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माघ मेला 2022: उमड़ेगी लाखों की भीड़, प्रोटोकॉल का पालन नामुमकिन

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 12 Jan 2022 12:22 PM IST
सार

  • मकर संक्रांति पर संगम में पुण्य की डुबकी के लिए आने वाली भीड़ के बीच कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन कराना सबसे बड़ी चुनौती
  • मकर संक्रांति पर प्रथम स्नान पर्व से माघ मेले का कल होगा आगाज, आने लगे हैं कल्पवासी 

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Magh Mela 2022: Crowds of lakhs will gather, it is impossible to follow the protocol
magh mela - फोटो : Prayagraj
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच दो दिन बाद ही मकर संक्रांति पर्व है। मेला क्षेत्र में इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने का अनुमान है। लेकिन इससे संक्रमण के फैलाव की भी आशंका बन गई है। कहा जा रहा है कि खराब मौसम में मकर संक्रांति के प्रथम स्नान पर्व पर देश के कोने-कोने से आने वाली भीड़ के बीच कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन कराना मेला प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगा।



 
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Magh Mela 2022: Crowds of lakhs will gather, it is impossible to follow the protocol
magh mela - फोटो : Prayagraj
संगम तट पर डुबकी लगाने से लेकर कपड़े बदलने तक के लिए जन सैलाब के बीच सामाजिक दूरी बनाए रखना नामुमकिन हो जाएगा। ऐसे में समय रहते कोविड नियमों को पालन के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति बिगड़ सकती है।

 लगातार बारिश से चौतरफा दलदल के बीच माघ मेले की शुरुआत ऐसे समय होने जा रही है, जब रेती पर कोरोना संक्रमण फैल चुका है। वहां डयूटी पर तैनात सात जवान कोविड की चपेट में आकर आइसोलेट किए जा चुके हैं। तेजी से फैल रहे संक्रमण के बीच एक तरफ लोगों की जिंदगी बचाने के लिए जहां तमाम प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, वहीं प्रयागराज में आस्था के नाम पर हर साल लगने वाले माघ मेले में महीने भर के जप, तप, ध्यान के लिए तंबुओं की नगरी बसाई जा रही है।

 
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magh mela - फोटो : Prayagraj
संगम तट पर ध्यान-साधना के इस मेले की शुरुआत 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर प्रथम स्नान पर्व से होगी। मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर संगम में लाखों श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की उम्मीद है। ऐसे में बड़ी तादाद में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आने वाले संतों-भक्तों से कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन कराना मेला प्रशासन के सामने चुनौती होगी। हालांकि सरकार ने इसके लिए एडवाइजरी जारी कर दी है।
 
Magh Mela 2022: Crowds of lakhs will gather, it is impossible to follow the protocol
magh mela - फोटो : prayagraj
वैसे, माघ मेले में हर शिविरों में रजिस्टर रखने, वैक्सीन की दोनों डोज लेने का सर्टिफिकेट लेकर आने जैसी सख्ती के बीच जहां श्रद्धालुओं को प्रोटोकॉल के पालन के लिए जागरूक करने की बात कही जा रही है, वहीं आस्थावानों की भीड़ पहुंचने लगी है।  
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magh mela - फोटो : Prayagraj
कहा जा रहा है कि पिछले साल हरिद्वार कुंभ का अंजाम देखने के बावजूद मेले के आयोजन पर रोक लगाकर योगी सरकार विधान सभा के चुनावी समर में वोटरों को नाराज करने का जोखिम मोल नहीं लेना चाहती, तो वहीं इस मसले पर दूसरे दल भी आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। राधा आध्यात्मिक सत्संग समिति की अध्यक्ष डॉ रा धाचार्या का शिविर अपर संगम मार्ग पर लग चुका है।
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