितिज भी बयान दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन उनके बयान दर्ज नहीं हो सके। एडीएम सिटी ने बताया कि मंगलवार को बाकी परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। एसएन मेडिकल कॉलेज के चार चिकित्सकों की टीम श्री पारस अस्पताल में हुई मौतों का डेथ ऑडिट कर रही है। मृतकों की बीएचटी से संदिग्धों मृतकों का ब्योरा मिला है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि दो-तीन दिन में रिपोर्ट आ जाएगी।
27 अप्रैल को श्वेता की शादी की वर्षगांठ थी, उसी दिन उनकी जिंदगी बेरंग हो गई। श्री पारस अस्पताल में भर्ती उनके पति रजनीश यादव की ऑक्सीजन की कमी से 27 अप्रैल को मौत हो गई। श्वेता के भाई ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, एसएसपी व मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत दर्ज कराई है। श्री पारस अस्पताल में 26 अप्रैल को 22 मरीजों पर दमघोंटू मॉकड्रिल का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में चिकित्सक डॉ. अरिन्जय जैन उस दिन का घटनाक्रम बयान कर रहे हैं। अस्पताल में 96 मरीज भर्ती थे। इनमें भर्तना के पास नगला महान निवासी 30 वर्षीय रिंकू उर्फ रजनीश यादव भी शामिल थे। 27 अप्रैल की सुबह रजनीश की मौत हो गई। उस दिन को याद कर 26 वर्षीय श्वेता सहम जाती हैं। उनकी गोद में तीन साल का बेटा है। 70 वर्षीय श्वसुर लकवाग्रस्त हैं। सास और ननद हैं। घर में रजनीश इकलौता लड़का था। वह परिवार को संभालते थे।
शिकायत वापस लेने का डाल रहे दवाब
श्वेता के भाई राजू ने बताया कि श्री पारस अस्पताल के विरुद्ध शिकायत करने पर अब उन्हें धमकियां मिल रही हैं। रोज नए-नए लोग फोन करते हैं। मिलने बुला रहे हैं। पता पूछते हैं। शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी बहन को अगर न्याय नहीं मिला तो मुझे कोई बड़ा कदम उठाना पड़ेगा। जिसके लिए पुलिस व प्रशासन जिम्मेदार होगा।