एक लाख के इनामी अशरफ को शुक्रवार तड़के पकड़ा गया तो पुलिस, एसटीएफ तथा अन्य एजेंसियां पूछताछ में जुट गईं। ज्यादातर ने उससे यही पूछा कि वह आखिर इतने दिन था कहां ? अशरफ ने बताया कि वह फरारी के दौरान ज्यादातर समय मुंबई और हरियाणा में रहा था। अक्सर अपने कौशामबी में पूरामुफ्ती हटवा स्थित ससुराल भी आता जाता था। फरारी के दौरान उसकी पत्नी साथ में रहती थी। तीन महीने पहले उसे बेटा भी हुआ।
मुंबई और हरियाणा, अशरफ का रहा ठिकाना, बीच-बीच में आता था कौशाम्बी स्थित ससुराल
अशरफ के पास से बरामदगी
- 32 की पिस्टल
- फार्च्यूनर गाड़ी
- दो वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड
- आठ हजार चार सौ नब्बे रुपये
अशरफ तीन साल पहले फरार हुआ तो पुलिस ने उसकी तलाश में दिल्ली-मुंबई कई जगह दबिश दी थी लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। उस पर इनाम बढ़ते-बढ़ते एक लाख का हो गया। लॉकडाउन के दौरान पुलिस को भनक लगी थी कि वह पूरामुफ्ती हटवा स्थित अपने ससुराल आता जाता है।
कुछ लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए। इसके बाद यह तय हो गया कि अशरफ ससुराल जाता था। इस बीच पुलिस ने उसकी ससुराल में दबिश देकर उसके सालों समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी।
उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। जिन लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए थे, उनसे ही पुलिस को सबसे बड़ा क्लू मिला। इसी क्लू के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार तड़के अशरफ को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान अशरफ ने बताया कि वह यहां से फरार होने के बाद वह सीधा मुंबई गया था। वहां बेहद सामान्य तरीके से रहता था। जब वहां कुछ आशंका होती तो वह हरियाणा चला जाता था। कभी-कभी वह दिल्ली में भी समय बिताता था। उसने मोबाइल का प्रयोग काफी कम कर दिया था। फरारी के दौरान अक्सर उसकी पत्नी और बच्चे साथ रहते थे।
लॉकडाउन के समय वह और उसकी पत्नी मुंबई में थे। वहीं पर उसका बेटा भी पैदा हुआ। लॉकडाउन में ढील मिली तो वह पत्नी-बच्चों को ससुराल में छोड़ दिया और फिर मुंबई चला गया। वह अक्सर पत्नी बच्चों से मिलने हटवा आता था और कई-कई दिन रहता था। इस दौरान वह किसी से नहीं मिलता था। सिर्फ ससुराल के लोग भी उसके बारे में जानते थे, पास-पड़ोस वालों को भी भनक नहीं लगती थी।