कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की शुरुआत से ही कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बुधवार को जांच के बाद 379 कोरोना के नए संक्रमित मरीजों मिले। जिसके बाद जिले में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 1546 पहुंच गई।
Prayagraj Corona Update : जिले में 379 मिले नए कोरोना पॉजिटिव, एक्टिव मामले हुए 1546
कोरोना संक्रमण शहरी क्षेत्र में तेजी से फैल रहा है। नए साल की शुरुआत से ही कोरोना के नए संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जबकि कोरोना मरीजों की जांच का आंकड़ा अभी भी 10 हजार को नहीं पार किया।
टीकाकरण में अव्वल रहा प्रयागराज
कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में एक तरफ तेजी से इजाफा हो रहा है। वहीं राहत की बात यह है कि प्रयागराज में टीकाकरण में भी लगातार तेजी आ रही है। दूसरी डोज के लिए भी लोग जागरूक हुए है। बुधवार को जिले में कुल 74,135 लोगों का टीकाकरण हुआ। पहली खुराक लेने वालों की संख्या 27,360 और दूसरी खुराक लेने वालों की संख्या 40,654 रही। 15 से 17 वर्ष के 2,340 किशोरों ने कोरेाना टीकेकी पहली खुराक ली।
स्कूलों में चला टीका करण का मेगा ड्राइव
किशोरों में टीकाकरण करके उन्हें सुरक्षित करने के लिए बुधवार को टीका करण का मेगा ड्राइव चला। जिसमें शहरी और उसके आस-पास के21 स्कूलों में किशोरों का टीकाकरण हुआ। बीएचएस, जीएचएस, ऐग्लो बंगाली इंटर कालेज, एमपीवीएम, गंगागुरुकुलम समेत सभी बोर्ड के स्कूलों में टीकाकरण हआ। टीकाकरण अभियान का निरीक्षण करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
ब्लाक स्तर पर टीकाकरण के लिए माइक्रोप्लान तैयार
कोरोना टीकाकरण में तेजी लाने के लिए ब्लाक स्तर पर अलग-अलग टीमें बनायी जाएगी। इसके लिए माइक्रोप्लान तैयार हो गया है। प्रत्येक ब्लाक में वृहद स्तर पर टीकाकरण के लिए 10-10 टीमें लगाई गई है। जिससे टीकाकरण अभियान में तेजी लायी जा सके।
जीनोम सिक्वेंसिंग की एक माह बाद भी नहीं आयी रिपोर्ट
जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर भी आशंका बनी हुई है। ओमिक्रॉन की पहचान केलिए मरीजों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराने के निर्देश हैं, लेकिन प्रयागराज में मिले 10 गंभीर रोगियों की जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट एक माह बीतने के बाद भी नहीं आ सकी है।
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। नए वैरिएंट को लेकर जारी गाइडलाइन के बाद जिले में भी इसको लेकर व्यवस्था की गई थी। दिसंबर की शुरुआत में जब गंभीर संक्रमित मिलने लगे तो 10 संक्रमितों के सैंपल केजीएमयू भेजे गए थे। इसके बाद उनको जांच के लिए बंगलूरू भेज दिया गया। अभी तक इन सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
ऐसे में जिले में मिलने वाले किसी मरीज में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला या नहीं, इसकी पुष्टि आज तक नहीं हो सकी है। मोती लाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक कोरोना संक्रमितों में 10 मरीजों की सीटी वैल्यू (साइकल थ्रेशोल्ड)कम थी। ऐसे में उन मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। लेकिन उनकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आयी है। अन्य मरीजों में सीटी वैल्यू ठीक थी।
यूनानी मेडिकल कालेज बना एल वन कोविड अस्पताल
कोरोना संक्रमित मरीजों की तेजी से बढ़ रही संख्या को देखते हुए यूनानी मेडिकल कालेज को भी कोविड एल वन अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है। इसके लिए सीएमओ डॉ. नानक सरन की ओर से निर्देश जारी कर दिया गया है। बृहस्पतिवार से अस्पताल को शुरू करने की तैयारी है।
यूनानी मेडिकल कालेज में 100 बेडों पर भर्ती करने की व्यवस्था है। अस्पताल में मौजूदा समय में 35 मरीज भर्ती है, जिनका इलाज चल रहा है। ऐसे में फिलहाल 50 बेडों को अलग करके वहां पर कोविड मरीजों को भर्ती कराने की व्यवस्था की जाएगी। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. अनवर अहमद ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट नहीं है। मरीजों के इलाज के लिए 30 नर्सिंग स्टॉफ है।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुछ अन्य अस्पतालों से कर्मचारी उपलब्ध कराया जाता है। विभाग की ओर से अस्पताल को तैयार करने का निर्देश दिया गया है। वहीं नोडल अधिकारी डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार से अस्पताल को शुरू करा दिया जाएगा।