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प्रयागराज: 27.4 एमएम बरसात, पारा पांच डिग्री लुढ़का, तेज बारिश की चेतावनी

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 29 Jul 2021 12:34 AM IST
सार

  • दिन भर छाए रहे बादल, कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी, मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए जारी किया रेड, ऑरेंज, यलो अलर्ट

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Prayagraj: 27.4 mm of rain, mercury dropped by five degrees, warning of heavy rain
बारिश की वजह से बढ़ा गंगा का जलस्तर। - फोटो : prayagraj

मौसम कामिजाज मंगलवार से फिर बदला है। मानसून एक्सप्रेस रफ्तार पकड़ने लगी है। बुधवार सुबह तक जिले में 27.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तापमान पांच डिग्री लुढ़कने से लोगों को गर्मी से फौरी राहत मिली। मौसम विभाग ने तेज बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसमें प्रयागराज भी शामिल है। वहीं कई जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले चार दिन बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ अचानक तेज बारिश के आसार हैं।



अधिकतम तापमान बुधवार को करीब पांच डिग्री कम होकर 34.6 डिग्री से 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान ने भी दो डिग्री से अधिक का गोता लगाया। रात में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। वातावरण में नमी का स्तर उच्चतम रहा। आर्द्रता अधिकतम 96 और न्यूनतम 87 प्रतिशत रही।

मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक निम्न वायु दाब के कारण मानसून तेजी से 
सक्रिय हो रहा है। मंगलवार को एक झटके में शुरू बारिश का क्रम रात भर बना रहा। बुधवार से रविवार तक तेज बारिश के आसार हैं। गरज चमक के साथ होेने वाली बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। यदि धूप निकली भी तो कमजोर होगी। बीच-बीच में धूप-छांव की स्थिति हो सकती है।

गंगा-यमुना के जलस्तर वृद्धि, घाटियों ने समेटा सामान

गंगा और यमुना के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी है। बुधवार को गंगा की लहरें कटान बढ़ाने में मददगार बनी। घाटों पर कगार टूटकर गिरते रहे। इससे स्नानार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण घाटियों को सामान समेटना पड़ा। वह तखत, छावनी और बॉक्स में रखे अभिलेख हटाने में भोर से ही लगे रहे। घाटियों के मुताबिक पानी बढ़ने की रफ्तार यही रही तो गंगा के तटीय इलाकों के मकानों में पानी घुस जाएगा। यह स्थिति तब आएगी जब गंगा का जलस्तर 79.80 मीटर के निकट आएगा हालांकि अभी जलस्तर खतरे के निशान से काफी दूर है।

सिंचाई विभाग के मुताबिक सुबह आठ से रात आठ बजे तक गंगा (छतनाग)  में 68 सेंटी मीटर तथा यमुना (नैनी) में एक मीटर 19 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। फाफामऊ घाट पर दिन में गंगा घटाव पर रहीं पर शाम चार से रात आठ बजे तक तीन सेंटीमीटर जल वृद्धि दर्ज की गई। बुधवार रात गंगा का फाफामऊ में जलस्तर 78.41मीटर, छतनाग में 74.96 मीटर तथा यमुना का नैनी में जलस्तर 75.54 मीटर रहा। अफसरों के मुताबिक गंगा और यमुना के जलस्तर में वृद्धि संभावित है। कानपुर बैराज से छोड़ा गया जल यहां पहुंचने लगा है।

 

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बुधवार को गंगा में हो रही कटान के कारण बाहर निकले शवो का दाह संस्कार करने के लिए नगर निगम की ओर से व्यवस्था की गई। अमर उजाला - फोटो : prayagraj

बारिश और कटान से दिखे दफन शवों के अंग, फाफामऊ घाट पर 18 शवों का अंतिम संस्कार

मंगलवार रात हुई तेज बारिश और गंगा में कटान से एक बार फिर घाटों के किनारे दफन किए गए शवों के अंग दिखे तो नगर निगम की टीम ने शवों को बाहर निकाला। फाफामऊ घाट पर बुधवार को 18 शवों का वैदिक रीति से अंतिम संस्कार किया गया। नगर निगम फाफामऊ जोन कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने पूर्व के भांति वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शवों अंत्येष्टि संपन्न कराई। इससे पहले जोनल अधिकारी नीरज सिंह ही ऐसे शवों को मुखाग्नि देते रहे हैं। पिछले दिनों उनका स्थानांतरण प्रतापगढ़ किया जा चुका है। वहीं महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कहा कि चार दिन से गंगा में कटान हो रही है, कितने शवों का अंतिम संस्कार किया गया, इस बारे में जानकारी नहीं हैं।


पन्ना लाल रोड पर जड़ से उखड़ गए दो बड़े पुराने पेड़

पन्ना लाल रोड पर स्मार्ट सड़क का काम मुसीबत का कारण बन गया है। बुधवार को नाला खोदाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पाइप लाइन दो पुराने पेड़ों पर भारी पड़ गई। जड़ों में पानी भरा रहने के कारण रात करीब साढ़े आठ बजे दो पेड़ जड़ से उखड़ कर सड़क पर गिरे। एक कार और एक बाइक पेड़ के तनों के नीचे दब गई। चीख पुकार तेज आवाज सुनकर वहां पहुंचे लोगों ने कार और बाइक सवारों को निकाला। दोनों लोग बाल-बाल बच गए। जेसीबी से सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने का काम शुरू किया गया, लेकिन वहां अंधेरा होने के कारण दिक्कत हुए। जेसीबी की सहायता से कार और बाइक को बाहर निकाला गया। पन्ना लाल रोड पर आवागमन बाधित रहा। क्षेत्रीय पार्षद आनंद घिल्डियाल के मुताबिक स्मार्ट सिटी का काम ठीक से नहीं किया जा रहा है।

कार्यदायी संस्था की लापरवाही से नाला निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों में पानी भरा है। जड़ें कमजोर होने से पेड़ गिरने का खतरा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि नाला निर्माण के लिए गंदे पानी को रोकने से कर्नलगंज इलाके से पानी की निकासी बंद है। इस कारण गंदा पानी जगह-जगह ओवरफ्लो होकर भर रहा है। 

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