{"_id":"6885bd85852f308c1d0e0431","slug":"up-conversion-gang-girls-were-trapped-on-pretext-of-helping-them-2025-07-27","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"UP: 'पिता ने रुपये नहीं भेजे तो...', धर्मांतरण का घिनाैना खेल, ऐसे उठाया मजबूरी का फायदा; युवतियों का दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: 'पिता ने रुपये नहीं भेजे तो...', धर्मांतरण का घिनाैना खेल, ऐसे उठाया मजबूरी का फायदा; युवतियों का दर्द
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 27 Jul 2025 04:41 PM IST
सार
धर्मांतरण गिरोह से पूछताछ के बाद पुलिस ने कई चाैंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार धर्मांतरण गिरोह के निशाने पर हर वर्ग के लोग रहते हैं। वह उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर धर्मांतरण के जाल में फंसाते हैं।
16 से 25 साल की उम्र, आर्थिक रूप से कमजोरी, परिवार का साथ न मिलना और नौकरी की जरूरत...। अवैध कराने वाले गिरोह के निशाने पर जरूरतमंद से लेकर परेशान, उच्च शिक्षित से लेकर मजदूर वर्ग तक के लोग थे। उन्हें कहीं न कहीं मदद का भरोसा देकर जाल में फंसा लिया जाता था। फिर हिंदू धर्म के बारे में भड़काया जाता था।
Trending Videos
2 of 6
आगरा धर्मांतरण कांड।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि गिरोह में छह लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पूर्व में अपना धर्म परिवर्तन किया था। इसके बाद वह अन्य लोगों का भी धर्म परिवर्तन करा रहे थे। मुक्त कराई सात युवतियों से पुलिस ने पूछताछ की। एक युवती ऐसी थी, जिसने बताया कि वो पढ़ाई करने घर से बाहर गई थी। एग्जाम पास करने के बाद प्रवेश तो मिल गया, मगर अन्य खर्चों के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 6
आगरा धर्मांतरण केस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता के पास दो बीघा ही जमीन थी। इससे घर का खर्च मुश्किल से चल पाता था। बेटी की पढ़ाई के लिए वह पैसा नहीं भेज पा रहे थे। एक महीने के बाद उन्होंने खर्च के लिए रकम भेजना बंद कर दिया। इससे युवती को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तभी वह गिरोह के संपर्क में आ गई। उसे मदद दी जाने लगी। इससे उसे उनके धर्म में विश्वास होने लगा। वह जाल में फंस गई। इसी तरह बरेली और देहरादून की युवतियां भी गिरोह के संपर्क में आई थीं।
4 of 6
Illegal conversion
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस तरह से ही गिरोह के निशाने पर कम उम्र के युवक-युवतियां रहते थे। जिनकी कोई न कोई मजबूरी होती। गिरोह के सक्रिय सदस्य इन लोगों को अपनी बातों में फंसा लेते। ग्रुपों में जोड़कर मुस्लिम धर्म का प्रचार करते। कश्मीर भी ले जाते। मजदूरी और सफाई कार्य से जुड़े लोग जल्दी उनकी बातों में आ जाते हैं। पैसा मिलने की वजह से आसानी से धर्म परिवर्तन कर लेते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
धर्मांतरण के आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
16 साल की उम्र में जिन लोगों को फंसाया जाता है, उनके बालिग होने का इंतजार किया जाता है। इसके बाद ही घर छोड़ने के लिए बोला जाता है। इस बात की भनक उनके परिजन को भी नहीं लगने दी जाती, जिससे एक बार कोई घर छोड़ आए तो वापस नहीं जा सके। उनके परिजन उनको ढूंढ भी न सकें।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।