बालसन चौराहा व उसके आसपास के इलाके में एक घंटे तक रह-रहकर पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष होता रहा। वहां गुरिल्ला युद्ध जैसे हालात बने रहे। एक पल में पुलिस प्रदर्शन करने वालों को खदेड़ती तो अगले ही पल वह ईंट-पत्थर बरसाते हुए पुलिस को पीछे हटने पर मजबूर कर देते। बाद में आईजी खुद फोर्स लेकर आगे बढ़े तक हालात काबू में आ सके।
बालसन चौराहे पर मंगलवार को करीब 2.45 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। जिसके बाद दूसरी ओर से पथराव शुरू कर दिया गया। पुलिस व आरएएफ के जवानों ने खदेड़ा तो प्रदर्शनकारी पीछे हट गए। लेकिन कुछ ही देर बाद वह फिर ईंट-पत्थर बरसाने लगे। यह सिलसिला करीब एक घंटे तक ऐसे ही चलता रहा।
बालसन चौराहे व उसके आसपास हालात गुरिल्ला युद्ध जैसे हो गए थे। बालसन चौराहे के पास भारी फोर्स मौजूद थी तो कमला नेहरू व आनंद भवन के पास प्रदर्शनकारी मौजूद थे।कुछ के हाथों में ईंट-पत्थर थे तो अन्य डंडे लिए थे। फोर्स प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आगे बढ़ती तो वह भागकर आनंद भवन के सामने व बगल स्थित सड़क की ओर भागकर छिप जा रहे थे।
हालांकि अगले ही पल वह फिर सामने आ जाते और ईंट-पत्थर बरसाकर फोर्स को पीछे हटने पर मजबूर कर दे रहे थे। करीब एक घंटे तक यह हालात बने रहे। यह चल ही रहा था कि तभी नगर निगम की गाड़ी में आग लगा दी गई।
स्थिति काबू में न होते देख आईजी मोहित अग्रवाल खुद फोर्स लेकर आगे बढ़े। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी कटरा रोड की तरफ, कुछ यूनिवर्सिटी रोड पर और कुछ हाशिमपुर की तरफ भागे।