आगरा जिले में पंचायत चुनाव के परिणामों में नई पौध ने अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कराई है। सैंया के पुसैंता में 24 साल की नीलम, फतेहाबाद के रूपपुर में 26 साल की अनु, पिनाहट के विप्रावली में 25 साल के देवानंद प्रधान निर्वाचित घोषित किए गए हैं। फतेहाबाद के जिला पंचायत वार्ड 43 से महज 23 साल की आरती वर्मा चुनी गई हैं। सूची में और भी कई नाम हैं। पंचायत चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष है।
{"_id":"6090e3468ebc3ecd8b23254d","slug":"up-panchayat-chunav-result-2021-24-year-old-lady-won-gram-panchayat-chunav-in-agra","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव: आगरा में शिक्षित युवाओं के हाथ गांवों की कमान, 24 साल की बिटिया भी बनी प्रधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव: आगरा में शिक्षित युवाओं के हाथ गांवों की कमान, 24 साल की बिटिया भी बनी प्रधान
Wed, 05 May 2021 12:25 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 05 May 2021 12:25 AM IST
विज्ञापन
नव निर्वाचित ग्राम प्रधान नीलम और अनु
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी पंचायत चुनाव रिजल्ट 2021: ग्राम पंचायत पुसैंता से 24 वर्षीय नीलम बनीं प्रधान
- फोटो : अमर उजाला
बाबा से प्रेरणा मिली नीलम को
विकास खंड सैंया की ग्राम पंचायत पुसैंता से 24 वर्षीय और बीकॉम कर चुकी नीलम पुत्री राकेश त्यागी प्रधान चुनी गई हैं। प्रधान बनने से गदगद नीलम ने बताया कि पूर्व में उनके बाबा गांव के प्रधान रहे थे, लेकिन उन्होंने उनकी प्रधान देखी नहीं थी। उनकी ही प्रेरणा से इस बार चुनाव लड़ने का मन बनाया। ताकि वह गांव की समस्याओं को दूर कर सकें। नीलम की अभी शादी नहीं हुई है। उनके पिता राकेश त्यागी अधिवक्ता हैं। बताया कि 236 मत पाकर उन्हें यह जीत हासिल हुई है।
विकास खंड सैंया की ग्राम पंचायत पुसैंता से 24 वर्षीय और बीकॉम कर चुकी नीलम पुत्री राकेश त्यागी प्रधान चुनी गई हैं। प्रधान बनने से गदगद नीलम ने बताया कि पूर्व में उनके बाबा गांव के प्रधान रहे थे, लेकिन उन्होंने उनकी प्रधान देखी नहीं थी। उनकी ही प्रेरणा से इस बार चुनाव लड़ने का मन बनाया। ताकि वह गांव की समस्याओं को दूर कर सकें। नीलम की अभी शादी नहीं हुई है। उनके पिता राकेश त्यागी अधिवक्ता हैं। बताया कि 236 मत पाकर उन्हें यह जीत हासिल हुई है।
ग्राम पंचायत रूपपुर की एमएम पास अनु बनीं प्रधान
- फोटो : अमर उजाला
खेल का मैदान बनवाएंगी अनु
फतेहाबाद की ग्राम पंचायत रूपपुर में 26 वर्षीय अनु प्रधान निर्वाचित हुई हैं। एमए तक पढ़ी अनु ने बताया कि पहली बार चुनाव मैदान में उतरी थीं और गांव की जनता ने उन्हें अपना समर्थन दिया। बताया कि खंड़जा, नाली, आवास के अतिरिक्त ऐसी व्यवस्थाओं को अमल में लाने का प्रयास करेंगी, जिससे गांव का समग्र विकास हो सके। गांव में बच्चों के लिए खेलकूद का मैदान बनवाना और महिलाओं के स्वरोजगार से संबंधित कार्य करना उनकी प्राथमिकता है।
फतेहाबाद की ग्राम पंचायत रूपपुर में 26 वर्षीय अनु प्रधान निर्वाचित हुई हैं। एमए तक पढ़ी अनु ने बताया कि पहली बार चुनाव मैदान में उतरी थीं और गांव की जनता ने उन्हें अपना समर्थन दिया। बताया कि खंड़जा, नाली, आवास के अतिरिक्त ऐसी व्यवस्थाओं को अमल में लाने का प्रयास करेंगी, जिससे गांव का समग्र विकास हो सके। गांव में बच्चों के लिए खेलकूद का मैदान बनवाना और महिलाओं के स्वरोजगार से संबंधित कार्य करना उनकी प्राथमिकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम पंचायत विप्रावली के प्रधान बने देवानंद परिहार
- फोटो : अमर उजाला
सबसे बड़ी ग्राम पंचायत के प्रधान
पिनाहट ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत विप्रावली के प्रधान क्षेत्र के सबसे कम उम्र के देवानंद परिहार (25 वर्ष) चुने गए हैं। पडुआपुरा के रहने वाले और एमए राजनीति शास्त्र से शिक्षित देवानंद ने बताया कि इससे पूर्व में भी प्रधानी का चुनाव लड़े थे। किंतु हार गए थे। इसके बाद भी उन्होंने गांव के लोगों के संपर्क साधे रखा। जिसका परिणाम रहा कि लोगों ने उन पर भरोसा किया।
पिनाहट ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत विप्रावली के प्रधान क्षेत्र के सबसे कम उम्र के देवानंद परिहार (25 वर्ष) चुने गए हैं। पडुआपुरा के रहने वाले और एमए राजनीति शास्त्र से शिक्षित देवानंद ने बताया कि इससे पूर्व में भी प्रधानी का चुनाव लड़े थे। किंतु हार गए थे। इसके बाद भी उन्होंने गांव के लोगों के संपर्क साधे रखा। जिसका परिणाम रहा कि लोगों ने उन पर भरोसा किया।
विज्ञापन
सबसे कम उम्र की जिला पंचायत सदस्य बनीं आरती वर्मा
- फोटो : अमर उजाला
सबसे कम उम्र की जिला पंचायत सदस्य
महज 23 साल की उम्र और बीएससी तक पढ़ी आरती वर्मा फतेहाबाद क्षेत्र के जिला पंचायत वार्ड संख्या 43 से जिला पंचायत सदस्य चुनी गई हैं। संभवत: सबसे कम उम्र की जिला पंचायत सदस्य आरती ने कहा कि वे क्षेत्र के गांवों के विकास के लिए संकल्पित हैं। बताया कि गांवों में अब भी संपर्क मार्ग की समस्या है। इसे ही दूर करना उनकी प्राथामिकता है। आरती वर्मा बसपा समर्थित उम्मीदवार हैं। इन्होंने भाजपा तथा समाजवादी पार्टी के समर्थित प्रत्याशियों को पछाड़कर जीत हासिल की है।
महज 23 साल की उम्र और बीएससी तक पढ़ी आरती वर्मा फतेहाबाद क्षेत्र के जिला पंचायत वार्ड संख्या 43 से जिला पंचायत सदस्य चुनी गई हैं। संभवत: सबसे कम उम्र की जिला पंचायत सदस्य आरती ने कहा कि वे क्षेत्र के गांवों के विकास के लिए संकल्पित हैं। बताया कि गांवों में अब भी संपर्क मार्ग की समस्या है। इसे ही दूर करना उनकी प्राथामिकता है। आरती वर्मा बसपा समर्थित उम्मीदवार हैं। इन्होंने भाजपा तथा समाजवादी पार्टी के समर्थित प्रत्याशियों को पछाड़कर जीत हासिल की है।