मौसम कामिजाज मंगलवार से फिर बदला है। मानसून एक्सप्रेस रफ्तार पकड़ने लगी है। बुधवार सुबह तक जिले में 27.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तापमान पांच डिग्री लुढ़कने से लोगों को गर्मी से फौरी राहत मिली। मौसम विभाग ने तेज बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसमें प्रयागराज भी शामिल है। वहीं कई जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले चार दिन बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ अचानक तेज बारिश के आसार हैं।
अधिकतम तापमान बुधवार को करीब पांच डिग्री कम होकर 34.6 डिग्री से 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान ने भी दो डिग्री से अधिक का गोता लगाया। रात में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। वातावरण में नमी का स्तर उच्चतम रहा। आर्द्रता अधिकतम 96 और न्यूनतम 87 प्रतिशत रही।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक निम्न वायु दाब के कारण मानसून तेजी से
सक्रिय हो रहा है। मंगलवार को एक झटके में शुरू बारिश का क्रम रात भर बना रहा। बुधवार से रविवार तक तेज बारिश के आसार हैं। गरज चमक के साथ होेने वाली बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। यदि धूप निकली भी तो कमजोर होगी। बीच-बीच में धूप-छांव की स्थिति हो सकती है।
गंगा-यमुना के जलस्तर वृद्धि, घाटियों ने समेटा सामान
गंगा और यमुना के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी है। बुधवार को गंगा की लहरें कटान बढ़ाने में मददगार बनी। घाटों पर कगार टूटकर गिरते रहे। इससे स्नानार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण घाटियों को सामान समेटना पड़ा। वह तखत, छावनी और बॉक्स में रखे अभिलेख हटाने में भोर से ही लगे रहे। घाटियों के मुताबिक पानी बढ़ने की रफ्तार यही रही तो गंगा के तटीय इलाकों के मकानों में पानी घुस जाएगा। यह स्थिति तब आएगी जब गंगा का जलस्तर 79.80 मीटर के निकट आएगा हालांकि अभी जलस्तर खतरे के निशान से काफी दूर है।
सिंचाई विभाग के मुताबिक सुबह आठ से रात आठ बजे तक गंगा (छतनाग) में 68 सेंटी मीटर तथा यमुना (नैनी) में एक मीटर 19 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। फाफामऊ घाट पर दिन में गंगा घटाव पर रहीं पर शाम चार से रात आठ बजे तक तीन सेंटीमीटर जल वृद्धि दर्ज की गई। बुधवार रात गंगा का फाफामऊ में जलस्तर 78.41मीटर, छतनाग में 74.96 मीटर तथा यमुना का नैनी में जलस्तर 75.54 मीटर रहा। अफसरों के मुताबिक गंगा और यमुना के जलस्तर में वृद्धि संभावित है। कानपुर बैराज से छोड़ा गया जल यहां पहुंचने लगा है।