मुकेश ने 12 बार कुल्हाड़ी से वार कर पिता राम सिंह, बहन साधना और भांजी आस्था की हत्या की थी। मंगलवार रात आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार तीनों के शरीर पर छोटे-बड़े 12 चोट के निशान पाए गए हैं। यह निशान गर्दन और सिर पर थे। सबसे ज्यादा जख्म राम सिंह के शरीर में मिले हैं। इनकी गर्दन दबाने की भी पुष्टि हुई है।
मऊआइमा हत्याकांड : कुल्हाड़ी से 12 बार किए थे वार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा
मुकेश ने 12 बार कुल्हाड़ी से वार कर पिता राम सिंह, बहन साधना और भांजी आस्था की हत्या की थी। मंगलवार रात आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार तीनों के शरीर पर छोटे-बड़े 12 चोट के निशान पाए गए हैं।
राम सिंह ने बेटी की शादी के बाद जमीन देने का किया था वादा
राम सिंह की बेटी साधना की शादी 12 अप्रैल को होनी थी। मुकुंद ने बताया कि मुकेश जब हिस्सेदारी न मिलने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था तो पिता ने कहा कि शादी के बाद उसे भी जमीन दे देंगे। लेकिन उसे विश्वास न हुआ। हालांकि घर में दरार तभी पड़ गई थी, जब मुकेश के विवाह में मिला दहेज का सामान बड़ी बेटी किरन की शादी में दे दिया गया था। यह बात खुद किरन ने बताई।
मुकेश का विवाह डेढ़ दशक पूर्व होलागढ़ के बभनपुर निवासी प्रमिला के साथ हुआ था। प्रमिला से एक बेटी और दो बेटे हैं। कुछ वर्षों बाद जब रामसिंह ने बड़ी बेटी किरन की शादी की तो उसे दहेज में मुकेश की ससुराल से मिला सामान दे दिया। इसके लिए मुकेश नाखुश था। इसके बाद ही अलग मकान बनाकर रहने लगा। वह फर्नीचर का अच्छा खासा कारीगर था। कुछ वर्षों बाद वह घर में ताला लगा कर परिवार सहित हैदराबाद शिफ्ट हो गया। छह माह पूर्व जब घर आया तो उसे जानकारी हुई कि पिता ने साढ़े चार बीघा पैतृक जमीन छोटे भाई मुकुंद के नाम बैनामा कर कर दी। इसके बाद उसके सिर पर खून सवार हो गया था।
पिता की पैतृक संपत्ति से मांग रहा था हिस्सा
अपनी ननिहाल लोकापुर विसानी में रहने वाले राम सिंह मूलत: मऊआइमा के ग्राम गमरहटा के निवासी थे। उन्हें पिता की जायदाद में दो बीघा ज़मीन मिली थी। बेटे मुकुंद के अनुसार इस समय उस जमीन मृतक राम सिंह के भाई विजय, त्रिभवन, उमेश खेती कर रहे हैं। पिता राम सिंह गमरहटा की जमीन बेचने के लिए तय कर चुके थे। लेकिन बेचे नहीं थे। मुकेश उक्त गमरहटा की जमीन को बेचकर पैसा देने की बात कह रहा था।
अच्छी नहीं थी मुकेश की छवि
हत्यारोपी मुकेश का पूरा परिवार झगड़ालू प्रवृत्ति का है। ग्रामीणों का आरोप था कि वह गांव के युवकों को हैदराबाद मजदूरी कराने ले जाता। वहां उनका पैसा हड़प कर भगा देता था। घर पर आने पर जब पैसा मांगा जाता तो लड़ाई-झगड़ा पर उतारू हो जाता था।
शवों का रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद राम सिंह (55),उसकी पुत्री साधना देवी (24), नातिन आस्था (14) के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। मंगलवार को देर शाम फाफामऊ गंगा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लोकापुर विसानी गांव में जायदाद के लिए पिता, बहन और भांजी को मौत की नींद सुलाने वाले हत्यारोपी मुकेश ने पिता को मारने का इरादा पहले ही कर लिया था। इसीलिए पंद्रह दिन दो बच्चों को सोरांव में साढ़ू के घर छोड़ आया था। शुक्रवार को शराब पी तो सिर पर खून सवार हो गया और हत्या कर दी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि शुक्रवार शाम उसने गांव स्थित एक दुकान में शराब पीने के बाद घर में भी पी। इसके बाद पिता मारने की नीयत से देर-रात करीब 12 बजे उनके घर पहुंचा। गेट खटखटाने पर पापा ने पूछा कि कौन है। बताया कि कुछ बात करनी है ताे उन्होंने दरवाजा खोल दिया।
कहा कि मुकुंद को चार बीघा जमीन दिया है उसमें से 10 बिसवा जमीन दे दीजिए। यह कहते ही पिता भड़क गए और कहा कि तुम नालायक हो, कोई जमीन नहीं मिलेगी। यह सुनते ही उसका खून खौल उठा और पास जाकर उनकी गर्दन दबा दी। वह अपना बचाव करने लगे। चीख-पुकार सुनकर बहन साधना और भांजी आस्था भी आ गई। आस्था और साधना उसे पकड़ कर खींचते रहे। लेकिन वह माना नहीं और गला दबाए रखा।