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Agra: आकाशीय बिजली गिरने से शहीद सैनिक के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा आंसुओं का सैलाब, भारत माता के जयकारों से गूंजी गलियां

Mon, 13 Jun 2022 01:12 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 13 Jun 2022 01:12 PM IST
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Soldiers martyred by lightning Funeral Today In Agra
शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला

बारामूला गुलमर्ग में एलएसी पर तैनाती के दौरान बिजली गिरने से बाह के रहने वाले सैनिक की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।  रविवार दोपहर बाद सैनिक का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीषण गर्मी भी शहीद की अंतिम यात्रा में पहुंचने से लोगों को नहीं रोक सकी। गांव में शहीद हुए सैनिक का पार्थिव शरीर पहुंचते ही सबकी आंखें नम हो गईं। घर की छत चहारदीवारी और सड़कों पर भारी संख्या में भीड़ शहीद का एक झलक पाने के लिए बेताब रही। घर से सेना के जवान शहीद के पार्थिव शरीर को अंत्येष्टि स्थल तक तिरंगा यात्रा के साथ ले गए। इससे पहले जिलाधिकारी आगरा द्वारा श्रीनगर में आकाशीय बिजली गिरने से शहीद हुए जवान लोकेंद्र सिंह तोमर के पार्थिव शरीर को मिलिट्री हॉस्पिटल आगरा में पुष्प अर्पित करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

Soldiers martyred by lightning Funeral Today In Agra
सैनिक का पार्थिव शरीर ले जाते हुए - फोटो : अमर उजाला

कश्मीर के गुलमर्ग (बारामूला) में तैनात भदरौली के लाल लोकेंद्र सिंह तोमर (32) की एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पर बिजली गिरने से जान चली गई। 18 राजपूताना राइफल्स के जवान का रविवार दोपहर बाद सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 

Soldiers martyred by lightning Funeral Today In Agra
भारत माता के गूंजे जयकारे - फोटो : अमर उजाला

भदरौली के किसान महाराज सिंह तोमर और कंबोदी देवी के पुत्र लोकेंद्र सिंह वर्ष 2011 में भर्ती हुए थे। वर्ष 2015 में जरार की ललिता से उनकी शादी हुई। वर्तमान में 18 राजपूताना राइफल्स की यूनिट के साथ गुलमर्ग (बारामूला) में एलएसी पर तैनात थे। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार देर रात बिजली गिरने से लोकेंद्र झुलस गए। उपचार के दौरान उनकी सांसें थम गईं।

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Soldiers martyred by lightning Funeral Today In Agra
तिरंगे के साथ दी गई विदाई - फोटो : अमर उजाला

लोकेंद्र का सात साल पहले जरार की ललिता से विवाह हुआ था। उनके दो बच्चे अभी (4) और अर्पिता (2) हैं। हादसे के वक्त बच्चों के साथ ललिता आगरा में थी। परिजनों ने उसे अभी घटना की जानकारी नहीं दी है। जबकि मां कंबोदी देवी भदरौली में थी। वह भी बेटे की जान जान से अनजान थीं।

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जवान के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

करीब ढाई माह पहले छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर पहुंचे लोकेंद्र से पिता महाराज सिंह की बात हुई थी। बेटे ने बताया था कि एलएसी पर पोस्टिंग है। इस पर उन्होंने कहा था कि बेटे डटकर लड़ना। यह बताते हुए महाराज सिंह की आंखों में गर्व और गौरव के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि बेटे को खोने का गम है पर उसकी कुर्बानी पर गर्व है। समाजसेवी ध्रुव शर्मा ने बताया कि लोकेंद्र में देश भक्ति का जुनून था।

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