फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Coding Master: 11 साल की उम्र में बनाए 10 एप, मिल चुके हैं 150 अवार्ड, मिलिए आगरा के 'वंडर ब्वॉय' से

Sun, 12 Jun 2022 10:06 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 12 Jun 2022 10:06 AM IST
विज्ञापन
11 year old Coding Master Devansh Dhangar developed 10 mobile apps
एप डेवलपर देवांश धनगर - फोटो : अमर उजाला

बुलंद हौसले और कुछ कर गुजरने का जज्बा एक दिन शिखर पर पहुंचा देता है। यह कहावत आगरा के ब्लॉक बिचपुरी के गांव बरारा के रहने वाले 11 साल के देवांश धनगर पर बिल्कुल सटीक बैठती है। कोडिंग मास्टर के नाम से मशहूर देवांश शिखर पर पहुंचने के लिए बेताब है। 11 साल की उम्र में देवांश अब तक 10 एप तैयार कर चुके हैं। उनकी उम्र से दोगुने बड़े उनके शिष्य हैं। 



150 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान और पुरस्कार पा चुके देवांश पांच सौ से ज्यादा बच्चों को निशुल्क कोडिंग सिखा चुके हैं। इसके लिए 21 जुलाई 2021 को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह खुशियारी ने मुंबई में बाल गौरव सम्मान से नवाजा। देवांश के छात्र उन्हें कोडिंग किंग के नाम से भी बुलाते हैं। उन्हें इस बात का अफसोस है कि कोरोना के कारण नौंवी कक्षा के आधार पर दसवीं के अंक प्रदान किए गए। देवांश को उम्मीद थी कि वह परीक्षा देते तो वह 95 प्रतिशत से ऊपर अंक अर्जित करते। इस साल वह इंटर की परीक्षा देंगे।

11 year old Coding Master Devansh Dhangar developed 10 mobile apps
एप डेवलपर देवांश धनगर - फोटो : अमर उजाला

कक्षा आठ तक नहीं गए स्कूल 

देवांश ने बताया कि उसके पिता लाखन सिंह मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) किए हुए हैं। कोडिंग के बारे में उनसे जाना था। मैंने कक्षा आठ तक की पढ़ाई घर पर रहकर की। सीधे नौंवी कक्षा में प्रवेश लिया। मेरा मकसद देश के लिए काम करना है। हमेशा कोडिंग को लेकर ही सोचता रहता हूं। मैं चाहता हूं कि कुछ ऐसा करूं जो दुनिया में मिसाल बने। 

11 year old Coding Master Devansh Dhangar developed 10 mobile apps
देवांश के माता-पिता - फोटो : अमर उजाला

पढ़ाई का रहता है जुनून: लाखन सिंह 

देवांश धनगर के पिता लाखन सिंह किसान और शिक्षक हैं। उनकी मां जया बघेल गृहिणी हैं। लाखन सिंह ने बताया कि तहसील से घर में पढ़ाई करने का शपथपत्र बनवाकर आरके इंटर कॉलेज, अलबतिया में कक्षा नौ में प्रवेश के लिए टेस्ट दिलाया था। वह एबेकस में भी काफी माहिर है। उसके कई एबेकस के भी विद्यार्थी हैं। उसे पढ़ाई और दुनिया में हर रोज हो रहे परिवर्तन और समाचारों की जानकारी लेने की आदत है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
11 year old Coding Master Devansh Dhangar developed 10 mobile apps
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

क्या होता है कोडिंग 

कोडिंग को प्रोग्रामिंग के रूप में भी जाना जाता है। कंप्यूटर पर जो कुछ भी हम करते हैं, वो सारा काम इसी के जरिये होता है। कोडिंग के माध्यम से ही कंप्यूटर को बताया जाता है कि उसे क्या करना है। इसका मतलब कंप्यूटर जिस भाषा को समझता है, उसे कोडिंग कहा जाता है। देवांश कहते हैं कि अगर किसी को कोडिंग की भाषा आती है तो आसानी से वेबसाइट और एप बना सकते हैं। 
 
विज्ञापन
11 year old Coding Master Devansh Dhangar developed 10 mobile apps
देवांश धनगर - फोटो : अमर उजाला

उपलब्धियां:

  • जॉकी बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड 
  • कोडिंग के लिए बेस्ट मेंटर अवार्ड 
  • इंटरनेशनल आइडियल अवार्ड
  • जीरो माइल आइकॉन अवार्ड 
  • प्राइड ऑफ नेशनल अवार्ड
  • कलाम सपार्किंग डायमंड अवार्ड
  • बेस्ट टीचर अवार्ड
  • बाल गौरव अवार्ड 
  • भारत मत अभिनंदन सम्मान 

देवांश के निर्देशन में तैयार किए गए एप

  • एक्सट्रा एजूकेशन एप 
  • जनरल नॉलिज एप
  • हॉरर स्टोरी एप 
  • इंग्लिश ग्रामर एप 
  • वोक्युलेबरी एप 
  • फनी जोक्स एप
  • जॉमेट्री केलकुलेश एप
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed