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हाथरस में दर्दनाक हादसा: बेटों का भविष्य संवारने निकले थे, खुद जिंदगी हारे; दिल्ली-NCR में काम कर रहे थे दिनेश
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 05 Mar 2026 03:57 PM IST
सार
यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह एक स्लीपर कोच निजी बस ने आगे जा रही ईको कार में टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हो गए। हादसे के शिकार हुए लोग राजाखेड़ा धौलपुर और आगरा के रहने वाले हैं।
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हादसे में क्षतिग्रस्त बस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोजगार की तलाश में 20 साल पहले धौलपुर जिले के राजखेड़ा क्षेत्र के गंगोलियापुरा गांव से दिल्ली पहुंचे दिनेश ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि जिस सफर ने उनके बच्चों का भविष्य संवारा, वही एक दिन उनकी जिंदगी छीन लेगा। तब उनका बड़ा बेटा महज दो साल का था। पत्नी सुनीता और बच्चे को साथ लेकर वे गांव से दिल्ली आए थे। होटल में नौकरी से शुरुआत की। दिन-रात मेहनत की, परिवार का पेट पाला, बच्चों को पढ़ाया और गांव में माता-पिता को भी खर्च भेजते रहे। संघर्ष के साल बीतते गए।
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भाई-भाभी की मौत पर बिलखता संजय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैंसर से भाई की मौत, अब हादसे ने तोड़ा परिवार
दिनेश चार भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर के भाई बच्चू सिंह भी हलवाई का काम करते थे। बच्चू के बेटे दशरथ ने बताया कि कैंसर से जूझ रहे उनके पिता की दो महीने पहले मौत हो गई थी। परिवार शोक में डूबा था। खोटे त्योहार पर उनके ताऊ दिनेश अपनी पत्नी सुनीता के साथ गांव आ रहे थे। रास्ते में हुए हादसे में दोनों की मौत हो गई। एक ही परिवार पर दो महीने में दूसरी बार दुखों का पहाड़ टूटा। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
दिनेश चार भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर के भाई बच्चू सिंह भी हलवाई का काम करते थे। बच्चू के बेटे दशरथ ने बताया कि कैंसर से जूझ रहे उनके पिता की दो महीने पहले मौत हो गई थी। परिवार शोक में डूबा था। खोटे त्योहार पर उनके ताऊ दिनेश अपनी पत्नी सुनीता के साथ गांव आ रहे थे। रास्ते में हुए हादसे में दोनों की मौत हो गई। एक ही परिवार पर दो महीने में दूसरी बार दुखों का पहाड़ टूटा। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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पिंकी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बोर्ड परीक्षा के कारण बेटे नहीं आए थे साथ
मृतक दिनेश के बेटे राहुल और सुमित पढ़ाई और फिर नौकरी के कारण नोएडा में ही रह गए। हादसे की खबर मिलते ही दोनों भाई नोएडा सेक्टर-41 स्थित आगापुर गांव से धौलपुर के लिए रवाना हो गए। अब जिन बेटों का भविष्य संवारने के लिए मां-बाप ने गांव छोड़ा था, वे दोनों अचानक अनाथ हो गए।
मृतक दिनेश के बेटे राहुल और सुमित पढ़ाई और फिर नौकरी के कारण नोएडा में ही रह गए। हादसे की खबर मिलते ही दोनों भाई नोएडा सेक्टर-41 स्थित आगापुर गांव से धौलपुर के लिए रवाना हो गए। अब जिन बेटों का भविष्य संवारने के लिए मां-बाप ने गांव छोड़ा था, वे दोनों अचानक अनाथ हो गए।
विजय की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोजगार नहीं, इसलिए पलायन ही मजबूरी
दशरथ ने बताया कि वह अपने चाचा के साथ दो दिन पहले ही दिल्ली से धौलपुर पहुंचे। उनके पैतृक राजखेड़ा क्षेत्र के गांवों में अधिकतर परिवार रोजगार के लिए दिल्ली-एनसीआर में काम कर रहे हैं। गांव में एक-दो बीघा जमीन से परिवार का गुजारा नहीं होता। हलवाई और छोटे-मोटे काम के सहारे लोग शहरों में किराए पर रहकर जिंदगी काट रहे हैं। रोजी-रोटी की तलाश में छोड़ा गया गांव अब शोक में डूबा है।
दशरथ ने बताया कि वह अपने चाचा के साथ दो दिन पहले ही दिल्ली से धौलपुर पहुंचे। उनके पैतृक राजखेड़ा क्षेत्र के गांवों में अधिकतर परिवार रोजगार के लिए दिल्ली-एनसीआर में काम कर रहे हैं। गांव में एक-दो बीघा जमीन से परिवार का गुजारा नहीं होता। हलवाई और छोटे-मोटे काम के सहारे लोग शहरों में किराए पर रहकर जिंदगी काट रहे हैं। रोजी-रोटी की तलाश में छोड़ा गया गांव अब शोक में डूबा है।
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दिनेश चंद्र की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना एक्सप्रेस-वे पर बस ने कार को रौंदा, छह लोगों की मौत
यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह एक स्लीपर कोच निजी बस ने आगे जा रही ईको कार में टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हो गए। हादसे के शिकार हुए लोग राजाखेड़ा धौलपुर और आगरा के रहने वाले हैं। ये दिल्ली और नोएडा से अपने गांव लौट रहे थे। तेज रफ्तार पर बस चालक के ओवरटेक करने को दुर्घटना की वजह बताया जा रहा है।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह एक स्लीपर कोच निजी बस ने आगे जा रही ईको कार में टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हो गए। हादसे के शिकार हुए लोग राजाखेड़ा धौलपुर और आगरा के रहने वाले हैं। ये दिल्ली और नोएडा से अपने गांव लौट रहे थे। तेज रफ्तार पर बस चालक के ओवरटेक करने को दुर्घटना की वजह बताया जा रहा है।
