होलागढ़ में हुई वारदात में जिंदा बची परिवार की एकमात्र सदस्य रचना पांडेय का दोपहर बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया। उसके गले में सात टांके लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि धारदार हथियार से हमले में उसके गले की भोजन नली क्षतिग्रस्त हो गई है। राहत की बात यह रही कि उसकी श्वास नली बच गई।
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पुलिस की लापरवाही, पोस्टमार्टम में देरी
होलागढ़ पुलिस की लापरवाही के चलते मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम देर से शुरू हो सका। दरअसल शव तो दोपहर सवा एक बजे के करीब ही मर्चरी भेजवा दिए गए थे लेकिन पुलिस समय लिखापढ़ी नहीं कर सकी। इसके चलते पोस्टमार्टम रुका रहा। शाम सवा पांच बजे के करीब होलागढ़ थाने का दरोगा कागज लेकर पहुंचा तब जाकर पोस्टमार्टम शुरू हुआ। इसे लेकर मर्चरी पर मौजूद परिजनों व ग्रामीणों ने नाराजगी भी जताई।
डीएम को बुलाने की मांग, प्रदर्शन
पोस्टमार्टम के बाद डीएम को बुलाने की मांग को लेकर परिजनों व ग्रामीणों ने मर्चरी पर करीब डेढ़ तक शव नहीं उठने दिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। लोगों की मांग थी कि डीएम मौके पर आकर मुआवजे के ऐलान के साथ ही हत्यारों की गिरफ्तारी का आश्वासन दें तभी शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जाएंगे। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने किसी तरह समझाकर उन्हें शांत कराया। तब जाकर रात करीब नौ बजे परिजन शव लेकर रसूलाबाद पहुंचे और अंतिम संस्कार कर दिया।
क्योें हो रही लगातार हत्याएं, अफसर दें जवाब
उधर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे उप्र कांग्रेस कमेटी के सदस्य मुकुंद तिवारी ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गंगापार क्षेत्र में लगातार सामूहिक हत्याओं की वारदातें हो रही हैं। यूसुफपुर हत्याकांड व मांडा के तिहरे हत्याकांड में अब तक हत्यारे पकड़ से दूर हैं।