करीब डेढ़ घंटे तक हुई तेज बारिश में नाला और सीवर लाइन की सफाई के नगर निगम प्रशासन के सारे दावे फेल हो गए। बुधवार को बारिश से शहर के ज्यादातर हिस्से जलमग्न हो गए। सड़कों पर कमर तक पानी भर गया। घरों के साथ थाना, कॉलेज, अस्पताल परिसर में भी जलभराव हो गया। इसकी वजह से आवागमन के साथ ज्यादातर गतिविधियां ठप हो गईं। हर बार की तरह मेडिकल कॉलेज चौराहा स्थित सीवर लाइन का ढक्कन फव्वारे में तब्दील हो गया। जार्जटाउन की सभी सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। लिडिल रोड पर तीन कारें चलते-चलते बंद हो गई। कार सवार गाड़ी खड़ी करके किसी तरह से निकल पाए।
Prayagraj : डेढ़ घंटे की बारिश में शहर का बड़ा हिस्सा बना तालाब, हर तरफ जलभराव, घरों में घुसा पानी
सीएमपी डिग्री कॉलेज और जार्जटाउन थाने में पानी भर गया। लोग जहां थे, वहीं फंसे रहे। चौक और घंटाघर की सड़क पर भी पानी भर गया। दुकानों में पानी घुसने से सामान तैरने लगे। दुकानदार गुलाब का कहना था कि नाला जाम हाेने से पानी नहीं निकल रहा।
राजेश सिन्हा, मंजुषा और ईशान तिवारी ने बताया कि नाला सफाई के लिए तोड़ी गई पुलिया ठीक नहीं कराई गई। बजरंग चौराहा, पूरा पड़ाइन, पंजाबी कॉलोनी में सड़कें तालाब में तब्दील हो गई और लोगों के घरों में पानी घुस गया।
राजरूपपुर के जाफरी कॉलोनी की तो स्थिति बहुत खराब रही। सड़कों पर आधा मंजिल तक पानी भर गया। इसकी वजह से लोग घरों में कैद हो रहे। पार्षद मिथिलेश सिंह का कहना है सड़क और नालियों के निर्माण के लिए कई बार कहा गया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। करेली के गड्ढा कॉलोनी, जेके आशियाना नगर में भी यही दशा रही। तेलियरगंज की पार्षद मीना तिवारी का कहना था कि नालों को खोदकर छोड़ देने से यह स्थिति बनी है।
नारायणी आश्रम अस्पताल में भरा पानी
नारायणी आश्रम अस्पताल में काउंटर, वार्ड में पानी भर गया। इस वजह से गंभीर मरीजों को प्रथम तल पर शिफ्ट करना पड़ा। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि 25 साल से काम कर रहे हैं लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। वहीं, पार्षद मीना तिवारी का कहना है कि नाला के निर्माण के लिए कई बार लिखा गया। नगर आयुक्त से बात की गई लेकिन सब कुछ टलता रहा।
बालसन चौराहा स्थित नाला फिर ओवरफ्लो
बालसन चौराहा के पास थार्नहिल रोड से आने वाला नाला बुधवार को बारिश में ओवरफ्लो करने लगा। पिछले वर्ष ही चौराहे की सड़क को तोड़कर नाले का निर्माण कराने के साथ सफाई कराई गई थी। नाला ओवरफ्लो हाेने से थार्नहिल एवं लाउदर रोड पर गंदा पानी बहने लगा। बाबाजी के बाग की बस्ती जलमग्न हो गई। सेंट एंथोनी स्कूल की छात्राओं और अभिभावकों को सड़क पार करने में दिक्कत हुई।
मोरी गेट से बैक होने लगा था पानी
जल निकासी की यह स्थिति रही कि मोरी नाला से पानी बैक होने लगा। शुरू में गेट नहीं खुलने से स्थिति और बिगड़ गई। ऐसे में अल्लापुर, सोहबतियाबाग, अलोपीबाग समेत बड़े इलाके जलभराव के साथ पानी काफी देर तक रुका रहा। मोरी गेट को खोलने के बाद बहाव कुछ तेज हुआ। पार्षद शिवसेवक सिंह का कहना था कि मोरी गेट के सभी पंप भी बंद थे। वहीं, जलकल के महाप्रबंधक कुमार गौरव का कहना है कि एक लेवल के बाद गेट खोला जाता है। पानी बढ़ने पर उसे खोल दिया गया। पंप भी एक लेवल के बाद चलाया जाता है। अभी ऐसी स्थिति नहीं थी, इसलिए पंप नहीं चलाए गए।