गुजरा साल महाकुंभ से बनी वैश्विक पहचान और इस दौरान तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते चर्चा में रहा। अब नए साल 2026 में सेहत, शिक्षा और ट्रैफिक जाम जैसी तमाम समस्याओं से निपटने का संकल्प लेना होगा जिससे शहरियों की जिंदगी बेहतर हो सके। ये विचार और इरादा प्रयागराज के उन कारोबारियों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों से लेकर अफसरों का है जो बुधवार को नगर निगम के स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित अमर उजाला संवाद में सहभागिता कर रहे थे।
Prayagraj : अमर उजाला संवाद - पहचान तो खूब बनी, अब नए साल में शहरियों की जिंदगी संवारने का इरादा है
गुजरा साल महाकुंभ से बनी वैश्विक पहचान और इस दौरान तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते चर्चा में रहा। अब नए साल 2026 में सेहत, शिक्षा और ट्रैफिक जाम जैसी तमाम समस्याओं से निपटने का संकल्प लेना होगा जिससे शहरियों की जिंदगी बेहतर हो सके।
फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल ने कहा कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए फरवरी में अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस मॉडल तैयार किया जाएगा। शहर को दो हिस्सों में बांटकर देखने की जरूरत है। एक हिस्सा यह कि शहर को कैसे देखा जाए और दूसरा यह कि उसका इस्तेमाल कैसे किया जाए। शहर में अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था में सुधारने के लिए सिविल लाइंस क्षेत्र में ट्रैफिक मॉडल लागू किया जाएगा। यदि वहां अच्छे परिणाम मिलते हैं तो इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने बच्चों की बदलती दिनचर्या पर चिंता जताते हुए कहा कि बच्चे अब आउटडोर गेम्स से दूर होते जा रहे हैं। उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना जरूरी है। जिससे उनके व्यक्तित्व का समुचित विकास हो सके। बैठक में सफाई व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और पार्किंग की समस्या जैसे अहम मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा। सांसद ने बताया कि नए साल में हर तीन माह में ऐसी पहल की जाएगी जिससे पूरे वर्ष में चार बार योजनाएं बनाकर व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा सके। शहर का लगातार विस्तार हो रहा है। ऐसे में सभी नागरिकों को इसे अपना शहर मानकर विकास में योगदान देना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम से खिलाड़ियों को मिलेगी अलग पहचान : गणेश केसरवानी
महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि नगर निगम शहर का लगातार विकास कर रहा है। अरैल में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा लगाई गई है। साहित्यिक तीर्थ बन रहा है। मूर्धन्य साहित्यकारों की रचनाएं और मूर्तियां लगाई जाएंगी। छह माह में कार्य पूरा होगा। भगवान राम ने यमुना को पार किया उस गौरव को भी दर्शाया जाएगा। पैदल राम सेतु बनेगा। इसकी 258 करोड़ की परियोजना है। सिविल लाइंस हनुमान मंदिर के पास इनोवेशन हब और टेक्नोलॉजी पार्क बनेगा। नैनी में 800 करोड़ रुपये से पानी बचाने से संबंधित योजनाएं तैयार हो रही हैं। ढाई साल में 161 ट्यूबवेल लगाए जा चुके हैं। शहर में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और हर ब्लॉक में स्टेडियम होगा। वहीं, दारागंज, लोकनाथ और मालवीय नगर हैरिटेज मोहल्ले बनेंगे। भारती भवन पुस्तकालय का भी नवीनीकरण होगा। शहर में 14 विधाएं और 64 कलाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
आईलैंड जैसे शहर में पुलों के जाल की जरूरत,जल्द सलोरी से जुड़ेगा हेतापट्टी: हर्षवर्धन वाजपेयी
अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने नए साल में शहर के लोगों की जरूरतों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कि गंगा-यमुना नदी के मिलन का यह शहर एक आईलैंड जैसा है और यहां सबसे ज्यादा जरूरत पुलों की कनेक्टिविटी की है। यहां छह लेन सड़कों का निर्माण हो रहा है। साथ ही सलोरी से हेतापट्टी के बीच अब तक सबसे बड़ा पुल भी बनना है। इसके लिए एक हजार करोड़ रुपये का बजट भी पास हो चुका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस शहर की आबादी के लिहाज से मेट्रो से ज्यादा जरूरत पुलों की है और जल्द ही शहर के कई हिस्सों को जोड़ने वाले पुलों का जाल बिछ जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब तक शहर को एम्स उपलब्ध नहीं होता, तब तक शहरवासी रायबरेली स्थित एम्स में भी इलाज के लिए जा सकते हैं। यहां सुविधाएं बेहतर हुई हैं और शहर से एक या डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सीएचसी और पीएचसी में डॉक्टर्स की संख्या बढ़ाकर स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल का लोड कम करने की जरूरत है।
