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Magh Mela Prayagraj : जलस्तर बढ़ने से तेजी से हो रहा कटान, कई संस्थाओं को दूसरी जगह ले जाने की तैयारी

अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Wed, 12 Jan 2022 08:22 PM IST
सार

बुधवार को भी जलस्तर 77 मीटर रहा। इससे कटान की समस्या बढ़ गई है। बुधवार को भी गंगा नदी के दोनों तरफ कटान की शिकायत रही। हालांकि, अफसरों का दावा है कि बुधवार को जलस्तर में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है।

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Magh Mela Prayagraj: Preparations to move many institutions to another place due to erosion
Prayagraj News : जलस्तर बढ़ने से माघ मेला क्षेत्र में कल्पवासियों के शिविर के पास भरे पानी को निकालता मजदूर। - फोटो : प्रयागराज

बारिश के बाद अब गंगा नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी की वजह से माघ मेला की तैयारियां प्रभावित हो गई हैं। दारागंज से संगम नोज के बीच दोनों तरफ कटान की समस्या बढ़ गई है। इसकी वजह से गंगदीप की 40 संस्थाओं को दूसरे स्थान पर बसाने का निर्णय लिया गया है। इनके अलावा कई संस्थाओं के शिविरों को भी कटान से खतरा बन गया है। पिछले दो दिनों से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई।



बुधवार को भी जलस्तर 77 मीटर रहा। इससे कटान की समस्या बढ़ गई है। बुधवार को भी गंगा नदी के दोनों तरफ कटान की शिकायत रही। हालांकि, अफसरों का दावा है कि बुधवार को जलस्तर में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता बृजेश सिंह का कहना है कि जलस्तर में यथा स्थिति बनी हुई है। इसके विपरीत कटान की वजह से घाट बनाने में समस्या आ रही है।

इसके अलावा मेला क्षेत्र के पश्चिमी पटरी पर शिविरों तक पानी पहुंच गया है। गंगदीप में 40 संस्थाओं को जमीन बांटी गई है लेकिन यह क्षेत्र कटान की चपेट में आ गया है। इसकी वजह से इन संस्थाओं को कहीं और स्थापित किया जाएगा। काली सडक़ पर संगम लोअर तथा रामानंद-अ मार्ग के बीच भी कई संस्थाओं को विस्थापित करना पड़ सकता है।

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Magh Mela Prayagraj: Preparations to move many institutions to another place due to erosion
Prayagraj News : बारिश के चलते माघ मेले की तैयारी प्रभावित हो रही है। - फोटो : प्रयागराज

इस बार छह किमी तक बनाए जा रहे घाट

कोविड संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार छह किमी के दायरे में घाट बनाए जा रहे हैं। हालांकि, कटान की वजह से खासतौर पर, झूंसी की तरफ घाटों के निर्माण में भी परेशानी खड़ी हो गई है। पिछले वर्ष पांच किमी तक घाटों का निर्माण हुआ था लेकिन कोविड संक्रमण की वजह से इस बार एक किमी का दायरा बढ़ाया जा रहा है। ताकि, स्नान के दौरान भीड़ से राहत मिल सके। 

संगम नोज के अलावा त्रिवेणी, दारागंज आदि स्थानों पर घाट बनाए जा रहे हैं। हालांकि, कटान से चुनौती बढ़ गई है। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि संगम नोज पर भी गंगा के बजाय यमुना नदी  की तरफ घाट बनाए जा रहे हैं। संगम नोज पर घाट का दायर बढ़ाने के लिए बालू डाला गया लेकिन बुधवार तक बहुत सफलता नहीं मिल सकी। इसके अलावा झूंसी की तरफ भी कई जगहों पर घाट के निर्माण की समस्या खड़ी हो गई है।

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Magh Mela Prayagraj: Preparations to move many institutions to another place due to erosion
Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज

माघ मेले का स्नान कल, तैयारी अधूरी, घाटों पर अभी तक नहीं बन पाए हैं चेंजिंग रूम, तैयारी में जुटा प्रशासन

मकर संक्रांति स्नान पर्व के साथ शुक्रवार से माघ मेले का स्नान शुरू हो जाएगा। टेंट लगने के साथ साधु-संतों और कल्पवासियों के आने का क्रम शुरू हो गया है लेकिन मेला क्षेत्र में सुविधाएं नदारत हैं।

चेजिंग रूम तक नहीं बन पाए हैं। हालांकि, प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा रहा। संबंधित विभागों के वरिष्ठï अफसर देर रात तक मेला क्षेत्र के अलग-अलग सेक्टर में डटे रहे। टेंट लगाने के लिए संस्थाओं के हजारों प्रतिनिधि माघ मेला क्षेत्र में पहले ही पहुंच चुके हैं। साधु-संत भी पहुंचने लगे हैं। बुधवार को सैकड़ों वाहन में साधु-संत तथा कल्पवासी पहुंचे।

Magh Mela Prayagraj: Preparations to move many institutions to another place due to erosion

डीएम ने लिया तैयारियों का जायजा
इसके विपरीत सेक्टर एक में भी सुविधाएं नदारत हैं। महावीर मार्ग पर बसे श्रृंग्वेरपुर के जयरामदासजी फलहारी बाबा का कहना था कि जरूरी सुविधाएं भी अभी तक नहीं मिल पाई हैं। गोपालजी पांडेय का कहना था कि सडक़ भी नहीं बन पाई है। इसके अलावा टेंट तथा अन्य सुविधाएं भी अभी तक नहीं मिल पाई हैं। वहीं डीएम संजय कुमार खत्री, मेलाधिकारी शेषमणि पांडेय समेत अन्य अफसरों ने मेला क्षेत्र का भ्रमण किया और तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

आने लगे कल्पवासी, लेकिन आरटीपीसीआर जांच नहीं

कोविड प्रोटोकाल के तहत माघ मेला में आने वालों को आरटीपीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। जांच रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर की होनी चाहिए। अन्यथा, मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके विपरीत एक दिन बाद स्नान शुरू हो जाएगा।

इसके मद्देनजर बुधवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मेला क्षेत्र प्रवेश किया लेकिन उन्हें किसी ने नहीं रोका। हालांकि  प्रशासन का दावा है कि बृहस्पतिवार से अलग-अलग टीम में शामिल लोग श्रद्धालुओं की जांच करेंगे। मेला क्षेत्र में कंैप भी लग जाएंगे, जहां लोगों का कोविड टेस्ट होगा। इसके अलावा कैंप में जाकर भी जांच के लिए भी टीम बनाई गई है।

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Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज

बरसात से पिछड़ गई है तैयारी
पिछले दिनों लगातार कई दिनों तक हुई बरसात के कारण मेले की तैयारियों पर खासा असर पड़ा है। जो सड़कें बनकर तैयार हो गई थीं वहां पर पानी भर जाने से दलदल की स्थित पैदा हो गई। दो दिनों से मौसम के साथ होने के बाद काम में कुछ तेजी आई है।

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